• Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Ujjain
  • Online Brokerage Now; Agents Passing The Test By Taking Money, Many Obstacles In The New System Of Learning License

भास्कर पड़ताल:अब ऑनलाइन दलाली; रुपए लेकर टेस्ट पास करा रहे एजेंट, लर्निंग लाइसेंस की नई व्यवस्था में कई अड़चनें

उज्जैन3 महीने पहलेलेखक: रवि चंद्रवंशी
  • कॉपी लिंक
  • जिनके पास मोबाइल नहीं है या जिन्हें मोबाइल चलाना नहीं आता उन्हें ज्यादा परेशानी
  • अपात्रों का लाइसेंस बनने का भी खतरा, ठगी और अन्य अपराध होने की भी आशंका

परिवहन विभाग द्वारा एक अगस्त से शुरू की गई लर्निंग लाइसेंस बनाने की ऑनलाइन व्यवस्था विवादों में घिरती नजर आ रही है। जिनके पास मोबाइल नहीं है या जिन्हें मोबाइल चलाना नहीं आता, उनका टेस्ट स्वयं दलाल व एजेंट देकर मनमाना पैसा वसूल रहे हैं। इसके अलावा भी इस नई व्यवस्था के कई साइड इफैक्ट सामने आए हैं। इसे लेकर आरटीओ को रोज शिकायत पहुंच रही हैं। इससे आरटीओ ने मुख्यालय को अवगत करवाया है।

सारथी सर्विसेज पोर्टल के होम पेज में http//parivahan.gov.in पर जाकर लर्निंग लाइसेंस बनाने की इस नई व्यवस्था शुरु करते समय शासन ने भी नहीं सोचा था कि इसमें कई तरह की दिक्कतें आएंगी। फेस लैस ऑनलाइन लर्निंग लाइसेंस सेवा का शुभारंभ का सबसे बड़ा फायदा यह देखा जा रहा था कि जरूरतमंद आवेदक अब घर बैठे स्वयं ही लर्निंग लाइसेंस बनवा सकेंगे, उन्हें कार्यालय नहीं आना पड़ेगा।

लेकिन हुआ उल्टा, इस नई व्यवस्था से दलालों व एजेंटों की दुकानें चल पड़ी। यही नहीं, रोज कई तरह के साइड इफैक्ट इस व्यवस्था के देखने-सुनने में आ रहे हैं। इनका समाधान अब आरटीओ कार्यालय भी नहीं कर पा रहा है। इसकी वजह है कि इस नई व्यवस्था में आरटीओ कार्यालय का पूरा हस्तक्षेप ही खत्म कर दिया गया। लिहाजा आवेदकों की तरफ से आ रही शिकायतों व समस्याओं से आरटीओ द्वारा शासन स्तर पर अवगत करवाया जा रहा है।

ताकि आगे बड़ी गड़बड़ी हो तो वे जवाबदार नहीं कहलाए। खास यह कि पहले जिले से रोज 100 से 125 तक आवेदन लर्निंग लाइसेंस के लिए होते थे अब नई व्यवस्था में यह आंकड़ा घट कर 30 से 35 तक रह गया है।

नई व्यवस्था से आशंका- हो सकते हैं अपराध
ठगी की आशंका : चूंकि व्यक्ति का बैंक

खाता आधार से लिंक रहता है। ऐसे में लर्निंग लाइसेंस के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया के लिए अपना मोबाइल किसी दूसरे व अनजान व्यक्ति को सौंपने से ठगी की आशंका भी बनी रहती है।

धोखाधड़ी का भी खतरा : यानी किसी के
पास लाइसेंस नहीं और वाहन चलाते वक्त वह दुर्घटना कर देता है तो तुरंत किसी के सहारे से व स्वयं ही स्मार्ट फोन से लर्निंग लाइसेंस जनरेट
कर सकता है।

यह भी सवाल- अनपढ़ कैसे करे आवेदन
परिवहन विभाग कहता है कि लाइसेंस अनपढ़ व्यक्ति का भी बनाया जा सकता है। क्योंकि इसके लिए कोई शैक्षणिक योग्यता नहीं है। लेकिन नई व्यवस्था में तो यह कि आवेदक शिक्षित होगा तो ही मोबाइल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकेगा। सवाल यह कि अनपढ़ व्यक्ति कैसे आवेदन करे।
यह हो सकता समाधान : नई व्यवस्था के साथ ही वैकल्पिक तौर पर आरटीओ के जरिए भी लर्निंग लाइसेंस बनवाने की पुरानी प्रक्रिया चालू रखी जाए

वैकल्पिक तौर पर पुरानी प्रक्रिया भी चालू रखी जाए
उज्जैन नहीं जबलपुर, सिवनी महाकौशल, रीवा सहित कई जिलों में लर्निंग लाइसेंस की इस नई व्यवस्था के दुष्परिणाम व साइड इफैक्ट सामने आने लगे हैं। आवेदकों को आ रही कई तरह की समस्याओं को लेकर आरटीओ विभाग हाथ खड़े कर चुका है। इसलिए कि उनके पास फिलहाल इनके समाधान के लिए कोई अधिकार नहीं हैं। ऐसे में इन तमाम तकलीफों का समाधान यह हो सकता है कि नई व्यवस्था साथ-साथ वैकल्पिक तौर पर आरटीओ कार्यालय के जरिए भी लर्निंग लाइसेंस बनवाने की पुरानी प्रक्रिया चालू रखी जाए।

नई व्यवस्था को लेकर कई शिकायतें मिल रही हैं लर्निंग लाइसेंस बनवाने की नई ऑनलाइन व्यवस्था को लेकर कई तरह की शिकायतें आ रही हैं। आवेदकों का कहना है कि उनका ओटीपी नहीं आ रहा है। कुछ लोग दलालों व एजेंटों से टेस्ट दिलवाकर लाइसेंस बनवा रहे हैं। ऐसे तो किसी भी अपात्र का लाइसेंस बन जाएगा और हमें पता तक नहीं चलेगा। महिलाओं व युवतियों के लाइसेंस नि:शुल्क बनते थे, इन्हें भी अब रुपए खर्च करने पड़ रहे हैं। मौखिक रूप से मिल रही इन शिकायतों से मुख्यालय को अवगत करवा दिया है। -संतोष मालवीय, आरटीओ

खबरें और भी हैं...