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स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल:अस्पताल में बेड, इंजेक्शन और ऑक्सीजन भी नहीं अब भी जनप्रतिनिधि कह रहे- व्यवस्था कर रहे हैं

उज्जैन6 महीने पहले
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डॉ मोहन यादव, उच्च शिक्षा और कोरोना जिला प्रभारी मंत्री के जवाब । - Dainik Bhaskar
डॉ मोहन यादव, उच्च शिक्षा और कोरोना जिला प्रभारी मंत्री के जवाब ।
  • मंत्री ने 50 लाख, विधायक ने 51 लाख रुपए दिए लेकिन अब तक शहर को इससे कोई राहत नहीं मिली

कोरोना के कारण हलाकान शहर में महामारी से पीड़ित मरीजों को न अस्पतालों में बेड मिल रहा और न ऑक्सीजन। मरीजों के परिजन तपती दोपहर से लेकर सन्नाटे भरी रात में भी दौड़-भाग कर रहे हैं। उन्हें अस्पताल में जगह मिल जाए तो इंजेक्शन नहीं मिलता। इलाज के अभाव में दम तोड़ने का हंगामा हर अस्पताल में गूंज रहा है।

जनप्रतिनिधि दावा कर रहे हैं कि वे व्यवस्था में जुटे हैं। उनका यह भी दावा है कि इलाज में मदद के लिए उन्होंने अपनी सरकारी निधि से लाखों रुपए की राशि दी है। हकीकत यह है कि उनकी इस राशि से मरीजों को कोई राहत नहीं मिली है। हालाकि वे स्वीकार करते हैं ऑक्सीजन की कमी है, इंजेक्शन नहीं मिल रहे, मौतें हो रही हैं। जनता के कुछ सवाल भास्कर ने जब इन जनप्रतिनिधियों से किए तो देखिए उनके जवाब क्या मिले-

सवाल

1 क्या देने की घोषणा की, उस राशि से शहर को क्या मिला? 2 अस्पतालों में बेड संकट खत्म क्यों नहीं करवा पा रहे? 3. ऑक्सीजन की कमी कैसे दूर होगी। स्टोरेज के अलावा जनरेट करने की क्या व्यवस्था करेंगे? 4. दवाओं का टोटा है, दूर करने के लिए आपने क्या प्रयास किए? 5. इतनी मौतें हो रही, क्या आपने आंकड़ों की सच्चाई जानने की कोशिश की? बुलेटिन और हकीकत में इतना अंतर क्यों? 6 आपने खुद अब तक क्या व्यवस्था करवाई, जिससे मरीजों को सीधे फायदा हुआ?

डॉ मोहन यादव, उच्च शिक्षा और कोरोना जिला प्रभारी मंत्री के जवाब

  • विधायक निधि से 50 लाख रुपए। राशि पीटीएस में ऑक्सीजन प्लांट बनाने में तथा कोरोना पीडितों के इलाज में राशि खर्च होगी।
  • 300 बेड के क्वारेंटाइन व केयर सेंटर बनाए हैं। अस्पतालों में भी बेड बढ़ाए जा रहे हैं।
  • चरक में स्टोरेज प्लांट लग चुका। आरडी गार्डी में 13 टन का स्टोरेज टैंक चालू हो गया है। पीटीएस, माधवनगर अस्पताल और आयुर्वेद अस्पताल में भी प्लांट बनेंगे।
  • मुख्यमंत्री से सीधे बात की। जिले के लिए अतिरिक्त कोटा उपलब्ध करवाया जा रहा है।
  • जानकारी है, कारण तो विशेषज्ञ बताएंगे। बुलेटिन और हकीकत में क्या अंतर है, इसे साबित नहीं कर सकते हैं। आंकड़ा इसलिए बढ़ा हुआ दिखाई दे रहा है क्योंकि संभाग से पेशेंट आते हैं। मृत्यु होने से यही अंतिम संस्कार हो रहा है।
  • अस्पतालों, क्वारेंटाइन सेंटरों का अवलोकन कर कमियों को दूर करवाया। तहसील स्तर पर इलाज की व्यवस्था की ताकि तहसील स्तर के मरीजों को वहीं इलाज मिल सके। व्यवस्था की निरंतर मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

पारस जैन, विधायक, उज्जैन उत्तर के जवाब

  • 51 लाख रुपए दिए। यह राशि से आयुर्वेद अस्पताल में गैस स्टोरेज, पीटीएस में क्वारेंटाइन सेंटर बनाने में खर्च होगी।
  • चरक, आरडी गार्डी में बेड बढ़े हैं। आयुर्वेदिक अस्पताल में 50 नए ऑक्सीजन बेड बढ़ाए जा रहे हैं।
  • चरक में स्टोरेज प्लांट लग चुका है। आरडी गार्डी में चालू हो गया है। पीटीएस और एक अन्य जगह भी प्लांट लगेगा। प्लानिंग हो गई है। सीएम से भी बात चल रही है।
  • सीएम से बात की थी। यह सच है अभी जरूरत एक हजार इंजेक्शन की है, मिल कम रहे हैं। जल्दी स्थिति सुधरेगी।
  • इससे इंकार नहीं की लोग मर रहे हैं। कोरोना से कितने व सामान्य कितने मर रहे इसकी जानकारी तो प्रशासन के पास है। मौत के आंकड़े इसलिए बढ़ रहे हैं कि लोग जल्दी इलाज के लिए नहीं आ रहे। बीमार हो तो तुरंत इलाज करवाएं।
  • इलाज की व्यवस्था में सहयोग कर रहे हैं। नागरिकों को कोई समस्या न आए इसकी व्यवस्था करा रहे हैं। लॉकडाउन में लोग बाहर न निकले, वैक्सीन लगवाएं, इसकी समझाइश दे रहे हैं। इसी से महामारी पर नियंत्रण में मदद मिलेगी।
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