931 रेमडेसिविर की डिमांड:मिले 526, इंतजार में 405; प्राइवेट अस्पतालों को 38 तो सरकारी अस्पतालों को 488 इंजेक्शन बांटे

उज्जैन6 महीने पहले
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कोरोना की दूसरी लहर में बढ़ते मरीजों के बीच उज्जैन को दो दिन छोड़कर रेमडेसिविर इंजेक्शन मिल पा रहे हैं, वह भी डिमांड की तुलना में आधे। ऐसे में 400 से ज्यादा मरीजों को इंजेक्शन नहीं मिल पा रहे हैं। इंजेक्शन की आपूर्ति पूरी तरह से नहीं हो पाने की स्थिति में, पहले वाले मरीजों को तो इंजेक्शन नहीं लग पाते और दूसरे दिन फिर मरीज बढ़ जाते हैं, हर रोज 250 के करीब पॉजिटिव आ रहे हैं। ऐसे में संतुलन भी नहीं बन पा रहा है।

उज्जैन में अब एक्टिव मरीज बढ़कर 2903 हो गए हैं, जिनमें 1463 मरीज सिम्प्टोमेटिक हैं। इनमें से करीब 931 मरीजों को इंजेक्शन लगना है। जबकि इंदौर से दो दिन बाद 526 इंजेक्शन मिल पाए। जिनमें से 488 इंजेक्शन सरकारी अस्पतालों को और 38 इंजेक्शन प्राइवेट अस्पतालों के मरीजों के लिए दिए गए। बुधवार रात तक 150 से 170 इंजेक्शन आने की संभावना है फिर भी डिमांड पूरी नहीं हो सकेगी, 235 मरीज फिर भी बगैर इंजेक्शन के रह जाएंगे। इंजेक्शन की कमी को देखते हुए कोविड सेंटर व अस्पतालों के डॉक्टर्स पहले गंभीर मरीजों को इंजेक्शन लगा रहे हैं।

डॉक्टर्स का कहना है कि पहले गंभीर मरीजों को प्राथमिकता दी जा रही है, उसके बाद इंजेक्शन बचते हैं तो दूसरे मरीजों को लगाए जाते हैं। ड्रग इंस्पेक्टर धर्म सिंह कुशवाह ने बताया इंजेक्शन की सप्लाई इंदौर से होती है। यहां से दो दिन छोडकर इंजेक्शन मिल पा रहे हैं। अभी 931 इंजेक्शन की डिमांड है और 526 मिल पाए हैं। बुधवार रात तक 150 से 170 इंजेक्शन आने की संभावना है। कलेक्टर आशीष सिंह के प्रयासों से इंजेक्शन मिल पा रहे हैं।
405 मरीज इंजेक्शन के इंतजार में
कोविड हॉस्पिटल में भर्ती मरीज जिन्हें डॉक्टर ने रेमडेसिविर इंजेक्शन लिखे हैं, इनमें से 405 मरीजों को अब तक इंजेक्शन नहीं मिल पाए हैं। मरीज इंजेक्शन के इंतजार में हैं। उनके परिवार के सदस्य इंजेक्शन के लिए मेडिकल स्टोर्स और अस्पतालों के चक्कर लगा रहे हैं।

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