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  • In The Previous Master Plan, There Were 3 Transport Cities, Only 1 Left In The New ... They Will Also Be Built 2 Km Away From Udyogpuri.

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मास्टर प्लान-2035:पिछले मास्टर प्लान में 3 ट्रांसपोर्ट नगर थे, नए में 1 ही बचा...वह भी उद्योगपुरी से 2 किमी दूर बनाएंगे

रामसिंह चौहान|उज्जैनएक महीने पहले
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शिप्रा किनारे 100 मीटर के ग्रीन बेल्ट को छोड़कर मठ, आश्रम व छात्रावास का निर्माण कर सकेंगे। (फाइल फोटो) - Dainik Bhaskar
शिप्रा किनारे 100 मीटर के ग्रीन बेल्ट को छोड़कर मठ, आश्रम व छात्रावास का निर्माण कर सकेंगे। (फाइल फोटो)
  • जमीन को आवासीय करने का विरोध, कलेक्टर बोले- सिंहस्थ के लिए संरक्षित रखने के सुझाव शासन को भेज रहे

उज्जैन में 3 की बजाए एक ट्रांसपोर्ट नगर बन सकेगा, वह भी उद्योगपुरी से दो किमी दूर देवास रोड पर लालपुर में। यहां पर देवास रोड फोरलेन व गरोठ-उज्जैन के बीच बन रहे फोरलेन से इसकी कनेक्टिविटी रहेगी। मास्टर प्लान-2021 में इंदौर रोड पर ग्राम मेंढिया में व आगर रोड तथा विक्रम नगर सहित 3 ट्रांसपोर्ट नगर प्रस्तावित थे। इनमें से दो को कम किया है।

यूडीए का इंदौर रोड पर प्रस्तावित ट्रांसपोर्ट नगर में एनएचएआई का देवास-उज्जैन फोरलेन होकर गुजरेगा व आगर रोड पर मकान बन चुके हैं। गरोठ से उज्जैन तक बनने वाले फोरलेन के नजदीक 200 मीटर में ही आउटर रिंग रोड प्रस्तावित कर दिया है, जो मापदंड के तहत ठीक नहीं माना जा रहा है। यहां पास-पास में रेलवे दो ब्रिज की मंजूरी भी नहीं देगा। टीएंडसीपी ने नए मास्टर प्लान-2035 को प्रस्तावित कर दिया है, जाे कि 250 पेज का है। इसमें माधवनगर से देवासगेट बस स्टैंड तक ओवरब्रिज का निर्माण होगा। पहली बार डेवलपमेंट प्लान में 24 मीटर चौड़ी सड़कों पर जमीन के मिश्रित उपयोग का प्रस्ताव रखा है यानी इंदौर, देवास व आगर रोड पर आवासीय के साथ व्यावसायिक निर्माण हो सकेंगे।

मास्टर प्लान-2021 व 2035 में यह बड़ा अंतर : बड़ा असर सिंहस्थ क्षेेत्र पर भी

  • आवासीय के लिए नए क्षेत्र जोड़े, जिसमें सांवराखेड़ी ब्रिज के आसपास सिंहस्थ-2016 में अस्थायी सिंहस्थ क्षेत्र बनाया गया था और सिंहस्थ बायपास पर जहां सैटेलाइट टाउन बनाया गया था, वहां और आसपास की जमीन को अब आवासीय तथा पीएसपी यानी सार्वजनिक-अर्द्ध सार्वजनिक किया गया है।
  • यूडीए की पुराने शहर में पहली आवासीय योजना हक्कानीपुरा-खिलचीपुर का करीब 12 प्रतिशत क्षेत्र कम हो गया है यानी योजना को छोटा करना होगा। एनएचएआई के प्रस्तावित फोरलेन जो कि गरोठ-उज्जैन के बीच बनाया जाना है, उसके चलते आवासीय क्षेत्र कम होगा।
  • वर्तमान विकसित क्षेत्र सहित आवासीय क्षेत्र 3638 हेक्टेयर प्रस्तावित किया है, जबकि मास्टर प्लान-2021 में 40001 हेक्टेयर प्रस्तावित था।

शिप्रा नदी किनारे एफएआर बढ़ाया... शिप्रा नदी के किनारे 100 मीटर के ग्रीन बेल्ट को छोड़कर मठ, आश्रम व छात्रावास आदि का निर्माण किया जा सकेगा। यहां पर एफएआर बढ़ाया गया है। दो हेक्टेयर किया है। पहली बार प्लान में 589 हेक्टेयर क्षेत्र मिश्रित उपयोग का रहेगा। शिप्रा किनारे गुजरात की साबरमती नदी की तरह एक तरफ रोड बनाई जाएगी। जिसके किनारे दुकानें या शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बनाए जा सकेंगे।

