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यूरिया के लिए परेशान हो रहे किसान:आलू और गेहूं महंगा हो जाएगा यदि किसानों नहीं मिला यूरिया, किसानों का दावा जितना जरुरत उससे आधा दे रहे

उज्जैन2 महीने पहले
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किसानों के सामने यूरिया खाद की बड़ी किल्लत सामने आ रही है। इसके चलते उन्होंने उज्जैन में धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कई किसानों का दावा है कि उन्हें सोसायटी के माध्यम से यूरिया नहीं मिल रहा है। किसानों को आलू व गेहूं की फसल में सबसे अधिक यूरिया की आवश्यकता लग रही है। किसानों का आरोप है हमें जितना यूरिया चाहिए उसका आधा भी नहीं मिल रहा है। कुछ किसानों ने मार्कफैड के अधिकारियों पर यूरिया की कालाबाजारी का आरोप भी लगाया।

किसानों काे समझाइश देने मार्कफैड के अधिकारी पहुंचे लेकिन किसानों ने उनकी कोई बात नहीं मानी।
किसानों काे समझाइश देने मार्कफैड के अधिकारी पहुंचे लेकिन किसानों ने उनकी कोई बात नहीं मानी।

उज्जैन में टॉवर चौक पर मार्कफैड दफ्तर के बाहर दोपहर करीब 12 बजे शुरू हुए भारतीय किसान संघ के साथ आए किसानों के धरने-प्रदर्शन के दौरान किसानों ने दफ्तर पर ताला लगाने की कोशिश की। हालांकि माधव नगर थाने से पुलिस बल मौक पर पहुंच गया था। इसके चलते किसानों की मनमानी नहीं चल सकी। कुछ किसानों ने पुलिस कर्मियों से झूमाझटकी भी की।

यहां कल से ही मिलना शुरू हो गया
पानबिहार, चिमनगंज मंडी, भरतपुरी, भैरवगढ़ ब्रांच में 25 से अधिक सोसायटी का यूरिया वितरण होना शुरू हो गया है। जहां पहुंचकर किसान यूरिया ले रहे हैं।

किसानों की जरुरत को ऐसे समझें
आलू - इसके लिए एक बीघा में ढाई बोरी यानी करीब सवा क्विंटल यूरिया लगता है।
गेहूं - इसके लिए एक बीघा में डेढ़ बोरी यानी 75 किग्रा यूरिया लगता है।

आलू में सबसे ज्यादा जरुरत, किसानों को कम पड़ रहा
दरअसल किसानों को सोसायटी के माध्यम से प्रति बीघा एक बोरी यूरिया उपलब्ध कराया जा रहा है। इसलिए उन्हें आलू और गेहूं की फसल के बिगड़ने का अंदेशा है। कई किसानों ने गेहूं अभी नहीं लगाया है या जिन्होंने लगा भी दिया तो उनमें से अधिकांश को तत्काल जरुरत नहीं है, लेकिन आलू की फसल चूंकि 70 दिन की होती है, इसलिए उन्हें यूरिया की जरुरत बहुत अधिक होती है। यूरिया डाले बिना आलू की पैदावार अच्छी नहीं होती।

कल 25 से ज्यादा सोसायटी में 560 बोरी पहुंचा
सोमवार को उज्जैन में यूरिया का एक रैक खाली हुआ है। मार्कफैड के अधिकारियों ने उसे तुरंत सोसायटियों में पहुंचाना शुरू कर दिया था। अधिकांश सोसायटी में सोमवार को ही यूरिया पहुंच चुका है। जबकि कई में आज तक पहुंच जाएगा। प्रत्येक सोसायटी में 560 बोरी यूरिया पहुंचाया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि अगले सप्ताह एक और रैक खाली होने वाला है, इसके चलते यूरिया की पूर्ति होने लगेगी।