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176 पुलिसकर्मी संक्रमित:सुरक्षित पुलिस के लिए अब खुद का हेल्थ प्लान, ऑनलाइन सर्वे, सुबह व शाम को चेकअप, फंगस पर भी नजर

उज्जैन18 दिन पहलेलेखक: कमल चौहान
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पुलिस लाइन स्थित अस्पताल में काेविड संक्रमित पुलिसकर्मियों का हेल्थ अपडेट लेते एडिशनल एसपी डॉक्टर रवींद्र वर्मा। - Dainik Bhaskar
पुलिस लाइन स्थित अस्पताल में काेविड संक्रमित पुलिसकर्मियों का हेल्थ अपडेट लेते एडिशनल एसपी डॉक्टर रवींद्र वर्मा।
  • वैक्सीन लगी थी इसलिए गंभीर नहीं हुए, फंगस से भी बचे

पहली बार कोविड संक्रमित 176 पुलिसकर्मियों का ऑनलाइन सर्वे कराया गया है। यह पुलिसकर्मी संक्रमित होने के पहले किस तरह की दिनचर्या रखते थे, कैसे संक्रमित हुए और अब आगे कोरोना के साइड इफेक्ट से वे और किसी गंभीर बीमारी के शिकार न हो इसके लिए प्रतिदिन उनका हेल्थ चैकअप भी शुरू कराया गया।

इसकी वजह से अभी तक कोई पुलिसकर्मी ब्लैक फंगस बीमारी का शिकार नहीं हो पाया। यह सब संभव इसलिए हो सका क्योंकि उज्जैन में पदस्थ आईपीएस अधिकारी एएसपी रवींद्र वर्मा खुद एमबीबीएस डॉक्टर हैं। कोरोना की दूसरी लहर ने इस बार उज्जैन में 176 पुलिसकर्मी संक्रमित हो गए। इनमें सिर्फ 18 पुलिसकर्मियों को ही अस्पताल में भर्ती करना पड़ा। शेष होम आइसोलेशन में ही उपचार से ठीक हो गए। इतने अधिक पुलिसकर्मियों के संक्रमित होने को लेकर एडीजी योगेश देशमुख ने एसपी सत्येंद्र शुक्ल को निर्देशित कर संक्रमित पुलिसकर्मियों के सर्वे का प्लान तैयार किया।

दो तरह से सर्वे कराया गया। पहला कोविड के पहले पुलिसकर्मियों का रहन-सहन, दिनचर्या और कोविड के बाद वे अन्य किसी बीमारी से ग्रसित तो नहीं, महामारी का उन्हें साइड इफेक्ट तो नहीं हो रहा। इस काम की बागडोर आईपीएस अधिकारी डॉक्टर रवींद्र वर्मा को सौंपी गई।

उन्होंने 28-28 पेज की दो सर्वे रिपोर्ट तैयार की। इसके लिए खुद रोज संक्रमण से ठीक हुए पुलिसकर्मियों का हेल्थ चैकअप करने पुलिस लाइन स्थित अस्पताल गए। पुलिसकर्मियों को खुद ही घर पर डे-हेल्थ चैकअप का तरीका भी सिखाया।
कोविड से पहले सर्वे- पहली लहर की सावधानी ने बढ़ाई इम्युनिटी
साल 2020 में कोरोना की पहली लहर आई तो उसने पुलिसकर्मियों को सबसे अधिक सतर्क बना दिया। नियमित योगा, भाप, काढ़ा, गिलोय का सेवन, रोज गरारे और विटामिन सी, जिंक टेबलेट ने उनकी इम्युनिटी बढ़ा दी।

अधिकांश पुलिसकर्मियों ने पहली लहर के बाद अपनाया कोविड प्रोटोकाल जारी रखा, उसका पालन किया, सावधानी भी बरती लेकिन फील्ड में ड्यूटी के दौरान व परिवार के संक्रमित सदस्यों के संपर्क में आने से संक्रमित हुए।
कोविड के बाद का सर्वे- मजबूत इम्युनिटी के साथ वैक्सीन बनी सुरक्षा कवच
साल 2021 में जो 176 पुलिसकर्मी संक्रमित हुए उनमें 20 से 30 की आयु के 27 प्रतिशत, 30 से 40 की आयु के 28 प्रतिशत, 40 से 50 की आयु वाले 22 प्रतिशत, 50 से 62 की आयु वाले 22 प्रतिशत पुलिसकर्मी शामिल हैं। इम्युनिटी पावर के साथ वैक्सीन के दोनों डोज ने इन्हें बचाया। इनमें तीन पुलिसकर्मी ऐसे भी थे जिन्हें वैक्सीन नहीं लगी थी और लंबे समय तक वे अस्पताल में भर्ती भी रहे, जिनकी बाद में मृत्यु हो गई।
किसी पुलिसकर्मी को ब्लैक फंगस नहीं हुआ,लक्षण पता कर रहे
संक्रमित होने के बाद अब ब्लड शुगर, ब्लड प्रेशर, ऑक्सीजन सेचुरेशन पुलिसकर्मी खुद ही चेक कर रहे, डे हेल्थ चेकअप इसे नाम दिया है। एएसपी डाॅक्टर रवींद्र वर्मा ने बताया जिन संक्रमित पुलिसकर्मियों को बीपी, शुगर समेत अन्य तकलीफ हैं, उन पर ध्यान देकर ब्लैक फंगस के लक्षण पर भी ध्यान दे रहे हैं। अभी तक पुलिसकर्मी फंगस से संक्रमित नहीं पाए गए।

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