नियम का अड़ंगा / 50 सीटर बस में 25 सवारी का नियम, जिले की 300 बसें नहीं चलेंगी

Rule of 25 rides in 50-seater bus, 300 buses of the district will not run
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Rule of 25 rides in 50-seater bus, 300 buses of the district will not run

  • प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन की प्रदेश में 35 हजार बसें भी नहीं चलेंगी, छूट देने की मांग

दैनिक भास्कर

May 30, 2020, 05:00 AM IST

शाजापुर. प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन के कहने पर जिले के भी बस ऑपरेटरों ने 1 जून से अपनी बसों के थमे चक्के फिर से चालू करने से मना कर दिया है। लोगों को यात्री बस सुविधा के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। 50 सीटर बस में शासन के कोरोना संक्रमण के नए नियम के मुताबिक 25 सीटों पर ही सवारी बैठाना पड़ेगी। यानी एक बस में आधी सीटों पर यात्री सवारी कर सकेंगे। इसके बाद प्रत्येक फेरे में गाड़ी को एक बार पूरी तरह से सैनिटाइजर करना पड़ेगा। नतीजतन बस ऑपरेटरों पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा और मुनाफे की बजाए घाटा होगा। यह घाटा 6 से 1 हजार रुपए या फिर इससे भी ज्यादा का हो सकता है। ज्ञात रहे पूरे जिले में कुल 35 ऑपरेटरों की 300 बसें चलती हैं। इससे जिले प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष 4000 परिवार चलते हैं।
बसों का संचालन ग्रीन और यलो जोन में भी नहीं
प्राइम रूट बस ऑनर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद शर्मा एवं महामंत्री सुशील अरोरा ने कहा कि भारत में महामारी पर नियंत्रण नहीं हो पा रहा है। इस कारण सोशल डिस्टेंसिंग के कारण बसों का संचालन ग्रीन जोन एवं यलो जोन में भी नहीं हो पाएगा। इसलिए यात्रियों की सुरक्षा एवं हमारे स्टाफ की सुरक्षा के दृष्टिगत बसों का संचालन बंद रखेंगे।
54 जिला यूनियनों ने टैक्स में छूट की मांग की
बस ऑपरेटर एसोसिएशन के जिला सचिव सुमित नागर ने कहा प्रदेश की सरकार प्रदेश मे तीन माह अप्रैल-मई एवं जून से बंद बसों का एवं अन्य गाड़ियों का टैक्स माफ नहीं कर रही है। 
इस संबंध में प्रदेश के 54 जिला यूनियनों ने अपने-अपने स्तर पर प्रशासन को ज्ञापन देकर टैक्स में छूट की मांग की है। परंतु मप्र सरकार मौन बैठी है। मोटर मालिकों की प्रदेश कार्यकारिणी के निर्णय अनुसार जब तक सरकार बसों का टैक्स माफ नहीं करेगी बस वाले अपना संचालन पूर्ण रूप से बंद रखेंगे।

क्षमता से आधी सवारी बैठाई तो 6 से 10 हजार का नुकसान
बस ऑपरेटर के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह ने बताया सोशल डिस्टेंस के कारण प्रत्येक वाहन में सीटों के मान से 50 प्रतिशत मापदंड निर्धारित किया गया है। इसलिए बस में आधी सवारी बैठाने के नियम से बस संचालन करने पर अनुमानित रोज 6 से 10 हजार रुपए घाटा होगा। ऐसी स्थिति में बस संचालक मप्र सरकार की सहायता के बिना सहयोग से संचालित नहीं कर सकता है।


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