• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Ujjain
  • Major Projects Including 224 Crore Mahakal Rudrasagar Phase 1 Will Be Investigated As The Government Fears Irregularities

अब पड़ताल की बारी:224 करोड़ के महाकाल-रुद्रसागर फेज-1 सहित बड़े प्रोजेक्ट्स की जांच होगी क्योंकि सरकार को अनियमितताओं की आशंका

उज्जैन2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
निर्माणाधीन सरफेस पार्किंग। - Dainik Bhaskar
निर्माणाधीन सरफेस पार्किंग।
  • मुख्यमंत्री द्वारा स्मार्ट सिटी के 2019 तक के कामों की जांच की घोषणा से अफसरों में हड़कंप

स्मार्ट सिटी के कंट्रोल एंड कमांड सेंटर, शी-लाउंज, स्कूल भवन, स्वीमिंग पूल, साइकिल ट्रैक और स्मार्ट रोड जैसे कई बड़े प्रोजेक्ट जांच के घेरे में आ सकते हैं। इसके अलावा स्मार्ट सिटी की नई योजनाओं की मंजूरी पर भी कटौती की तलवार लटक गई है। अब स्मार्ट सिटी को नए काम के लिए राज्य शासन की मंजूरी लेना पड़ेगी।

मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने 2019 में स्मार्ट सिटी मिशन में हुए कामों, उनके औचित्य, टेंडर प्रक्रिया, खर्च की गई राशि तथा अनियमितताओं की जांच की घोषणा की है और नई योजनाओं के लिए पहले राज्य शासन की मंजूरी लेने को कहा है। वे स्मार्ट सिटी के कामों को लेकर सीधे जनप्रतिनिधियों के साथ भी बात करेंगे। मुख्यमंत्री की घोषणा से अफसरों में खलबली है।

उज्जैन स्मार्ट सिटी लिमिटेड के बड़े प्रोजेक्ट्स 2019 की समयावधि के ही हैं। इसके बाद स्मार्ट सिटी ने नए प्रोजेक्ट्स की डीपीआर भी तैयार करा ली है। इनमें से अनेक काम टेंडर प्रक्रिया में भी चल रहे हैं। प्रदेश की सभी सात स्मार्ट सिटी के कामों की समीक्षा के दौरान सीएम की तिरछी नजर को लेकर अफसरों में खामोशी छा गई है।

उज्जैन स्मार्ट सिटी के चेयरमैन कलेक्टर आशीष सिंह कहते हैं कि नई योजनाओं की भोपाल स्तर पर समीक्षा होगी ताकि उनकी प्राथमिकताएं तय हो सके। जनता को सीधे फायदा पहुंचाने वाले कामों को प्राथमिकता दी जाएगी। जनप्रतिनिधियों और नागरिकों के सुझावों के आधार पर काम तय होंगे।

क्राउड मैनेजमेंट, महाकाल-रुद्रसागर फेज-2, सर्विलांस सिस्टम की तैयारी पर भी तलवार लटकी

इनका फायदा नहीं मिल रहा

प्रोजेक्ट्स में से इंक्यूबेशन सेंटर अब तक चालू नहीं हुआ है। महाआरती व मलखंभ प्रदर्शन से उज्जैन की ब्रांडिंग बंद है। स्वीमिंग पूल का फायदा भी कोरोना के चलते नागरिकों को नहीं मिल सका। शहर में ग्रीन वाल्स का प्रयोग सफल नहीं हो सका। आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम में ई-चालान तो शुरू हो गए लेकिन इनकी वसूली के लिए जद्दोजहद हो रही है। साइकिलिंग का प्रोजेक्ट चालू नहीं हो सका, इसलिए साइकिल ट्रैक बनने के बाद भी इसका उपयोग नहीं हो रहा। स्मार्ट रोड के काम अभी भी अधूरे हैं।

