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डोर टू डोर सर्वे की शुरुआती रिपोर्ट:पुराने की बनिस्बत नए शहर यानी फ्रीगंज व देवास रोड की कॉलोनियों में सर्दी-खांसी, बुखार के ज्यादा रोगी

उज्जैन6 महीने पहले
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तहसीलदार श्रीकांत शर्मा सर्वे दल के साथ लोगों से स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए। - Dainik Bhaskar
तहसीलदार श्रीकांत शर्मा सर्वे दल के साथ लोगों से स्वास्थ्य की जानकारी लेते हुए।

कोरोना मुक्त अभियान के तहत शहर में डोर टू डोर सर्वे चल रहा है। इसकी प्रारंभिक रिपोर्ट कहती है कि पुराने शहर की बनिस्बत नए शहर यानी फ्रीगंज व देवास रोड की कॉलोनियों में सर्दी-खांसी व बुखार के ज्यादा रोगी मिल रहे हैं। गुरुवार को इस सर्वे को तीन दिन पूरे हो गए हैं। प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग ने दलों की सर्वे रिपोर्ट कंपाइल करना शुरू कर दी है। ताकि उसके आधार डॉक्टरों की टीमें बीमारों के यहां दवाई की किट पहुंचाती रहे।

महाकाल, खाराकुआं और कोतवाली थाना क्षेत्र के इंसिडेंट कमांडर व तहसीलदार श्रीकांत शर्मा कहते हैं कि मेरे क्षेत्र में बहुत ज्यादा बीमार लोग नहीं मिल रहे हैं। मैं खुद सर्वे दलों के साथ बेगमबाग कॉलोनी व तोपखाना आदि क्षेत्रों में गया हूं लेकिन अधिकांश लोग स्वस्थ हैं। गुरुवार तक हमारे 80 सर्वे दलों ने 7932 मकानों में रहने वाले 44746 लोगों का हेल्थ सर्वे किया। इनमें से केवल 76 ही सर्दी-खांसी व बुखार वाले मिले। इधर जीवाजीगंज क्षेत्र की इंसिडेंट कमांडर व तहसीलदार पूर्णिमा सिंघी कहती हैं कि उनके क्षेत्र में 11 सर्वे दल हैं। अब तक थोड़े-बहुत लोग बीमार मिले हैं। कुछ कोरोना पॉजिटिव होकर ठीक हो चुके हैं। गुरुवार तक उनके क्षेत्र में सर्दी-खांसी व बुखार के 134 लोग मिले।

गौरतलब है कि पिछले साल कोरोना की लहर में पुराने शहर के इन्हीं थाना क्षेत्रों में से सर्वाधिक कोरोना संक्रमित सामने आए थे। इधर इस परिवर्तन के पीछे आरआरटी टीम के प्रभारी डॉ. रौनक एलची कहते हैं कि पहली लहर के बाद इन क्षेत्रों के लोगों में इम्युनिटी डेवलप हो चुकी है। यही कारण है कि अब वहां ज्यादा बीमार नहीं मिल रहे हैं।

नए शहर में सर्दी-खांसी व बुखार के साथ अन्य लक्षण वाले मरीज भी मिल रहे हैं
इधर माधवनगर क्षेत्र के इंसिडेट कमांडर व तहसीलदार अभिषेक शर्मा कहते हैं कि उनके अधीन 68 दल सर्वे कर रहे हैं। यह रोज औसतन 15 हजार लोगों के हेल्थ की जानकारी जुटा रहे हैं। सर्दी-खांसी-जुकाम व बुखार सहित अन्य लक्षणों के रोगी मिल रहे हैं। उन्हें मेडिकल टीम से दवाई मुहैया करवाई जा रही है। कुछ लोग पहली बार में बीमारी के बारे में स्पष्ट नहीं बता रहे हैं लेकिन बाद में वे खुलकर चर्चा कर रहे हैं। आशंका है कि आगे के सर्वे में बीमारों का आंकड़ा और बढ़ेगा। हालांकि तीन दिन में कितने बीमार उनके क्षेत्र में सामने आए, वे यह नहीं बता पाए। कहा कि रिपोर्ट कंपाइल कर रहे हैं।

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