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कम बारिश से प्यासा उज्जैन:टैंकरों से जल सप्लाई की तैयारी, सवा सौ कुएं बावड़ियों पर लगाएंगे बैरिकेड्स, दो दिन छोड़कर जल सप्लाई का प्रस्ताव तैयार

उज्जैन9 दिन पहले
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गंभीर बांध का कैचमेंट एरिया। यहां भी अभी तक पानी नहीं आया है। - Dainik Bhaskar
गंभीर बांध का कैचमेंट एरिया। यहां भी अभी तक पानी नहीं आया है।
  • उज्जैन में अब तक 596 मिमी बारिश, औसत बारिश के लिए अभी 350 एमएम की और जरुरत

उज्जैन में इस बारिश कमजोर ही रही है। लगातार पूर्वानुमान के बावजूद शहर में बारिश अभी औसत आंकड़े तक नहीं पहुंच पाई है। इससे जल संकट का खतरा मंडराने लगा है। निगम ने दो दिन छोड़कर जल सप्लाई का प्रस्ताव पहले ही तैयार कर लिया था। अब शहर के आसपास के कुएं व बावड़ियों पर को कब्जे में लेना शुरू कर दिया है। ताकि जरुरत पड़ने पर यहां से टैंकरों के माध्यम से जल सप्लाय किया जा सके। नगर निगम शहर के 120 कुएं व बावड़ियों को अपने कब्जे में लेगा।

बारिश नहीं होने के कारण शहर के जलस्रोतों का पानी भी सूखता जा रहा है। इसके चलते नगर निगम अब जलस्रोतों के पानी के इस्तेमाल को प्रतिबंध करने के साथ वहां बेरिकेटिंग कर रहा है। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने शहर के कुएं व बावड़ियों के रखरखाव, सफाई व सुरक्षा की जिम्मेदारी जोन वार अधिकारियों को बांट दी है।

गीता कॉलोनी स्थित मोदी का चोपड़ा, विवेकानंद नगर के कुएं व शांति नगर सहित अन्य बावड़ियों को भी साफ किया जाएगा। हीरा मिल की चाल व विनोद मिल की चाल के कुओं में पानी बारिश का पानी भरा है। साथ ही ढांचा भवन के नजदीक तालाब भी भरा है। इसे भी निगम अपने कब्जे में लेगा।

कहां कितना पानी -
गंभीर बांध -
इसकी क्षमता 2250 एमसीएफटी की है। इसमें से अभी 406 एमसीएफटी पानी है। इसमें से केवल 306 एमसीएफटी पानी ही इस्तेमाल किया जा सकता है। करीब 100 एमसीएफटी पानी डेड स्टोरेज का होता है। यहां से रोजाना 3 एमसीएफटी पानी शहर को सप्लाय किया जाता है।
गऊघाट स्टॉप डैम - 225 एमसीएफटी पानी शेष है।
उंडासा तालाब - आधा एमसीएफटी पानी शेष है।

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