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जलसंकट की आशंका:गंभीर डेम नहीं भरा तो नर्मदा की लाइन से अंबोदिया फिल्टर प्लांट को जोड़ेंगे

उज्जैन15 दिन पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • एनवीडीए के साथ पाइप लाइन का सर्वे कराया

गंभीर डेम खाली रह जाने की स्थिति में शहर में भीषण जलसंकट उत्पन्न होने की आशंका है। इस स्थिति से बचने के लिए नगर निगम के पास केवल नर्मदा का पानी लेने का ही विकल्प है। निगम ने इस पर काम शुरू कर दिया है। रविवार को नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण और पीएचई अमले ने उन स्थानों का सर्वे किया जहां से नर्मदा की पाइप लाइन निकली है।

प्लान यह है कि नर्मदा की पाइप लाइन से पीएचई के अंबोदिया फिल्टर प्लान को जोड़ा जाए ताकि नर्मदा का पानी सीधे फिल्टर प्लांट में पहुंचे और वहां से शहर को सप्लाई के लिए दिया जा सके। गंभीर डेम में रविवार की स्थिति में 410 एमसीएफटी पानी है। डेम में पानी की आवक रुक गई है।

जबकि डेम की क्षमता 2250 एमसीएफटी है। 410 एमसीएफटी में भी 100 एमसीएफटी पानी का उपयोग नहीं किया जा सकता। यानी उपयोग के लिए केवल 310 एमसीएफटी पानी ही है। रोज औसत 8 एमसीएफटी पानी डेम से कम होता है तो इस पानी से 38 बार जलप्रदाय किया जा सकता है।

यानी एक दिन छोड़कर एक समय जलप्रदाय होता है तो दो महीने तक जलप्रदाय किया जा सकता है। शिप्रा के पानी का उपयोग भी किया जाए तो अधिकतम नवंबर तक शहर में जलप्रदाय की स्थिति है। इसके बाद शहर में सप्लाई के लिए पानी का बंदोबस्त करना होगा। इसके लिए निगम ने तैयारी शुरू कर दी है।

अंबोदिया फिल्टर प्लांट व गऊघाट से होती है सप्लाई

शहर में गंभीर से जलप्रदाय की स्थिति में अंबोदिया स्थित फिल्टर प्लांट का उपयोग होता है। दूसरा फिल्टर प्लांट गऊघाट पर है। यहां भी गंभीर से रॉ-वाटर भेजकर फिल्टर पानी शहर को सप्लाई किया जाता है।

गऊघाट पर शिप्रा से भी जलप्रदाय के लिए पानी लेने की व्यवस्था है। इसके लिए इंटेकवेल और फ्लोटिंग पंपिंग स्टेशन भी है। इसलिए पीएचई गंभीर के साथ शिप्रा के पानी का उपयोग भी जलप्रदाय में कर रहा है। इससे गंभीर से पानी की खपत कम होगी।

9 किमी दूर है लाइन, कनेक्ट करने में एक महीना लगेगा
नर्मदा की यह पाइप लाइन नर्मदा-मालवा लिंक प्रोजेक्ट की है। यह पाइंट फिल्टर प्लांट से करीब 9 किमी दूरी पर है। गंभीर और नर्मदा की पाइप लाइनों को कनेक्ट करने के लिए प्रोजेक्ट मंजूर होने पर टेंडर प्रक्रिया होगी तथा इसके बाद काम शुरू होगा।

इसमें कम से कम एक महीना लगेगा। गंभीर डेम में संग्रहित पानी से ही तब तक सप्लाई करना होगी। इस मुद्दे को लेकर पीएचई और एनवीडीए के अधिकारियों के बीच प्लान तैयार करने के लिए सोमवार व मंगलवार को भी मशक्कत होगी।

एनवीडीए को कलेक्टर की ओर से भी भेजा रहा पत्र
निगमायुक्त क्षितिज सिंघल के अनुसार यदि गंभीर डेम में बारिश का पानी नहीं आता है तो इसके विकल्प के तौर पर नर्मदा का पानी लेने पर विचार किया जा रहा है। एनवीडीए और पीएचई के अधिकारियों को संयुक्त रूप से कार्ययोजना बनाने को कहा है। इस संबंध में कलेक्टर आशीष सिंह की ओर से भी एनवीडीए को पेयजल के लिए नर्मदा का पानी उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा जा रहा है।

दो जगह नर्मदा की लाइन, एक से कनेक्ट करेंगे

नर्मदा का पानी लेने के लिए नगर निगम पीएचई और एनवीडीए के अधिकारियों ने रविवार को संयुक्त रूप से उन स्थानों का सर्वे किया जहां से नर्मदा और पीएचई की पाइप लाइन समीप है। निगमायुक्त के अनुसार अभी इस प्लान पर काम कर रहे हैं कि नर्मदा की पाइप लाइन को अंबोदिया प्लांट से सीधे जोड़ दिया जाए।

इससे नर्मदा का पानी सीधे प्लांट में आ जाएगा। इससे पानी वेस्टेज नहीं होगा। प्लांट से फिल्टर कर पानी सप्लाई किया जा सकेगा। सर्वे के दौरान नईखेड़ी रेलवे क्रासिंग के पास ऐसे दो पाइंट हैं, जहां से अंबोदिया की लाइन और नर्मदा की लाइन समीप है। यहां दोनों लाइनों को कनेक्ट किया जा सकता है।

अभी इसका डिटेल सर्वे होगा तब स्थिति स्पष्ट होगी। गंभीर की एक लाइन त्रिवेणी स्टाप डेम पर भी आई है। इसका पानी नदी से होकर गऊघाट स्टाप डेम तक पहुंचता है, जहां से उक्त पानी को जलप्रदाय के लिए फिल्टर प्लांट में लिया जाता है।

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