मंगलनाथ व अंगारेश्वर के बीच पुल...नए प्लान के तहत सिद्धवट से अंगारेश्वर मंदिर तक पैदल पुल बनाया जाएगा, जिससे दोनों मंदिरों की कनेक्टिविटी हो सकेगी। दर्शनार्थी मंगलनाथ मंदिर में दर्शन करने के बाद सीधे पुल से अंगारेश्वर मंदिर जा सकेंगे। उन्हें दर्शन के लिए घूमकर नहीं जाना पड़ेगा।
गदा पुलिया के पास सांवेर रोड फाटक तक तिलक मार्ग को जोड़ने के लिए अंडर ब्रिज या ओवरब्रिज भी बनाया जा सकेगा। धतरावदा गांव को जोड़ने के लिए भी ओवरब्रिज का प्रस्ताव है, जिससे देवास रोड को जोड़ा जा सकेगा।

मंगलनाथ व अंगारेश्वर के बीच पुल...
फ्रीगंज ओवरब्रिज को चौड़ा किया जाएगा। सिंहस्थ-2028 के पहले प्राथमिकता के आधार पर इसे चौड़ा किया जाएगा। इसमें वन-वे सिस्टम लागू किया जा सकता है।

बेगमबाग रोड 24 मीटर चौड़ा होगा
प्लान के तहत महाकाल मंदिर पहुंच मार्ग को सुव्यवस्थित बनाने के लिए बेगमबाग मार्ग को 24 मीटर तक चौड़ा किया जाएगा, जो भारत माता मंदिर से हरिफाटक मार्ग तक बनेगा। बेगमबाग के रास्ते में आ रहे मकानों को तोड़कर रास्ता चौड़ा किया जाएगा। अभी यह रास्ता 14 से 18 मीटर ही चौड़ा है। साथ ही हरिफाटक ब्रिज व भगतसिंह मार्ग पर भी रेलवे ओवरब्रिज तक भी 24 मीटर चौड़ा किया जाएगा। महाकाल पार्किंग से महाकाल थाने तक की सड़क जो कि अभी 12 से 22 मीटर है, उसे भी 24 मीटर चौड़ा किया जाएगा। निकास चौराहा से गायत्री मंदिर तक अंकपात मार्ग को भी 24 मीटर चौड़ा किया जाना प्रस्तावित किया है।

स्थायी सिंहस्थ मेला क्षेत्र में कोई प्लान नहीं किया
शहर के डेवलपमेंट को ध्यान में रखकर मास्टर प्लान प्रस्तावित किया है। अब इसमें दावे-आपत्ति व सुझाव बुलाए गए हैं। उसके बाद कमेटी की बैठक में इन पर विचार होगा। दाउदखेड़ी प्लानिंग एरिया से बाहर है तथा सिंहस्थ-2016 में सांवराखेड़ी में अस्थायी सिंहस्थ क्षेत्र बनाया गया था जो कि सिंहस्थ होने के बाद समाप्त हो चुका है, इसलिए उसे प्लान में लिया है। स्थायी सिंहस्थ मेला क्षेत्र में कोई प्लान नहीं किया है।
- सी.के. साधव, संयुक्त संचालक, टीएंडसीपी

माधव क्लब रोड से देवासगेट क्षेत्र को जोड़ने के लिए भी ब्रिज प्रस्तावित है। यह पूर्व के मास्टर प्लान-2021 में भी प्रस्तावित किया जा चुका है। सिंहस्थ-2016 में विवादों के चलते यह ब्रिज नहीं बन पाया। इसके लिए सेतु निगम अब तक तीन प्लान बना चुका है।

7 फरवरी तक दावे-आपत्ति मांगे
नगरीय प्रशासन विभाग ने उज्जैन विकास योजना-2035 का प्रकाशन कर 7 फरवरी तक दावे-आपत्ति व सुझाव बुलाए हैं। दावे-आपत्तियों व सुझावों का निराकरण कर डायरेक्टर को भेजा जाएगा। उसके बाद मास्टर प्लान का प्रकाशन किया जाएगा।

आवासीय : शासन के निर्देशाें के आधार पर आगे निर्णय लेंगे
बायपास से लगी जमीनों को मास्टर प्लान में आवासीय घोषित करने का निर्णय अभी नहीं हुआ है। संत समाज, जनप्रतिनिधि, मीडिया व अन्य प्रबुद्धजनों के विचार में उक्त जमीन को सिंहस्थ के लिए संरक्षित रखने के सुझाव को मेरी तरफ से भी शासन को भेजा जा रहा है। सभी से विचार-विमर्श करने तथा शासन के निर्देशों के आधार पर आगे निर्णय लेंगे।
- आशीष सिंह, कलेक्टर

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