• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Ujjain
  • Court: Crime Against Women Is Not Common, Society Is Affected By Them, So There Is No Leniency In Punishment

रेप के दो मामलों में सुनाई सजा:कोर्ट ने कहा- महिलाओं के खिलाफ अपराध सामान्य नहीं, इनसे समाज प्रभावित होता है, इसलिए उदारता नहीं

उज्जैनएक दिन पहले
  • कॉपी लिंक

उज्जैन में गुरुवार को कोर्ट ने रेप के दो केस में अहम फैसला सुनाया। नाबालिग के रेप मामले में आरोपी युवक ने कोर्ट से निवेदन किया कि यह मेरा पहला अपराध है, इसलिए कम सजा दी जाए। इस पर कोर्ट ने सख्त टिप्पणी की। कहा- महिलाओं के खिलाफ अपराध सामान्य नहीं होते। ये सामाजिक अपराध होते हैं। इनसे समाज प्रभावित होता है, इसलिए आरोपी के प्रति उदारता नहीं दिखाई जा सकती। इसके साथ ही कोर्ट ने नाबालिग का अपहरण कर रेप करने वाले आरोपी को 20 वर्ष के लिए जेल भेज दिया। अपर सत्र न्यायाधीश एससी पाल की कोर्ट ने यह फैसला सुनाया।

उप-संचालक अभियोजन डॉ. साकेत व्यास ने बताया कि घटना जून 2019 की है। पिता मजदूरी करके जब शाम घर लौटा तो बेटी नहीं मिली। उसे गांव में ढूंढ़ा लेकिन नहीं मिली। फरियादी पिता की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपहरण का केस दर्ज कर लिया। आरोपी को पुलिस ने कुछ ही समय में गिरफ्तार कर लिया। नाबालिग ने बताया कि आरोपी महेश पिता प्रकाशचंद्र ने उसका अपहरण का रेप किया।

इस पर कोर्ट ने महेश को धारा 5(एल) सहपठित धारा 6 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम में आरोपी को 20 वर्ष का सश्रम कारावास, धारा 363 भादवि में आरोपी को 7 वर्ष का सश्रम कारावास तथा धारा 366(ए) भादवि में आरोपी को 10 साल की जेल की सजा सुनाई। प्रकरण में अपर लोक अभियोजक, तराना विशाल गुप्ता ने पैरवी की।

मजदूरी करने आई महिला से रेप, 10 वर्ष की जेल
उप-संचालक अभियोजन डॉ. साकेत व्यास ने बताया कि अगस्त 2018 में पीड़िता गोविंद नामक युवक के यहां मजदूरी करने आई थी। गोविंद ने उससे लहसुन का टोकरा घर के अंदर रखने को कहा, फिर उसे वहीं पकड़कर दुष्कर्म किया। घटना के बारे में बताने पर जान से मारने की धमकी दी। इस पर महिला ने बड़नगर थाने में गोविंद पिता रामगोपाल के खिलाफ बड़नगर थाने में रिपोर्ट लिखाई। कोर्ट ने आरोपी गोविंद को धारा 376 के तहत 10 साल के लिए जेल भेज दिया।