हिन्दी दिवस आज:इंटरनेट, स्मार्ट फोन और डिजिटल प्लेटफार्म ने हिंदी में फूंकी नई जान

उज्जैनएक महीने पहले
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अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कवि अशोक भाटी ने हिन्दी दिवस पर छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा तू कोयल सी बोली है, तू द्वार सजी रंगोली है, तू मां के दिल की धड़कन है, कठोर पिता का मन है, है दादी की मीठी लोरी तू, नानी की चांद चकोरी तू। भाटी ने कहा हिन्दी बोलने के लिए घर का माहौल भी उसके प्रति जागृत करना होगा। बच्चों को अंग्रेजी ज्यादा आसान लगती है क्योंकि माता-पिता शुरू से ही अंग्रेजी का महत्व ज्यादा बताते हैं। यदि वही महत्व हिन्दी का बताएं तो बच्चों को हिन्दी बोलने व उसमें काम करने में गर्व होगा।

प्रसिद्ध गीत व गजलकार कुमार संभव ने कहा कि हिन्दी की समृद्धि यह है कि हिन्दी ने विश्व की 70 भाषाओं के शब्दों को अपने अंदर आत्मसात कर लिया है। हिन्दी दुनिया की एकमात्र वैज्ञानिक भाषा है। वर्तमान में इंटरनेट, स्मार्ट फोन और डिजिटल प्लेटफार्म ने हमारी राष्ट्र भाषा हिन्दी में नई जान फूंकी है।

शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय, नलिया बाखल में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य शैलेंद्र व्यास ने कहा सरकार हिन्दी में बनती है और अंग्रेजी में चलती है। हिन्दी भाषा की विशिष्टता है कि हिन्दी ऊंच नीच को नहीं मानती। हिन्दी में कोई कैपिटल और स्मॉल लेटर नहीं होता, सब बराबर होते हैं। आधे अक्षर को सहारा देने के लिए पूरा अक्षर हमेशा तैयार रहता है। व्यास ने कहा, हिन्दी तेरे दर्द की यहां किसे परवाह, इक अंग्रेजी साल में, एक हिन्दी सप्ताह है।

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