ओलावृष्टि के बाद मौसम पर धुंध:उज्जैन में देर रात तक गिरे ओले, कई जगह फसलें बर्बाद, सुबह छाया कोहरा

उज्जैन13 दिन पहले
उज्जैन में इस आकार के ओले गिरे।

उज्जैन में शनिवार सुबह से ही कोहरा छाया रहा। मौसम पूरी तरह से साफ हो गया। गुरुवार-शुक्रवार को छाए बादल शनिवार को पूरी तरह साफ हो गए। धूप निकलने के कारण राहत महसूस हुई। लेकिन शुक्रवार शाम से शुरू हुई बारिश शनिवार अल सुबह तक जारी रही। इस वजह से मौसम में नमी बनी हुई है। पारा भी गिर गया। शुक्रवार-शनिवार का न्यूनतम तापमान 15.2 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। शनिवार सुबह 8 बजे तक वेधशाला में 12 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई।

लहसुन और आलू की फसलें आड़ी पड़ गई। खेतों में ओले की चादर जम गई।
लहसुन और आलू की फसलें आड़ी पड़ गई। खेतों में ओले की चादर जम गई।

लहसुन, प्याज, चने और आलू को नुकसान -

शुक्रवार रात से ही उज्जैन और आसपास के जिलों में ओलावृष्टि हुई। उज्जैन में भी रात करीब 11 बजे के बाद कई इलाकों में 15 से 20 मिनट तक ओले गिरे। वहीं ग्रामीण इलाकों में ओलावृष्टि के कारण चने, लहसुन, प्याज की फसलों को नुकसान हुआ है।

रास्तों पर भी ओले गिरने के कारण लोगों को निकलने में दिक्कत हुई।
रास्तों पर भी ओले गिरने के कारण लोगों को निकलने में दिक्कत हुई।

कई गांवों में नुकसान -

ग्रामीण इलाकों में गोंदिया, लींबापीपलिया, लेकोड़ा, उन्हेल सहित कई जगहों पर ओले की चादर बिछ गई। जिसे कृषक फावड़े से साफ करते नजर आए। इसके अलावा बड़नगर, महिदपुर, तराना सहित अन्य तहसीलों में भी कहीं-कहीं ओलावृष्टि हुई है।

रात में पहुंचे खेतों पर –

ओलावृष्टि के बाद किसानों को फसलों की चिंता सताने लगी। तो वे देर रात ही खेतों में पहुंच गए। वहां फसलें आड़ी पड़ी थीं। कई जगह चने की फसल पूरी तरह बर्बाद हो गई। खासकर जहां चने पक कर तैयार थे। वहां फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई।

लहसुन और प्याज को भी नुकसान –

लहसुन और प्याज की फसलों अभी कई जगहों पर छोटी या मध्यम अवस्था में है। ऐसे में इन फसलों पर ओले की मार जमकर पड़ी। कई खेतों में पानी बह जाने से भी इन फसलों को नुकसान हुआ।

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