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ऑनलाइन धर्म:बुद्ध जयंती पर शहर के हर घर में कोरोना यज्ञ के लिए ऑनलाइन संपर्क, गायत्री परिवार ने शुरू की तैयारी

उज्जैन2 महीने पहले
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  • यज्ञ की जानकारी देकर हवन सामग्री भी पहुंचाने का बंदोबस्त

उज्जैन कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए गायत्री परिवार 26 मई को हर घर में यज्ञ की तैयारी कर रहा है। घरों में यज्ञ हो, इसके लिए ऑनलाइन यज्ञ की जानकारी, महत्व आदि का प्रचार किया जा रहा है। जो लोग पंजीयन कराएंगे उनके पास हवन सामग्री पहुंचाने का प्रबंध भी किया जाएगा।

गृहे-गृहे गायत्री यज्ञ का 26 मई को होगा। इस दिन बुधवार और बुद्ध जयंती भी है। सरकारी छुट्टी भी रहेगी। 31 मई 2020 को हुए गृहे गृहे गायत्री यज्ञ 33000 घरों में एक साथ यज्ञ हुआ था। प्रचारक देवेंद्र श्रीवास्तव के अनुसार इस साल कोरोना महामारी पीक स्टेज पर है। यदि सभी घरों में एक साथ यज्ञ होता है तो निश्चित तौर से इसे समाप्त करने में मदद मिलेगी। 2020 में एक परिजन ने 25 घर पर संपर्क किया था। इस साल हम ज्यादा से ज्यादा घरों से संपर्क करेंगे। इस बार सभी से अनुरोध है और भी यज्ञ से संबंधित सभी जानकारियां ऑनलाइन, सोशल मीडिया और ऑनलाइन मीटिंग के माध्यम से दी जाएगी। यज्ञ की ट्रेनिंग भी दी जाएगी, यज्ञ सामग्री की व्यवस्था के लिए भी संपर्क सूत्र दिए जाएंगे।

उन्होंने बताया कि जो लोग यज्ञ करना चाहते हैं वे गायत्री परिवार से ऑनलाइन जानकारी ले सकते हैं। ऐसे करें घर को सैनिटाइज तांबे के बर्तन को गैस पर रखकर तेज गर्म कर उस पर गाय के गोबर के कंडे के छोटे टुकड़े और घी देशी गाय का डालें। जब कंडा अच्छी तरह जल जाए और सफेद धुआं उठने लगे तब उसमें देसी कपूर और गुड़ का चूरा, अजवाइन, गिलोय, नीम की सूखी पत्तियां, गूगल डालकर घर के बीच में रखें। घर के हर हिस्से भी पूरे घुमाएं। इस तरह से घर में औषधीय धुएं से सैनिटाइजेशन किया जा सकता है।

आओ घर-घर हवन करें, कोरोना का दमन करें परमहंस डॉ. अवधेशपुरी महाराज ने आह्वान किया है कि नागरिक अपने घर में ‘यज्ञ थैरेपी’ का प्रयोग करें। उन्होंने कहा विज्ञान के अनुसार कोई भी पदार्थ नष्ट नहीं होता, वह रूपांतरित होता है। वास्तव में यज्ञ हवन का भी यही सिद्धांत है।

औषधीय जड़ी बूटियों से निर्मित सामग्री की आहुति अग्नि में पड़ने पर सूक्ष्म होकर धुएं के रूप में सर्वत्र फैलकर इंफेक्शन फैलाने वाले कीटाणुओं का विनाश करता है। इसकी पुष्टि राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान द्वारा की जा चुकी है। फ्रांस के वैज्ञानिक गिलेग्ने भी यज्ञ से पर्यावरण शुध्द होने का दावा किया है। यज्ञ का धुआं सर्दी, बुखार, जुकाम, सिर दर्द, टीबी, डायबीटिज, बीपी व अवसाद जैसी 100 से अधिक बीमारियों को समाप्त कर देता है। मंत्रों से 108 आहुतियां दी जाना चाहिए।

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