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जिंदगी टोकन पर है...:अब माधवनगर में नंबर मिल रहा, ओपीडी में वेटिंग, बेड खाली होगा तो ही मिल पाएगा वार्ड

उज्जैन6 महीने पहले
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माधवनगर में वार्ड व आईसीयू फुल होने से मरीजों को ओपीडी में ऑक्सीजन लगाकर रखा जा रहा है। - Dainik Bhaskar
माधवनगर में वार्ड व आईसीयू फुल होने से मरीजों को ओपीडी में ऑक्सीजन लगाकर रखा जा रहा है।
  • नई व्यवस्था... 25 से 30 मरीज वेटिंग में, मरीजों के डिस्चार्ज या हायर सेंटर रैफर किए जाने पर दूसरे मरीजों को वार्ड में भर्ती किया जा रहा

कोविड हॉस्पिटल माधवनगर में टोकन सिस्टम लागू किया गया है। इसके तहत मरीजों को नंबर दे दिए जाएंगे। बेड खाली होने की स्थिति में मरीज को वार्ड में भर्ती किया जाएगा। उसके पहले तक मरीजों को माधवनगर की ओपीडी में भर्ती रखा जाएगा। यहां पर करीब 25-30 मरीज वेटिंग में हैं, जिन्हें ओपीडी में रखकर ऑक्सीजन लगाई गई है। मरीजों को सीधे वार्ड में या आईसीयू में भर्ती नहीं किया जा रहा है, क्योंकि वार्ड में बेड भरे हुए हैं, बेड खाली होने पर वेटिंग के आधार पर मरीजों को वार्ड में भर्ती किया जाता है। यहां 15 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर सपोर्ट बेड भी लगाए गए हैं। इनके साथ ही अब माधवनगर में कुल ऑक्सीजन बेड 181 हो गए हैं।

अब 181 बेड, लेकिन मरीज 170 से ज्यादा

कोविड हॉस्पिटल माधवनगर में अब कुल बेड 181 हो गए हैं। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए बेड बढ़ाए गए हैं। अभी माधवनगर में 170 से ज्यादा मरीज हैं। इनके इलाज में कोविड-19 के नोडल अधिकारी डॉ. एचपी सोनानिया, डॉ. सोनाली अग्रवाल व डॉ. संजीव कुमरावत रात-दिन लगे हैं।

नए ऑक्सीजन बेड पर प्राथमिकता के आधार पर भर्ती कर रहे

नए ऑक्सीजन बेड पर प्राथमिकता के आधार पर वेटिंग के मरीजों को एडमिट किया गया है। मरीजों के बढ़ने से अस्पतालों में ऑक्सीजन बेड की समस्या हो गई है, इसलिए मरीजों को कोविड हॉस्पिटल भर्ती करने में परेशानी हो रही है। आईसीयू के भी सभी बेड भर गए हैं। ऐसे में माधवनगर आने वाले मरीजों को पहले ओपीडी में भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया जाता है। जिन्हें ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है, उन्हें ऑक्सीजन लगाई जाती है। हालांकि अब यहां भी जगह नहीं है।

पूरा फ्लोर मरीजों से भरा हुआ है। बढ़ते मरीजों को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने टोकन सिस्टम लागू किया है। ओपीडी में भर्ती मरीजों को टोकन दिया जाता है, जिसमें नंबर लिखा होता है। मरीजों के हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने पर बेड खाली होने की स्थिति में क्रमवार मरीजों को वार्ड में शिफ्ट कर दिया जाता है। आईसीयू में भी बेड खाली होने पर यहां गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाता है।

सुविधा की दृष्टि से टोकन सिस्टम लागू किया गया है
अस्पताल में टोकन सिस्टम लागू किया है। जिसमें मरीज को नंबर दे दिया जाता है। वार्ड में बेड खाली होने पर नंबर के आधार पर मरीजों को वार्ड में शिफ्ट किया जा रहा है। इससे व्यवस्था बनाने में सुविधा हुई है।
- डॉ. एचपी सोनानिया, नोडल अधिकारी, कोविड-19

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