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  • Measured Shivling From All Sides, Took Samples Of Abhishek Water, Panchamrit And Worship Material; Investigation Is Also Being Done In Bhasma Aarti

ज्योतिर्लिंग कितना सुरक्षित:शिवलिंग को चारों तरफ से नापा, अभिषेक के जल, पंचामृत और पूजन सामग्री के नमूने लिए; भस्म आरती में भी हो रही जांच

उज्जैन2 महीने पहले
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  • जांच के लिए एएसआई और जीएसआई की टीम आई, सुप्रीम कोर्ट को सौंपेंगे रिपोर्ट

आर्कोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) और जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (जीएसआई) की टीम ने बुधवार को महाकालेश्वर मंदिर के शिवलिंग के क्षरण की जांच की। टीम के सदस्यों ने अलग-अलग स्तर पर पानी, पूजन सामग्री और शिवलिंग पर मौजूद गड्‌ढ़ों में जमा सामग्री के सैंपल लिए।सुप्रीम कोर्ट ने महाकालेश्वर मंदिर के शिवलिंग के क्षरण को लेकर दायर याचिका पर शिवलिंग क्षरण की जांच के लिए विशेष जांच दल बनाया हुआ है। इसमें एएसआई और जीएसआई शामिल है।

इसके अलावा मंदिर के स्ट्रक्चर की मजबूती की जांच के लिए केंद्रीय भवन अनुसंधान संस्थान (सीबीआरआई) को जिम्मेदारी देने के निर्देश दिए थे। मंदिर प्रबंध समिति ने सीबीआरआई से स्ट्रक्चर की जांच भी कराई थी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा एएसआई व जीएसआई के विशेषज्ञों की समिति साल में दो बार आकर शिवलिंग क्षरण की ताजा स्थिति की जांच कर रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत करती है। इसी कड़ी में 12 सदस्यीय दल ने डेरा डाला है। दोपहर में हुई जांच में टीम ने गर्भगृह में शिवलिंग का विभिन्न कोणों के नाप लिया। फोटो खींचे और शिवलिंग पर आए गड्‌ढों में जमा पूजन सामग्री और चढ़ाए जाने वाले जल के नमूने लिए। दिल्ली और भोपाल के विशेषज्ञों ने पूजन सामग्री के नमूने भी लिए हैं। यह टीम गुरुवार तड़के भस्मआरती में भी जांच करेगी तथा चढ़ाई जाने वाली भस्म आदि के नमूने भी लेगी। टीम में एएसआई के प्रवीण कुमार, रामजी निगम, तपन पाल, वीपी गौर प्रमुख हैं।

सुप्रीम कोर्ट ने क्षरण रोकने के लिए पूर्व में दिए थे निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने शिवलिंग का क्षरण रोकने के लिए पूर्व में 8 तरह के निर्देश दिए थे। इसमें शिवलिंग पर आरओ जल चढ़ाने, जैविक पूजन सामग्री का उपयोग करने, शिवलिंग पर पहनाए जाने वाले आभूषणों का वजन कम करने, शिवलिंग को आघात न पहुंचे ऐसे उपाय करने, गर्भगृह को सूखा रखने, पंचामृत में शकर की जगह खांडसारी का उपयोग, शिवलिंग पर घर्षण कम करने, पूजन सामग्री व पंचामृत तय मात्रा में चढ़ाने के सुझाव दिए थे। टीम देखेगी कि सुरक्षात्मक उपाय करने से शिवलिंग का क्षरण कितना कम हुआ। मंदिर के प्रशासनिक अधिकारी प्रतीक द्विवेदी के अनुसार टीम सुप्रीम कोर्ट को रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।

रसीदों पर से भगवान का चित्र हटाएं- मंदिर समिति द्वारा दी जाने वाली रसीदों पर भगवान के चित्र को लेकर पुजारियों ने आपत्ति ली है। इस मामले में मंदिर समिति अगली बैठक में विचार कर सकती है।

ओंकारेश्वर व नागचंद्रेश्वर मंदिर का अवलोकन

टीम के सदस्यों ने महाकालेश्वर मंदिर के प्रथम तल पर स्थित ओंकारेश्वर और ऊपरी तल पर स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर में जाकर स्ट्रक्चर का अवलोकन किया। यहां उन्होंने स्ट्रक्चर के पत्थरों की मजबूती को लेकर जांच की। यहां भी स्ट्रक्चर में आई खराबी के फोटो ग्राफ्स आदि लिए। विशेषज्ञों ने कहा कि वे अपनी रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में प्रस्तुत करेंगे।

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