MP में इस साल भी नहीं होंगे छात्र संघ चुनाव!:उच्च शिक्षा मंत्री मोहन यादव बोले- अभी कोविड का तीसरा दौर, बाद में लेंगे निर्णय

आनंद निगम (उज्जैन)2 महीने पहले

मध्यप्रदेश सरकार इस साल भी सरकारी कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव कराने के मूड में नहीं है। उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि कोरोना का अभी तीसरा दौर चल रहा है। कोविड की स्थिति सामान्य होने के बाद ही मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से इस बारे में बात कर कोई फैसला लिया जाएगा। मोहन यादव शुक्रवार को उज्जैन पहुंचे थे। बता दें, हाल में प्रदेश में पंचायत और नगरीय निकाय चुनाव हुए हैं। ऐसे में छात्र संगठनों ने भी छात्र संघ चुनाव कराने की मांग शुरू कर दी है।

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प्रदेश में सरकारी 8 यूनिवर्सिटी हैं। 1327 प्राइवेट और सरकारी कॉलेज हैं। क्लासेस शुरू हुए 1 महीना बीत गया है। पड़ोसी राज्य राजस्थान में सरकार ने छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराने की घोषणा कर दी है। ABVP के प्रांत संगठन मंत्री प्रवीण शर्मा ने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने उच्च शिक्षा मंत्री और दूसरे नेताओं को लेटर लिखकर प्रदेश में छात्र संघ चुनाव कराने की मांग की है।

5 साल पहले हुए थे अप्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव

कॉलेजों में राज्य सरकार ने 5 साल पहले 2017 में अप्रत्यक्ष प्रणाली से छात्र संघ चुनाव कराए थे। हालांकि, छात्र संगठनों ने राज्य सरकार से चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए जाने की मांग की थी। इसे खारिज कर दिया गया था।

19 साल से नहीं हुए प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव

प्रदेश में प्रत्यक्ष प्रणाली से आखिरी बार 2003 में छात्र संघ चुनाव हुए थे। तब से अब तक लगातार छात्र संगठनों के नेता प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराए जाने की मांग कर रहे हैं। सरकार 19 साल से इस मांग को लगातार खारिज कर रही है।

छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर एनएसयूआई ने सोशल मीडिया पर कैंपेन भी चलाया है।
छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर एनएसयूआई ने सोशल मीडिया पर कैंपेन भी चलाया है।

ABVP बोली- छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से कराए सरकार

प्रवीण शर्मा ने बताया कि कॉलेजों में छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होने चाहिए। संगठन की ओर से राज्य सरकार को पिछले दिनों ज्ञापन भी दिया गया था, लेकिन सरकार ने प्रत्यक्ष प्रणाली से स्टूडेंट यूनियन इलेक्शन कराने के बारे में रुख स्पष्ट नहीं किया है। 2017 में भी छात्र संघ चुनाव संगठन की मांग पर कराए थे, तब भी ABVP ने प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने की मांग की थी, लेकिन सरकार ने स्टूडेंट यूनियन इलेक्शन अप्रत्यक्ष प्रणाली से कराए थे।

सिग्नेचर कैंपेन शुरू किया, मंत्री को ज्ञापन

NSUI के प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे ने बताया कि राज्य सरकार ने 2003 से छात्र संघ चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से नहीं कराए हैं, जबकि संगठन से जुड़े छात्र नेता लगातार प्रत्यक्ष प्रणाली से छात्र संघ चुनाव कराए जाने की मांग कर रहे हैं। प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव कराने की मांग को लेकर पिछले सप्ताह भोपाल की बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी के सामने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का पुतला दहन किया था। इसके साथ ही कॉलेजों में सिग्नेचर कैंपेन शुरू किया है।

भोपाल की बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी के सामने सीएम का पुतला दहन किया गया था।
भोपाल की बरकतउल्ला यूनिवर्सिटी के सामने सीएम का पुतला दहन किया गया था।

ऐसे होते हैं प्रत्यक्ष प्रणाली से चुनाव

अलग-अलग पद के लिए संबंधित कॉलेज के स्टूडेंट नामांकन दाखिल करते हैं। आम चुनाव की तरह अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सहसचिव समेत विभिन्न समितियों के सदस्य पद के लिए मैदान में उतरे उम्मीदवारों के लिए मतदान किया जाता है। काउंटिंग में ज्यादा मत मिलने वाले उम्मीदवार को विजयी घोषित कर दिया जाता है। इसके बाद चुने हुए पदाधिकारी कार्यकारिणी गठित करते हैं।

अप्रत्यक्ष प्रणाली चुनाव का मतलब

इसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, सहसचिव समेत अन्य पदों के उम्मीदवारों के लिए मतदान नहीं करते। इसमें हर क्लास से एक कक्षा प्रतिनिधि (क्लास रिप्रेजेंटेटिव-सीआर) मनोनीत किया जाता है। उसके लिए नामांकन भरने केवल क्लास में सबसे ज्यादा मार्क्स हासिल करने वाला स्टूडेंट (मेरिट लिस्ट में टॉप पर रहा छात्र ) ही पात्र होता है। मनोनीत सीआर, विभिन्न पदों के लिए नामांकन भर कर चुनाव लड़ते हैं। इसमें जिस उम्मीदवार को ज्यादा सीआर का वोट मिलता है, उसे विजयी घोषित कर दिया जाता है।

कोविड से सामान्य स्थिति होने पर ही कराएंगे छात्र संघ चुनाव

मामले में उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव का कहना है कि कोरोना का अभी तीसरा दौर चल रहा है। वैक्सीनेशन किया जा रहा है। जैसे ही, कोविड से सामान्य स्थिति होगी। छात्र संघ चुनाव कराएंगे। चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से होंगे या अप्रत्यक्ष प्रणाली, इसका फैसला छात्र संगठनों के नेताओं से राय लेकर को-ऑर्डिनेशन कमेटी और राज्यपाल की सहमति से होगा।