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बिना रीडिंग के बिजली बिल मामला:अब नई व्यवस्था; क्यूआर-कोड लगेंगे, मनमानी रीडिंग नहीं होगी दर्ज

उज्जैन19 दिन पहले
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प्रतीकात्मक फोटो - Dainik Bhaskar
प्रतीकात्मक फोटो

मीटर रीडिंग लिए बगैर ही 1791 परिवारों को मनमानी रीडिंग के बिजली बिल जारी करने का मामला सामने आने के बाद अब बिजली कंपनी ने नई व्यवस्था लागू कर दी है। इसमें क्यूआर-कोड सिस्टम क्विक रिस्पांस कोड के तहत मीटर रीडिंग होगी, जिसमें मीटर रीडर को घर-घर जाना होगा और मीटर में लगी चिप को स्कैन करना होगा, उसके बाद मीटर रीडिंग की डिटेल आएगी।

यह व्यवस्था लागू होने से रीडर को पहले से कम समय लगेगा, 20 सेकंड में ही मीटर रीडिंग हो जाएगी। मीटर रीडिंग के लिए रीडर के नहीं आने, मीटर रीडिंग नहीं करने और कम व ज्यादा रीडिंग दिए जाने जैसी शिकायतें दूर हो सकेगी।

शहर के करीब 1 लाख 27 हजार उपभोक्ता के यहां क्यूआर कोड लगाए जाएंगे, जो मीटर के पास में लगाया जाएगा। इसकी शुरुआत उन क्षेत्रों से की गई है, जहां पर मीटर रीडिंग नहीं लिए जाने की सबसे ज्यादा शिकायते हैं। दो माह में सभी उपभोक्ताओं के यहां क्यूआर कोड लगा दिए जाएंगे।

अनलॉक के बाद शुरू हुई बिलिंग में ज्यादा खपत के बिल जारी होने की शिकायतें सामने आने के बाद जांच में पाया गया कि मीटर रीडर उपभोक्ताओं के यहां मीटर रीडिंग लेने ही नहीं गए, उन्होंने मन से ही रीडिंग बिल बुक में दर्ज कर दी, जिसके आधार पर 1791 परिवारों को मनमाने बिल दिए गए। उपभोक्ताओं को डबल यूनिट के बिल जारी हो गए। ऐसे में उपभोक्ताओं पर महंगाई के दौर में बिलों का भार बढ़ गया। बिजली कंपनी के जोन कार्यालयों पर बिल सुधार के लिए लोगों की भीड़ जुटने लगी।

ऐसे काम करेगा सिस्टम
क्यूआर कोड को स्कैन करने के बाद मीटर व उपभोक्ता की जानकारी ऑटोमेटिक मोबाइल एप पर डिस्प्ले हो जाएगी। बिजली कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि नई व्यवस्था से मीटर रीडिंग नहीं होने, खपत से ज्यादा यूनिट का बिल दिए जाने जैसी शिकायतें काफी कम हो जाएगी।

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