ये काम हो रहे

  • सिद्धवट और कालभैरव मंदिर पर विकास कार्यों की शुरुआत हो चुकी है।
  • त्रिवेणी संग्रहालय के सामने सरफेस पार्किंग व धर्मशाला का निर्माण शुरू हुआ।
  • नानाखेड़ा फोरलेन पर चौराहे का सुधार कार्य किया जा रहा है।
  • मयूर वन का काम दिसंबर में पूरा होना है।
  • महाकाल थाने के पास प्राचीन द्वार का जीर्णोद्धार व विकास किया जा रहा है।
  • हटाई गई बेगमबाग अवैध बस्ती की जगह पर नीलकंठ वन का विकास होना है।
  • त्रिवेणी संग्रहालय से चारधाम तक 24 मीटर रोड का काम शुरू हुआ है।

ये अभी शुरू नहीं

  • रुद्रसागर के किनारे लाइट एंड साउंड शो, लेजर शो व वाटर कर्टन शो के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। मार्च 2022 तक पूरा करने का टारगेट है।
  • विक्रम विवि के पुरातत्व संग्रहालय के लिए नया भवन बनाया जाएगा।
  • महानंदा नगर स्थित तारामंडल में 3-डी प्लेनेटोरियम का निर्माण होगा।
  • रुद्रसागर पर पैदल पुल का निर्माण किया जाएगा।
  • महाकाल मंदिर में इमरजेंसी एंट्री-एक्जिट बनना है। जून 2022 का टारगेट रखा है।

इन्क्यूबेशन सेंटर चालू नहीं

मुख्यमंत्री ने कहा है स्टार्टअप्स इन्क्यूबेशन सेंटरों का प्रभावी संचालन किया जाए। युवाओं में उद्यमिता को विकसित करने के लिए औद्योगिक और तकनीकी संस्थाओं से आवश्यक सहयोग लिया जाए। उज्जैन स्मार्ट सिटी ने इन्क्यूबेशन सेंटर बना तो दिया लेकिन यह चालू नहीं हो पा रहा। इसके लिए विक्रम विश्वविद्यालय से अनुबंध किया लेकिन स्थिति जस की तस है। अब स्मार्ट सिटी आईआईटी व आईआईएम से संपर्क कर इसे चालू करने की कोशिश कर रही है।

इन प्राेजेक्ट की होगी जांच

सीएम की घोषणा के अनुसार 2019 के कामों की जांच होगी। इस दायरे में स्मार्ट सिटी के बड़े प्रोजेक्ट आएंगे। इनमें बॉयो मिथैनाइजेशन, स्मार्ट क्लास रूम, कंट्रोल एंड कमांड सेंटर, पावर सोलर प्लांट्स, शी-लाउंज, नूतन व गणेश स्कूल भवन, साइकिल ट्रैक, महाकाल-रुद्रसागर पहला चरण, स्मार्ट रोड, ग्रीन वाल्स, ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम, महाआरती व मलखंभ प्रदर्शन आदि प्रमुख हैं।

देरी से इनका फायदा नहीं

  • महाकाल-रुद्रसागर प्रोेजेक्ट के फेज-1 के कामों का वर्क आर्डर 2018 में हो चुका था। 224 करोड़ रुपए के यह काम अधूरे हैं। सीएम ने इन कामों को फरवरी 2022 तक पूरा करने का टारगेट दिया है। मंदिर के आसपास कार्य कराए जा रहे हैं।
  • स्मार्ट रोड के लिए 2018 में वर्क आर्डर जारी हो चुका था, लेकिन अभी भी इनके काम पूरे नहीं हुए हैं। इन कामों को पूरा करने के लिए दिसंबर का टारगेट रखा है।
  • ग्रीन वाल्स, रूफ टॉप लॉन्स प्रोजेक्ट्स में कुछ वाल्स ग्रीन हो सकी। इसका टारगेट भी दिसंबर है।
खबरें और भी हैं...