कोरोना इफैक्ट:बच्चों व युवाओं में मोबाइल की लत, पतंग-मांझे की बिक्री 50% कम

उज्जैन4 दिन पहले
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तोपखाना में देर रात तक पतंगबाजों का मजमा। - Dainik Bhaskar
तोपखाना में देर रात तक पतंगबाजों का मजमा।
  • पतंग व मांझे के दाम 10 फीसदी से ज्यादा बढ़े, पहले 300 रुपए में 100 पतंगें आती थी, अब 330 रुपए देना पड़ रहे

शुक्रवार को मकर संक्रांति मनाई जाएगी लेकिन कोरोना का असर अब पतंगबाजी पर भी हो गया है। इसकी सबसे बड़ी वजह कोरोना के दौरान बच्चों और युवाओं का मोबाइल से अधिक जुड़ जाना है। व्यापारियों की मानें तो पिछले साल के मुकाबले शहर में पतंग व मांझे का व्यापार लगभग 50 प्रतिशत तक कम हो चुका है। इसके अलावा एक साल के भीतर डीजल के भाव बढ़ने और ट्रांसपोर्टेशन के साथ कच्चा माल भी महंगा होने से पतंग और मांझे के भाव भी 10 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गए हैं।

शहर में तोपखाना, लोहे का पुल, एटलस चौराहे के पास, फ्रीगंज सहित अन्य क्षेत्रों में करीब 100 छोटी-बड़ी दुकानें हैं। यहां मकर संक्रांति पर पतंग और मांझे की खरीदी के लिए गुरुवार को दिनभर लोग खरीदी के लिए पहुंचते रहे। तोपखाना के व्यापारी यूनुस खान गोल्डन एवं रईस खान ने बताया अधिकांश बच्चे और युवा नगर में पतंग उड़ाते हैं लेकिन कोरोना के दौरान ज्यादातर बच्चे एवं युवा मोबाइल में बिजी हो गए हैं। जिसकी उन्हें लत लग गई है। इस वजह से पिछले साल की तुलना में इस बार व्यापार 50 प्रतिशत कम हो गया है।

व्यापारी अय्यूब खान ने बताया नगर के अधिकांश व्यापारियों द्वारा पतंग व मांझे की खरीदी बरेली, रामपुर, जयपुर, कानपुर और अहमदाबाद से की जाती है। बीते एक वर्ष में डीजल और कच्चा माल महंगा हुआ है। जिससे पतंग और मांझे के दाम भी बढ़ गए हैं। जहां पहले सामान्यत: 300 रुपए में 100 पतंगें आती थी, उसके दाम इस बार औसतन 330 रुपए हो गए हैं। इसी तरह मांझे में एक रील की कीमत 80 से बढ़कर 100-110 रुपए तक पहुंच गई है।

बाजार में इस बार भी बच्चों को लुभाने के लिए मोटू-पतलू, डोरेमोन, मिक्की माउस आदि के चित्रों वाली पतंगें बनाई गई हैं। वहीं फिल्म अभिनेता व अभिनेत्रियों की तस्वीरों वाली पतंगें भी बाजार में है। पीएम नरेंद्र मोदी की तस्वीरें भी पतंगों पर खासी पसंद की जा रही है। व्यापारियों के अनुसार रामपुरी और जर्मनी ताव की पतंग युवा सबसे ज्यादा खरीद रहे हैं।

ऐसे करें खुद का बचाव

  • शुक्रवार को मकर संक्रांति है, ऐसे में जरूरत है कि लोग सावधान रहें। खासकर वाहन सवार।
  • चायना मांझे का उपयोग नहीं करें।
  • त्योहार के बीच सफर करते वक्त गले को मफलर से ढंके या फिर हेलमेट पहनें
  • जहां तक हो फुल आस्तीन की जैकेट पहनें।
  • प्रयास करें कि ब्रिज पर से ना गुजरें।
  • पुल पर बल की तैनाती हो हरिफाटक ओवर ब्रिज पर चायना मांझे से लोगों के घायल होने की घटनाएं होती हैं। लिहाजा मकर संक्रांति पर पुलिस प्रशासन को चाहिए कि वह ब्रिज पर बल तैनात करे, जो यहां से किसी को भी पतंगबाजी नहीं करने दे।
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