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ब्लैक फंगस के मरीज बढ़े:अब ब्लैक फंगस की दवाइयों का भी शार्टेज, दाम भी ज्यादा

उज्जैनएक महीने पहले
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  • पूरे प्रदेश में उपलब्ध नहीं अम्फोटेरिसिन-बी

शहर में ब्लैक फंगस के मरीज बढ़ने लगे हैं। ऐसे में इसकी दवाइयों की भी कमी होने लगी है। कीमत भी ज्यादा वसूली जा रही है। उज्जैन में शार्टेज होने से मरीजों को दूसरे राज्यों से भी मंगवाना पड़ रही है। ताजा मामला आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज में भर्ती ब्लैक फंगस के मरीज का है। मरीज का ऑपरेशन होना था, जिसके लिए उसे अम्फोटेरिसिन-बी इंजेक्शन लगना था। यह इंजेक्शन उज्जैन में नहीं मिल पाया तो परिवार के लोगों ने गुजरात के सूरत से इंजेक्शन मंगवाया, जो उन्हें केवल 127 रुपए में ही मिल गया।

इस इंजेक्शन के उज्जैन में 4200 रुपए तक लिए जा रहे हैं। मार्केट में उपलब्ध नहीं होने के बावजूद डॉक्टर्स मरीजों को यह इंजेक्शन लिख रहे हैं। मामले में ड्रग इंस्पेक्टर धर्मसिंह कुशवाह ने बताया वर्तमान में अम्फोटेरिसिन-बी उज्जैन तो ठीक पूरे प्रदेश में उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। इसके अलग-अलग कंपनियों के रेट हैं, जेनेरिक व एथिकल।
दो मरीजों की आंखों की रोशनी गई
ब्लैक फंगस के अब तक 12 मरीज सामने आ चुके हैं। इनमें से दो मरीजों की आंख की रोशनी चली गई है। इंजेक्शन भी नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे ऑपरेशन में मुश्किल आ रही है। आरडी गार्डी मेडिकल कॉलेज के कोविड नोडल अधिकारी डॉ. सुधाकर वैद्य ने बताया ब्लैक फंगस के 12 मरीजों को भर्ती किया है।

उनकी सीटी स्कैन व एमआरआई करवाई गई है। दो मरीजों की आंखों की रोशनी अभी नहीं लौटी है, मरीजों को आब्जर्वेशन में रखा गया है। अम्फोटेरिसिन-बी भी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। ऐसे में मरीजों के आगे के ट्रीटमेंट और ऑपरेशन में मुश्किल आ रही है। मरीजों को दूसरे राज्यों से इंजेक्शन मंगवाना पड़ रहे हैं।

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