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हबीबगंज के बाद अब फतेहाबाद का नंबर:145 साल पुराने स्टेशन का नाम चंद्रावतीगंज रखने के लिए पीएम व रेल मंत्री को पत्र लिखेंगे सांसद

उज्जैन2 महीने पहले
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वर्ल्ड क्लास रेलवे स्टेशन हबीबगंज का नाम कमलापति रखने के बाद उज्जैन सांसद अनिल फिरोजिया ने फतेहाबाद रेलवे स्टेशन का नाम भी बदलने की मांग की है। सांसद फिरोजिया ने इसके लिए प्रधानमंत्री, रेल मंत्री और मुख्यमंत्री को पत्र लिखने की बात कही है। इसके साथ ही रेलवे स्टेशनों के नाम बदलने की परंपरा भी शुरू होने की उम्मीद है।

फतेहाबाद रेलवे स्टेशन 15 नवंबर को उस समय चर्चाओं में आ गया था जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भोपाल से उज्जैन-फतेहाबाद के नए ट्रैक पर मेमू ट्रेन को हरी झंडी दी थी। अभी इस स्टेशन का पूरा नाम फतेहाबाद चंद्रावतीगंज है।

इस कारण से बदलने की मांग -
सांसद अनिल फिरोजिया ने कहा कि गांव का नाम चंद्रावतीगंज है। लेकिन रेलवे के रिकॉर्ड में फतेहाबाद दर्ज है। जबकि यहां फतेहाबाद नाम का कोई गांव नहीं है। इसके साथ ही ग्रामीणों, सरपंच और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी स्टेशन का नाम फतेहाबाद से बदलकर चंद्रावतीगंज करने की मांग की है।

23 किमी का ट्रैक 245 करोड़ में सात साल में तैयार हुआ -
दरअसल 15 नवंबर को करीब 7 साल के लंबे इंतजार के बाद उज्जैन-फतेहाबाद के 23 किमी लंबे रेल मार्ग पर यात्री ट्रेन चली थी। इसका लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। यह ट्रैक 245 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ है।

145 साल पुराना इतिहास है स्टेशन का -
उज्जैन में मीटरगेज ट्रेनों का इतिहास 145 साल पुराना है।1876 में होलकर राजाओं ने इंदौर से उज्जैन के बीच यह रेल लाइन डाली थी। इतिहासकार रमन सोलंकी ने बताया कि औरंगजेब ने राजपूतों फातियाबाद गाँव को ओरंगजेब जीता था। गांव को फतेह करने के बाद इसका नाम फतेहाबाद नाम रखा गया था। गांव में आज भी फतेह मस्जिद मौजूद है।