मरीजों के लिए मुसीबत यह भी:मौसम में बदलाव होते ही कोरोना के साथ डेंगू और मलेरिया भी बढ़ा

उज्जैनएक वर्ष पहले
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कोरोना के साथ डेंगू और मलेरिया भी बढ़ा - Dainik Bhaskar
कोरोना के साथ डेंगू और मलेरिया भी बढ़ा
  • इधर मरीज बढ़ रहे, उधर सेंट्रल लैब में एलाइजा टेस्ट के लिए टेक्नीशियन ही नहीं
  • मलेरिया विभाग के रिकाॅर्ड में जिले में आठ मलेरिया व दो डेंगू के मरीज

मौसम में बदलाव का असर लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ने लगा है। अब शहर व जिले में मरीजों पर मलेरिया, डेंगू व वायरल फीवर के साथ कोरोना के संक्रमण का अटैक बढ़ने लगा है। कोराेना संक्रमण के बीच में साधारण डेंगू के अलावा हेमारेजिक व डेंगू शॉक सिंड्रोम के मरीज भी पाए जा रहे हैं।

पिछले 16 दिनाें में 1 से 16 नवंबर तक की स्थिति में कोरोना के 157 मरीज सामने आ चुके हैं और डेंगू तथा मलेरिया के मरीज पाए गए हैं। वायरल फीवर के मरीज भी पिछले पांच दिनों में बढ़ गए हैं। डेंगू के मरीज सामने के बीच चरक अस्पताल में संचालित सेंट्रल लैब में एलाइजा टेस्ट करने के लिए लैब टेक्नीशियन ही नहीं है। पूर्व में यहां पर दो टेक्नीशियन थे, जिनकी ड्यूटी कोरोना टेस्ट में लगा रखी है।

ऐसे में लैब में एलाइजा की जांच के लिए कोई टेक्नीशियन उपलब्ध नहीं है। जिला मलेरिया अधिकारी अविनाश शर्मा ने बताया अभी मलेरिया के आठ केस और डेंगू के दो मरीज सामने आ चुके हैं। रोकथाम के लिए दवाइयों का छिड़काव किया जा रहा है। लार्वा पाए जाने पर नष्ट किया जा रहा है। इसकी रिपोर्ट तैयार की जा रही है।

डेंगू की एलाइजा जांच की सुविधा

जिला अस्पताल और चरक में आने वाले मरीजों की मलेरिया जांच की जा रही है, इसके लिए बुखार आदि के मरीजों के ब्लड सैंपल लिए जा रहे हैं ताकि बीमारी का पता चल सके और इलाज हो सके। सेंट्रल लैब में डेंगू की एलाइजा जांच की सुविधा उपलब्ध है।

-डॉ. महेश मरमट, प्रभारी सिविल सर्जन

जिला व प्राइवेट अस्पतालों में भीड़

चौतरफा बीमारी फैलने से जिला अस्पताल और प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है।प्राइवेट अस्पतालों में हर रोज तीन से चार मरीज सामने आ रहे हैं। हालांकि जिला मलेरिया विभाग के रिकाॅर्ड में मलेरिया के केवल आठ तथा डेंगू के दो मरीज ही दर्ज हैं, जो माकड़ाैन क्षेत्र के गांव बंजारी के हैं।

उक्त दोनों मरीज पहले शाजापुर में भर्ती हुए थे, उसके बाद उन्हें देवास रैफर किया था, जहां जांच में उनमें डेंगू की पुष्टि हुई थी। जिला मलेरिया विभाग द्वारा सर्विलेंस व एंटी लार्वा के लिए पांच-पांच कर्मचारियों की तीन-तीन टीमों को शहरी क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। टीम ने मंगलवार को शहर के नयापुरा क्षेत्र में खुली नालियों व पानी की खुली टंकी और हैंडपंप के आसपास जमा पानी में दवाई का छिड़काव किया। हालांकि यहां लार्वा नहीं पाया गया।

ऐसे बढ़ रहे बीमारियों के मरीज

हॉस्पिटल मरीज कब से कब तक

जिला अस्पताल 5976 1 से 17 नवंबर चरक अस्पताल 2975 --”-- कोरोना संक्रमित 157 --”-- ईएनटी 145 --”-- टीबी 03 --”-- मलेरिया 12 --”-- डेंगू 09 --”-- वायरल फिवर 13 --”--

नोट: मलेरिया विभाग के रिकाॅर्ड में केवल मलेरिया के आठ मरीज और डेंगू के दो मरीज दर्शाए गए हैं।

समय पर इलाज नहीं तो जानलेवा

शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. रवि राठौर ने बताया साधारण डेंगू बुखार व डेंगू हेमारेजिक व डेंगू शॉक सिंड्रोम के मरीज पाए जा रहे हैं। मरीज को समय पर इलाज नहीं मिलने पर जानलेवा हो सकता है। बुखार आने पर पेरासिटामॉल ही लें।

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