पेयजल में लापरवाही की हद / नहर में बहाकर ला रहे पानी में मृत गाय, वाटर वर्क्स के पीछे भी गंदगी, कोरोना से ज्यादा तो पानी से खतरा

Dead cow in flowing water in canal, dirt behind water works even more than corona, danger from water
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Dead cow in flowing water in canal, dirt behind water works even more than corona, danger from water

  • शहर में सप्लाई होने वाले पानी की हकीकत
  • शहर का मुख्य पेयजल स्रोत चीलर डेम से पानी चोरी होने पर 2 फीट पानी बचा है

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 05:00 AM IST

शाजापुर. कोरोना के संक्रमण से बचने के लिए पिछले दो माह से घरों में बंद रहने वाले शहरवासियों के स्वास्थ्य को संक्रमण से ज्यादा यहां के पानी से खतरा है। शहरवासियों को सप्लाई किया जा रहा पानी कितना सुरक्षित है। यह जानने के लिए गुरुवार व शुक्रवार को भास्कर टीम ने जायजा लिया तो चौंकाने वाली हकीकत सामने आई। जिस पानी को हम पी रहे हैं, उसे वाटर वर्क्स तक आने से पहले इतना गंदा कर दिया जाता है कि हम कल्पना भी नहीं कर सकते।
डेम में अब ढाई से 3 फीट पानी बचा है और यहां से नहर व नदी में बहाकर पानी वाटर वर्क्स के पीछे तक लाया जा रहा है। गुरुवार को डेम पर पहुुंंची भास्कर टीम ने देखा डेम से बहकर नहर में आ रहे पानी में मोटरें लगी थी। मोटर के पास तार के संपर्क में आने से एक गाय की करंट से मौत हो गई और गाय उसी पानी में पड़ी थी। यहां न तो गाय मालिक दिख दिया और न मोटर मालिक। नहर के बाद करीब एक किमी तक नदी में बहकर आ रहे पानी में भी पूरे रास्तेभर गंदगी मिलती है। 
3 किमी दूर से बहकर आ रहे पानी की मॉनीटरिंग नहीं
पीने के लिए शहर लाए जा रहे पानी की शुद्धता को लेकर नपा का अमला भी गंभीर नहीं है। यही वजह है कि करीब तीन किमी से दूर बहकर आ रहे पानी की नपा की टीम मॉनिटरिंग ही नहीं करती।  डेम से लाए जा रहे पानी में मरी हुई गाय को देख नपा की सारी हकीकत सामने आ गई। माॅनीटिरंग के अभाव में पानी में मिल रही ऐसी गंदगी तो हमें घरो में रहकर भी बीमार कर देगी। यानी कोरोना से ज्यादा तो हमें यहां के पानी से खतरा है। 
दो माह आ रहा ऐसा पानी 
पिछले करीब दो माह से पानी ऐसे ही डेम से खुले में बहाकर वाटर वर्क्स तक लाया जा रहा है। केवल बारिश के सीजन से पाइप लाइन से नपा ने शहर तक पानी पहुंचाया था। बाद में डेम का पानी कम होने के बाद मार्च माह से ही फिर ऐसे ही नहर व नदी में बहाकर शहर तक लाना शुरू कर दिया। मामले में नपा सीएमओ भूपेंद्र दीक्षित के मुताबिक पानी का लेवल कम होने के कारण बाद में पाइप लाइन से पानी पहुंचाना संभव नहीं हो सका। इस कारण पहले की तरह ही नहर व नदी में बहाकर पानी वाटर वर्क्स तक लाया जा रहा है। वाटर वर्क्स में दो बार फिल्टर करने के बाद ही पानी शहर में सप्लाई होता है।  

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