710 नमूने लिए, 129 पर केस दर्ज:जिन दुकानों की खाद्य सामग्री का सेंपल फेल, वहां से दोबारा सेंपलिंग नहीं

उज्जैनएक महीने पहले
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खाद्य  विभाग ने साल में सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए अमानक टोस बनाने वाले मालिकों की फैक्ट्री जमींदोज कर दी थी। - Dainik Bhaskar
खाद्य विभाग ने साल में सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए अमानक टोस बनाने वाले मालिकों की फैक्ट्री जमींदोज कर दी थी।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने एक साल में खाद्य पदार्थों के रिकॉर्ड तोड़ 710 नमूने लिए हैं। इनमें से 129 सेंपल स्टेट लेबोरेटरी में फेल हो गए। लेकिन इन सभी 129 विक्रेताओं और खाद्य सामग्री निर्माताओं से दोबारा सेंपलिंग नहीं की गई। यह जानने के लिए कि कहीं वे दोबारा तो मिलावट या अमानक खाद्य सामग्री तो नहीं बेच रहे। हालांकि विभागीय अफसरों का मानना है कि एक बार कार्रवाई के बाद वह दोबारा कोई हिम्मत नहीं करता।

खाद्य विभाग ने 129 स्थानों पर कार्रवाई के दौरान 806 क्विंटल खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट कराई है। साथ ही इन सभी पर कानूनी कार्रवाई भी की जा रही है।

खाद्य सुरक्षा अधिकारी बसंत दत्त शर्मा ने बताया कि खाद्य विभाग किसी को टारगेट करके कार्रवाई नहीं करता। और चूंकि वह एक बार गड़बड़ी करते पकड़ा जाता है इसलिए दोबारा वही गलती नहीं करता। लेकिन फिर भी बहुत जरूरी होने या लगातार शिकायतें मिलने के बाद हम सेंपलिंग की कार्रवाई कर सकते हैं।

ईट राइट कैंपेन में लोगों को जागरुक कर रहे -
शर्मा ने बताया कि अभी हम ईट राइट कैंपेन चलाकर लोगों को खाद्य सामग्री के प्रति जागरुक कर रहे हैं। हमारी चलित प्रयोगशाला भी है, जिसमें लोग सेंपल लेकर केवल 10 रुपए में खाद्य सामग्री की जांच करा सकते हैं। शर्मा का कहना है कि यदि लोग ज्यादा से ज्यादा इस सेवा का लाभ लेंगे तो हमारे पास ज्यादा से ज्यादा नमूने आएंगे और उतनी ही ज्यादा मात्रा में अमानक खाद्य पदार्थों पर रोक लगेगी। लोगों के जांच में सेंपल फेल होने पर ऐसे संबंधित खाद्य पदार्थ निर्माताओं या विक्रेताओं पर पर विभाग भी कार्रवाई करता है।

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