नई मुसीबत:डेंगू 33 साल में सबसे ज्यादा, 2 दिन में 36 मरीज बढ़े; डेंगू 304

उज्जैन2 महीने पहले
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चामुंडा माता मंदिर के सामने - Dainik Bhaskar
चामुंडा माता मंदिर के सामने
  • कोरोना से जीतकर आगे बढ़ रहे उज्जैन में नई मुसीबत
  • अब यहां डेंगू के भी ए-सिम्टोमेटिक मरीज मिल रहे

जिले में डेंगू का प्रकोप तेजी से फैल रहा है। दो दिन में ही 36 नए मरीज बढ़ गए हैं। इसके साथ ही उज्जैन में डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़कर 304 हो गई है। 33 साल में सबसे ज्यादा मरीज इस बार पाए गए हैं। डेंगू पर नियंत्रण नहीं किया तो इसी तरह मरीज बढ़ते जाएंगे और मरीजों के इलाज का संकट खड़ा हो सकता है। डेंगू का ज्यादा असर बच्चों और बुजुर्गों पर हो रहा है।

जिला अस्पताल के अंतर्गत चरक बिल्डिंग में संचालित सेंट्रल पैथालॉजी लैब में की मरीजों की जांच में मंगलवार को 18 में डेंगू की पुष्टि हुई थी और बुधवार को भी 18 मरीज पाए गए। इस तरह दो दिन में ही 36 नए मरीज बढ़ गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अक्टूबर-नवंबर तक डेंगू का प्रकोप रहेगा। इसी तरह डेंगू का प्रकोप रहा तो मरीजों की संख्या एक हजार के पार हो सकती है। पूर्व सिविल सर्जन डॉक्टर एनके त्रिवेदी ने बताया कि 97-98 में डेंगू आया था उसके बाद अब इतना घातक डेंगू आया है। पिछली बार की तुलना में इतने मरीज इस बार ज्यादा आ रहे हैं।

कोरोना जैसा बेड संकट

बदलते मौसम में वायरल फीवर के मरीज भी बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में जिला अस्पताल से लेकर प्राइवेट अस्पतालों में मरीजों को बेड नहीं मिल पा रहे हैं। जिला मलेरिया विभाग की टीम उन क्षेत्रों में जाकर लार्वा सर्वे कर रही है, जहां पर डेंगू के मरीज पाए जा रहे हैं। लार्वा पाए जाने पर उन्हें नष्ट किया जा रहा है।

लार्वा को रोकना होगा

सीएमएचओ डॉ.संजय शर्मा ने बताया बारिश में वेक्टर जनित रोग मलेरिया, डेंगू व चिकनगुनिया फैल रहा है। जिसमें जलजमाव होने के कारण घरों में छोटे कंटेनर, टंकियां आदि में एक सप्ताह से अधिक समय तक पानी को एकत्रित नहीं रहने दें। उसे बदलते रहें। जिससे मच्छरों के लार्वा नहीं पनप पाएंगे। बुखार आने पर ब्लड की जांच करवाएं। मलेरिया या डेंगू की पृष्टि होने का पूरा इलाज करवाएं।

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