• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Ujjain
  • If The Bed Was Not Found, The Bone Was Taken To The Ward, The Nurses Did Not Even Open The Door Of The Staff Room

महिला की मौत:बेड नहीं मिला तो हड्डी वार्ड ले गए, नर्सों ने स्टाफ रूम का दरवाजा ही नहीं खोला

उज्जैन2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
फाइल फोटो
  • परिजनों का आरोप- उपचार नहीं मिलने के कारण हुई महिला की मौत
  • समय पर इलाज शुरू हो जाता तो मरीज की जान बच सकती थी

जिला अस्पताल के महिला वार्ड में महिला मरीज के लिए बेड ही नहीं मिला, यहां सभी बेड मरीजों से भरे हुए थे। ऐसे में परिवार के लोग महिला को हड्डी वार्ड में ले गए। उन्होंने मरीज के इलाज के लिए स्टाफ नर्सों को आवाज लगाई लेकिन उन्होंने स्टाफ रूम का दरवाजा ही नहीं खोला। कुछ ही देर में महिला की मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि मरीज को गंभीरता से नहीं लिया गया। समय पर इलाज शुरू हो जाता तो मरीज की जान बच सकती थी।

बहादुरगंज में रहने वाली सुनीता पति अशोक शर्मा उम्र 46 साल की तबीयत खराब होने पर परिवार के लोग उसे सोमवार सुबह 4 बजे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। यहां इमरजेंसी में मौजूद डॉ. नीतिश अडवारकर ने जांच कर महिला को भर्ती करने के लिए कहा। महिला वार्ड में जगह नहीं होने से महिला को हड्डी वार्ड में ले गए, जहां महिला को भर्ती कर लिया गया। मंगलवार सुबह 8 बजे महिला की मौत हो गई। परिवार के लोगों ने आरोप लगाया कि महिला को भर्ती करने के बाद कोई डॉक्टर मरीज को देखने नहीं आया। मरीज की स्थिति को देखकर भी गंभीरता नहीं दिखाई। आरएमओ डॉ. जीएस धवन का कहना है कि महिला का हार्ट और फेफड़े फेल हो चुके थे और किडनी में भी परेशानी थी। संभवत: हार्ट फेल होने से महिला की मौत हुई है।

इधर शहर के एक प्राइवेट अस्पताल में मरीज का ठीक से इलाज नहीं किए जाने का आरोप लगाते हुए परिजन मरीज को इंदौर ले गए। उनका आरोप है कि अस्पताल में कोई सीनियर डॉक्टर नहीं था, जूनियर डॉक्टर ही मरीजों को देख रहे हैं।

खबरें और भी हैं...