पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

गो-काष्ठ निर्माण की दो आधुनिक मशीनें दान:महाकाल मंदिर की गोशाला में अब गोबर की लकड़ी बनेगी

उज्जैन2 महीने पहले
  • कॉपी लिंक

महाकालेश्वर मंदिर की चिंतामण रोड स्थित गोशाला में अब गोबर की लकड़ी बनेगी। लकड़ी का उपयोग शवदाह में किया जा सकेगा। शुक्रवार को समारोह में एक यजमान से गो-काष्ठ बनाने वाली दो आधुनिक मशीनें मंदिर समिति को दान की है। दान में प्राप्त मशीनों के लोकार्पण के मौके पर बताया कि मप्र जनअभियान परिषद के उपाध्यक्ष विभाष उपाध्याय ने गो-काष्ठ निर्माण की कल्पना की थी। उन्होंने बताया कि पिछले दिनों कोरोना की विभीषिका से मन व्यथित हो गया, इसी क्रम में श्मशान में दाह संस्कार के लिए गो-काष्ठ की उपलब्धता की जरूरत महसूस हुई थी। यह कल्पना आज कार्यरूप में परिणित हो गई।

मंदिर की पुरोहित समिति के अध्यक्ष अशोक शर्मा की प्रेरणा से यजमान ने गो-काष्ठ निर्माण की दो मशीनें गोशाला को दान की। अध्यक्षता करते हुए विधायक पारस जैन ने कहा कि पर्यावरण सरंक्षण की दिशा में दाह संस्कार के लिए पहली प्राथमिकता विद्युत शवदाह गृह व गो-काष्ठ का उपयोग ही होना चाहिए।

महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गिरि, भर्तृहरि गुफा के स्वामी रामनाथजी, आचार्य शेखर, बालयोगी उमेशनाथ, पूर्व निगम सभापति सोनू गहलोत, गोसेवा समिति के सदस्य राजेंद्र शर्मा, योगेश गहलोत, रवि सोलंकी, गोसेवक, जन अभियान परिषद सदस्य, बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

मंदिर प्रशासक व एडीएम नरेंद्र सूर्यवंशी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा गोसेवा करने वाले को जीवन में और कुछ करना शेष नहीं रहता, उसे सब प्राप्त हो जाता है। अतिथियों ने गोमाता का पूजन व गो-काष्ठ यंत्रों का पूजन कर शुभारंभ किया। संचालन डॉ. पीयूष त्रिपाठी व आभार सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल ने माना।

खबरें और भी हैं...