डेंगू का दंश:उज्जैन में डेंगू ने ली लैब टेक्नीशियन की जान, अब तक 143 मरीजों में डेंगू की पुष्टि

उज्जैनएक वर्ष पहले
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मृतक अर्चना का दो साल का बेटा भी है। - Dainik Bhaskar
मृतक अर्चना का दो साल का बेटा भी है।

उज्जैन के सबसे बड़े सरकारी चरक अस्पताल में लैब टैक्नीशियन अर्चना बनवार की मंगलवार को डेंगू से उपचार के दौरान मौत हो गई। अर्चना को चार दिन पहले बुखार आया था। अर्चना ने चरक अस्पताल की लैब में ही डेंगू की जांच कराई थी। जांच में पता चला कि अर्चना को डेंगू होने के साथ प्लेटलेट्स काफी कम हो गए हैं। उसे तत्काल माधवनगर अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत नहीं सुधरी तो अर्चना को इंदौर रैफर करना पड़ा।

माधवनगर डिस्पेंसरी में अर्चना का प्रारंभिक उपचार कर रहे डॉ. एचपी सोनाने ने बताया कि उनके प्लेटलेट तेजी से कम हो गए थे। तीन दिन में प्लेटलेट काउंट 26 हजार पर आ गए थे। साथ ही उन्हें पीलिया भी हो गया था। इससे अर्चना की हालत लगातार बिगड़ती जा रही थी। आगे का उपचार माधव नगर डिस्पेंसरी में संभव नहीं था। इसके चलते उन्हें इंदौर रैफर किया। अर्चना को मंगलवार को ही इंदौर रैफर किया गया था। वहां आईसीयू में रखकर उपचार किया लेकिन शाम को उनकी मौत हो गई। सिविल सर्जन डॉ. पीएन वर्मा ने भी डेंगू से अर्चना की मौत की पुष्टि की है।

उज्जैन में डेंगू से पहली मौत, 143 की रिपोर्ट डेंगू पॉजिटिव, लेकिन आधे से ज्यादा ठीक हुए -
उज्जैन में डेंगू से यह पहली मौत है। यहां डेंगू के मरीज लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब तक 143 मरीजों को डेंगू की पुष्टि हो चुकी है। इसमें से आधे से ज्यादा मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं। हालांकि शहर के निजी व सरकारी अस्पतालों में डेंगू, मलेरिया व वायरल के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। इसमें बुजुर्ग व बच्चों की संख्या ज्यादा है। सभी को सिरदर्द, उल्टी होने के साथ शरीर पर दाने उभर रहे हैं।

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