गुरुवार भस्म आरती दर्शन:मस्तक पर त्रिपुण्ड और त्रिनेत्र धारण कर राजा स्वरुप दर्शन दिए महाकाल ने

उज्जैन2 महीने पहले

विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में भस्म आरती के दौरान महाकाल ने मस्तक पर त्रिपुण्ड रजत चंद्र और त्रिनेत्र और त्रिनेत्र धारण किया। इससे पहले तड़के 3 बजे मंदिर के कपाट खोले गए। ठंडे जल से महाकाल को स्नान कराने के पश्चात दूध,दही ,घी ,शहद ताजे फलों के रस से बने पंचामृत से अभिषेक पूजन किया गया।

भस्म आरती के दौरान महाकाल का मंत्रो उच्चार के साथ भांग,चन्दन,सिंदूर और आभूषणों से राजा के रूप में श्रृंगार किया गया। मस्तक पर रजत चंद्र , त्रिशूल , त्रिपुण्ड सहित आभूषण अर्पित किये गए। सिर पर शेषनाग का रजत मुकुट धारण कर रजत की मुंडमाला और रजत जड़ी रुद्राक्ष की माला के साथ साथ सुगन्धित पुष्प से बनी फूलों की माला अर्पित की गयी।

फलों और मिष्ठान का भोग लगाया। भस्म आरती में बड़ी संख्या में पहुंचे श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। महा निर्वाणी अखाड़े की और से भगवान महाकाल को भस्म अर्पित की गयी।