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मानसून आया:पहले दिन दोपहर से रात तक सिर्फ बूंदा-बांदी, रात में मौसम ठंडा

उज्जैनएक महीने पहले
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  • 4 साल में पहली बार इतनी जल्दी आमद, इस साल 103% बारिश का अनुमान

आखिर इंतजार खत्म... शहर में मानसून ने दस्तक दे दी है। मौसम विभाग भोपाल के राडार प्रभारी वेदप्रकाश के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने मजबूत सिस्टम के प्रभाव से पूर्वी मप्र में तेज बारिश हो रही है, जबकि पश्चिमी मप्र में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश हुई है। यह क्रम जून में जारी रहेगा लेकिन तेज बारिश के आसार कम हैं।

जीवाजी वेधशाला के अनुसार शुक्रवार को अधिकतम तापमान 37.5 और न्यूनतम 26.4 डिग्री दर्ज किया गया। दोपहर तक धूप के तेवर तीखे रहे। ढाई बजे के बाद आसमान काले बादलों से पटना शुरू हो गया। इसके प्रभाव से कुछ ही देर में हल्की बारिश शुरू हो गई।

इसके साथ तेज हवा भी चली। शाम 4 बजे फिर से बारिश का दौर शुरू हो गया। इस बार इसकी गति पहले की तुलना में ज्यादा थी। हालांकि यह 20 मिनट बाद रुक गई। रात 1 बजे भी रूक-रूक कर बूंदाबांदी होती रही।

25 जून तक आता था मानसून
चार साल में यह पहला मौका है जब मानसून ने शहर में जल्दी आमद दी है। बीते वर्षों में यह 25 जून के बाद ही दस्तक देता रहा है। मौसम विभाग भोपाल ने इस साल केरल में 3 जून को मानसून की आमद बताई थी। मौसम विभाग भोपाल के राडार प्रभारी वेदप्रकाश ने केरल के ऊपर दक्षिण पश्चिम मानसून के 3 जून को केरल के ऊपर आगमन के अगले दो दिनों में दक्षिणी भारत के अन्य क्षेत्रों में बढ़ने की संभावना जताई थी। इस बार 103 फीसदी बारिश का अनुमान लगाया है।

इन दो रास्तों से शहर में प्रवेश करता
1 बंगाल की खाड़ी में सक्रिय सिस्टम ओडिशा से होते हुए छत्तीसगढ के रास्ते उज्जैन सहित मालवा में प्रवेश करता है।
इस बार- बंगाल की खाड़ी में मजबूत सिस्टम तो बना लेकिन पूर्वी मप्र तक सिमट गया। पश्चिमी मप्र में उसी के प्रभाव से नमी आने से बारिश कम हुई।
2 अरब सागर से सक्रिय हुआ सिस्टम मुंबई सहित महाराष्ट्र होते हुए मालवांचल में दस्तक देता है।
इस बार- अरब सागर में सिस्टम तो बना लेकिन वह पिछड़ गया। इससे महाराष्ट्र में बारिश के बावजूद शहर और आसपास के क्षेत्रों में अपेक्षाकृत बारिश नहीं हुई।

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