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व्यापारी विरोध में:बोले- बैठक से पहले हमसे सुझाव क्यों नहीं लिए जाते, पहले भी फैसला बदलना पड़ा था

उज्जैन18 दिन पहले
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आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में बाजार लेफ्ट-राइट पद्धति से खोलने का फैसला। - Dainik Bhaskar
आपदा प्रबंधन समूह की बैठक में बाजार लेफ्ट-राइट पद्धति से खोलने का फैसला।
  • आज नगर निगम तय करेगा कैसे खुले बाजार, व्यापारी भी दे सकते हैं प्रशासन को अपना सुझाव

जिला आपदा प्रबंधन समूह ने 50 फीसदी दुकानें खोलने के लिए एक दिन लेफ्ट और दूसरे दिन राइट पट्टी खोलना तय किया है। समूह की बैठक के बाद बाजार में फैसला आते ही व्यापारिक एसोसिएशंस के बीच चर्चा का दौर शुरू हो गया। एसोसिएशंस के सोशल मीडिया ग्रुप पर फैसले को लेकर टिप्पणियां और सुझाव चल पड़े। व्यापारी लेफ्ट-राइट पद्धति से सहमत नहीं है। उनका कहना है कि 2020 में भी अनलॉक में इस तरह की व्यवस्था की गई थी लेकिन सफलता नहीं मिली। प्रशासन को फैसला बदलना पड़ा। इसके कारण बाजारों में व्यापारियों के बीच और व्यापारी और प्रशासन के बीच विवाद छिड़ गए थे।

एसोसिएशंस ने यह भी सवाल उठाया है कि जब समूह के सदस्य अन्य लोगों से सुझाव लेते हैं तो व्यापारी एसोसिएशंस को क्यों नहीं पूछा जाता? जबकि सारी जिम्मेदारी व्यापारी पर डाल दी जाती है। इधर प्रशासन व आपदा प्रबंधन समूह ने सरकार की गाइड लाइन का पालन करते हुए 50 फीसदी दुकानें खोलने का फैसला किया है। इस मुद्दे पर सोमवार को व्यापारियों और समूह सदस्यों के बीच बातचीत होने की संभावना है। व्यापारी एसोसिएशंस सदस्यों के सामने अपना पक्ष रख सकते हैं।

नगर निगम को तय करना है दुकान खोलने की व्यवस्था
कलेक्टर ने दुकानों के खोलने की व्यवस्था नगर निगम को दी है। निगम 50 फीसदी के हिसाब से दुकान खोलने की पद्धति तय करेगा। 2020 में लेफ्ट-राइट पद्धति लागू की गई थी। निगम अधिकारियों का मानना है इससे कई विवाद हुए थे। इसलिए विकल्पों पर विचार किया जा रहा है। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल अधिकारियों के साथ व्यवस्था तय करेंगे।
व्यापारी एसोसिएशंस के साथ तय करें व्यवस्था
इस मुद्दे पर प्रशासन और निगम अधिकारी व्यापारी एसोसिएशंस के साथ सोमवार को बातचीत करें। व्यापारी एसोसिएशंस के साथ विकल्प तलाशा जा सकता है। एसोसिएशंस को भी बाजार में कोरोना गाइड लाइन के पालन की जिम्मेदारी दी जा सकती है। एसोसिएशंस और प्रशासन मिल कर भीड़ नियंत्रण, गाइड लाइन का पालन, वैक्सीनेशन कार्य में सहभागिता कर सकते हैं।

निर्णय पर पुनर्विचार जरूरी, समय कम कर सकते हैं पर बाजार पूरा खुले
नई पेठ व्यापारी एसोसिएशन के विजय अग्रवाल कहते हैं निर्णय पर पुनर्विचार जरूरी है। भले ही दुकानों का समय सुबह 10 से शाम 5 बजे तक कर दो। भीड़ कम करना है तो पूरा बाजार खुलना चाहिए। सराफा एसोसिएशन के शिव सोनी कहते हैं- ग्रामीण क्षेत्र के ग्राहकों को परेशानी आएगी।

लोग दो-दो, तीन-तीन बार बाजार में आएंगे। भीड़ कम नहीं होगी। इस निर्णय का व्यापारी विरोध भी कर सकते हैं। वीडी मार्केट के संजय जैन मोटर्स का कहना है- निर्णय अच्छा नहीं है। भीड़ कम करने में सफल नहीं हो सकते। व्यापारी चाहते हैं समय कम कर दो। सुबह 6 बजे से वैसे भी बाजार नहीं खुलते, केवल चाय-पान की दुकानें खुलती हैं।

प्रशासन के इस फैसले से व्यापारियों में नाराजगी है। व्यापारी एसोसिएशंस के बीच मोबाइल पर खासा विरोध हो रहा है। संभव है सोमवार को व्यापारी इस संबंध में प्रशासन से बात करेंगे। फ्रीगंज व्यापारी महासंघ के यशवंत पटेल बताते हैं कि संक्रमण रोकने के लिए व्यापारी पूरी तरह आपदा प्रबंधन समूह के साथ हैं।

पर लेफ्ट-राइट पद्धति पिछली बार फेल हो चुकी है। व्यापारी चाहते हैं व्यापार भी चले और कोरोना से बचाव भी हो। संभावना है सोमवार को इस संबंध में प्रशासन के साथ बातचीत हो सकती है। लखेरवाड़ी व्यापारी एसोसिएशंस के महेश पायलवाला कहते हैं

व्यापार के अनुसार समय सीमा दी जा सकती है, जिसमें दूध, सब्जी, डेयरी, चाय-पान वालों को सुबह 6 से 10 बजे तक, सभी जरूरी सामान वालों को 11 से शाम 5 बजे तक, होटल, भोजन रेस्टोरेंट, आइसक्रीम को शाम 5 से 8 बजे तक का समय तय किया जा सकता है।

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