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किराया बढ़ने के आसार:एसोसिएशन का स्लैब लागू हुआ तो इंदौर का किराया 62 से बढ़कर 100 रुपए हो सकता है

उज्जैनएक महीने पहले
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बस संचालकों ने डीजल की बढ़ती कीमतों को बनाया किराया बढ़ाने का आधार - Dainik Bhaskar
बस संचालकों ने डीजल की बढ़ती कीमतों को बनाया किराया बढ़ाने का आधार
  • परिवहन मंत्री ने दिए बसों का किराया बढ़ाने के संकेत : बोले- इसी महीने में निर्णय ले लेंगे

पैसेंजर ट्रेनें बंद हैं और जरूरतमंदों को बसों से सफर करना पड़ रहा है। इन परिस्थितियों के बीच अब बस में सफर करने वाले यात्रियों को आने वाले दिनों में बढ़ा हुआ किराया देना पड़ सकता है। क्योंकि बसों में किराया वृद्धि के संकेत राजस्व व परिवहन मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने दिए हैं। उन्होंने कहा किराया बोर्ड की बैठक के आधार पर इसी महीने बढ़े हुए किराए का निर्णय ले लेंगे। हालांकि वे यह स्पष्ट नहीं कर पाए कि यात्रियों पर कितना भार पड़ेगा।

इधर दूसरी तरफ ये जरूर है कि मप्र बस ऑनर्स एसोसिएशन ने शासन को किराया वृद्धि के लिए जो स्लैब दे रखा है यदि वह यथावत लागू होता है तो उज्जैन से इंदौर का किराया 62 रुपए से बढ़कर 100 हो सकता है। यदि कांट-छांट होती है तो ये आंकड़ा 90 से 92 तक रहने की उम्मीद भी है।

उज्जैन जिले से संचालित होने वाली 500 सहित प्रदेश में करीब 30 हजार यात्री बसें चलती हैं। अनलॉक के बाद से इनमें से अभी 65 फीसदी बसें चल रही हैं। संचालकों का तर्क है कि प्राप्त किराए की तुलना में बसों का मेंटेसेंन व डीजल खर्च भारी पड़ रहा है। उन्हें नुकसान हो रहा है। इन परिस्थितियों के बीच मप्र बस ऑनर्स एसोसिएशन शासन से किराया वृद्धि की मांग पर अड़ा हुआ है। दिसंबर 20 में तो एसोसिएशन ने किराया वृद्धि नहीं होने की स्थिति में बसों के चक्के जाम करने की चेतावनी तक दे दी थी। तब शासन की तरफ से आश्वासन मिलने पर एसोसिएशन ने चक्का जाम करना स्थगित किया था।

इस बीच किराए के नए स्लैब के बारे में किराया बोर्ड की बैठक में चर्चा भी होने की सूचना है। लेकिन किराया कितना बढ़ेगा और कब से लागू होगा यह तय होना बाकी है, इसे लेकर अब राजस्व व परिवहन मंत्री राजपूत ने संकेत दिए कि इसी महीने से बढ़ा हुआ किराया लागू हो सकता है। यदि ऐसा होता है कोरोना महामारी के इस दौर में यात्रियों पर अतिरिक्त भार पड़ेगा। ज्यादा फर्क सड़क मार्ग से बसों के जरिए डेली अप-डाउन करने वालों को पड़ेगा।

इसी महीने निर्णय ले लेंगे
बोर्ड की बैठक के आधार पर बसों का किराया बढ़ाएंगे। जल्द ही और इसी महीने में निर्णय ले लेंगे।
-गोविंद सिंह राजपूत, मंत्री राजस्व व परिवहन

परिवहन मंत्री से चर्चा हुई है
परिवहन मंत्री से शुक्रवार काे चर्चा हुई थी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि दो-तीन दिन में जल्द ही नए किराए स्लैब को लेकर स्थिति क्लियर करते हैं।
-जय कुमार जैन, प्रदेश महामंत्री, मध्यप्रदेश बस ऑनर्स एसोसिएशन

किराए की ताजा स्थिति
वर्तमान में जो स्लैब लागू है, वह प्रथम किमी के 7 रुपए और इसके बाद के प्रत्येक एक किमी के एक-एक रुपए के मान से लागू है। यानी उज्जैन से इंदौर की दूरी 56 किमी है। ऐसे में इसके पहले एक किमी के 7 रुपए और बाकी के 55 किमी के एक-एक रुपए के हिसाब से 55 रुपए हुए। इस तरह उज्जैन से इंदौर का किराया 62 रुपए तय है।

एसोसिएशन की मांग
बस ऑनर्स एसोसिएशन ने अपनी तरफ से किराया बोर्ड के समक्ष जो नया स्लैब रखा था है उसमें प्रथम किमी के 12 और बाद के प्रत्येक किमी के 1 रुपए 60 पैसे की दर है। यदि ये लागू होता है तो उज्जैन से इंदौर का किराया बढ़कर 62 से सीधे 100 रुपए हो जाएगा। हालांकि प्रस्तावित स्लैब यथावत कम ही लागू होती है।

किराए के स्लैब पर चर्चा हुई, लेकिन स्थिति स्पष्ट नहीं
इधर इन तमाम परिस्थितियों के बीच प्रस्तावित किराए के स्लैब पर किराया बोर्ड के पदाधिकारी चर्चा भी कर चुके हैं। हालांकि ये स्पष्ट नहीं है कि वे प्रस्तावित में से कितनी किराया वृद्धि के पक्ष में हैं। माना जा रहा है कि एसोसिएशन द्वारा प्रस्तावित स्लैब से कुछ कम मगर बढ़ा हुआ किराया लागू हो सकता है। जिससे उज्जैन से इंदौर का किराया 62 से बढ़कर 90 से 92 रुपए तक होने की संभावना है।
नोट : जानकारी एसोसिएशन के उज्जैन संभाग के प्रभारी शिव कुमार शर्मा से चर्चा के अनुसार।

बस संचालकों ने डीजल की बढ़ती कीमतों को बनाया आधार
किराया वृद्धि के लिए बस संचालकों ने ठोस आधार डीजल की कीमतों में वृद्धि होने को बनाया है। पत्र में ही उन्होंने स्पष्ट किया है कि इससे पहले किराया वृद्धि वर्ष 2018 में की गई थी तब डीजल 64 रुपए लीटर था और अब कीमत बढ़कर 82-83 रुपए हो गई है। यानी तब से अब प्रति लीटर पर 18-19 रुपए बढ़े हैं।

ऐसे होता है यात्री बसों के किराए का निर्धारण
यात्री बसों के किराए के निर्धारण में शासन स्तर की किराया बोर्ड अहम होता हैं। ये प्रस्तावित किराए का स्लैब पर चर्चा के बाद उसमें काट-छांट कर या यथावत की अनुशंसा कर, इसे लागू करवाने के लिए परिवहन मंत्री व मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत करता है।

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