विक्रम विश्व विद्यालय की ग्रेड गिरी, मंत्री का पुतला जलाया:उज्जैन में NSUI ने किया प्रदर्शन; उच्च शिक्षा मंत्री, कुलसचिव से मांगा इस्तीफा

उज्जैनएक महीने पहले

विक्रम विश्वविद्यालय को नैक ग्रेडिंग मूल्यांकन में पायदान नीचे उतरने का विरोध दिखने लगा है। शुक्रवार कांग्रेस पदाधिकारियों और एनएसयूआई ने विश्वविद्यालय परिसर में प्रदर्शन किया। मुख्य प्रशासनिक भवन के बाहर सद्बुद्धि यज्ञ भी किया। मुख्य द्वार पर उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव का पुतला दहन किया।

विक्रम विश्वविद्यालय में वर्ष 2015 के नैक मूल्यांकन के बाद ए ग्रेड मिली थी। दो साल के कोरोना काल के एक्सटेंशन के बाद विश्वविद्यालय के आवेदन पर एक बार फिर से 2022 में मूल्यांकन किया गया। इस बार विक्रम को बी ++ पर लाकर खड़ा कर दिया है। जाहिर है, विश्वविद्यालय की कार्य प्रणाली को लेकर सवाल तो उठेंगे। शुक्रवार को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व नगर निगम में पूर्व नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र वशिष्ठ के साथ ही एनएसयूआई से जुड़े पदाधिकारियों ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के बाहर प्रदर्शन करते हुए सद्बुद्धि यज्ञ किया। कांग्रेस नेता राजेंद्र वशिष्ठ ने कहा कि विक्रम विश्वविद्यालय की स्थिति बदतर हुई है।

वर्तमान में जो विश्वविद्यालय की ग्रेडिंग की गई, उसमें हम पहले ए ग्रेड पर थे, अब बी प्लस ग्रेड पर आ गए। शिक्षा की क्वालिटी और स्तर नीचे गया है। ग्रेड कम होने से 20 से 25 करोड़ अनुदान के रूप में मिलते थे। विश्वविद्यालय ने 245 कोर्स प्रारंभ किए, लेकिन उनमें से 60 से 70 प्रतिशत कोर्स अभी भी प्रारंभ ही नहीं हुए हैं। शिक्षक की कमी है। गुणवत्ता नीचे चली गई है।

एनएसयूआई के प्रदेश सचिव हिमांशु शर्मा के नेतृत्व में हुए आंदोलन के दौरान मप्र कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सुदर्शन गोयल, कांग्रेस नेता डॉ. जितेंद्र परमार, प्रदेश युवा कांग्रेस के पूर्व सचिव बबलू खिंची, संचित शर्मा, दीपेश जैन, शेखर रायकवार, अर्पित यादव, तरुण परिहार, जयंत ठाकुर, धर्मेंद्र मालवीय आदि मौजूद थे।

शिक्षा मंत्री के शहर में ही ऐसी स्थिति क्यों

उच्च शिक्षा मंत्री के अंडर में प्रदेश का उच्च शिक्षा विभाग काम करता है। ऐसे में उनके क्षेत्र में विक्रम विश्वविद्यालय की ऐसी स्थिति क्यों। कांग्रेस नेता राजेंद्र वशिष्ठ ने कहा कि नैक कराने के लिए विश्वविद्यालय ने करोड़ो रूपए खर्च किए गए। अब विश्वविद्यालय के कुलपति कह रहे है कि पूर्नमूल्यांकन कराएंगे। इसके लिए फिर 20 से 25 लाख रूपए जमा किए जाएंगे। आखिर में विद्यार्थियों के पैसा दूसरे कामों में खर्च क्यों हो रहा है।

उच्च शिक्षा मंत्री का पुतला जलाया

विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर कार्यकर्ताओं ने उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव का पुतला जलाकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. यादव से इस्तीफा मांगते हुए मुर्दाबाद के नारे भी लगाए।