शांति पैलेस / श्रीवास दंपती, तत्कालीन एसडीएम सहित 12 पर ईओडब्ल्यू में केस

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दैनिक भास्कर

Jul 01, 2020, 04:56 AM IST

उज्जैन. सोसायटी की आवासीय जमीन पर बनी जिस शांति पैलेस होटल को एक साल पहले बारूद से विस्फोट कर धराशायी किया था, अब उस मामले में एक और बड़ी कार्रवाई हुई हैl धोखाधड़ी और षड्यंत्र की धारा में होटल मालिक व उसकी पत्नी के अलावा सोसायटी सदस्य और तत्कालीन एसडीएम व पटवारी समेत 12 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ इकाई  एसपी देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया उच्च न्यायालय ने यह माना है कि आदर्श विक्रम गृह निर्माण सोसायटी, नमन गृह निर्माण संस्था व अंजलि गृह निर्माण सहकारी संस्था के अध्यक्ष व अन्य पदाधिकारियों ने आवासीय जमीन का दुरुपयोग करते हुए कमर्शियल उपयोग के लिए चंद्रशेखर श्रीवास को दे दी, जिस पर उसने थ्री स्टार होटल समेत दो होटल का निर्माण कर लिया। 

सोसायटी पदाधिकारियों की तरह ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, नगर निगम, सहकारिता और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी नियम विरुद्ध काम करते हुए कार्रवाई करने की बजाय सोसायटी पदाधिकारी और होटल संचालक को लाभ पहुंचाया। उक्त कृत्य में उनकी भी संलिप्तता मानी गई है, जिसके चलते मंगलवार को 12 लोगों के खिलाफ धारा 420, 120 बी और धारा 409 के तहत केस दर्ज किया है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा में भी कार्रवाई की गई है। डीएसपी अजय कैथवास ने बताया जांच में और भी आरोपियों की संख्या बढ़ने की संभावना है।
20 करोड़ की लागत से बनी होटल को विस्फोट से गिराया था
इंदौर रोड स्थित 20 करोड़ रुपए की लागत से बनी होटल शांति पैलेस के अवैध हिस्से को नगर निगम ने पिछले साल तीन जुलाई को विस्फोट कर जमींदोज कर दिया था। होटल गृह निर्माण संस्था की रेसिडेंशियल एरिया में बनी थी, जिसे तोड़ने के लिए कोर्ट ने भी आदेश दिए थे। इसके चार दिन पहले निगम ने पोकलेन और जेसीबी के माध्यम से शांति क्लार्क्स इन सुइट्स के पिछले भाग की दीवारें गिराने की शुरुआत की थी। इसके साथ ही शांति पैलेस के सामने की दीवारें भी तोड़ी गई थी। दो जुलाई को शांति क्लार्क्स इन सुइट्स को विस्फोट लगाकर तोड़ दिया गया। इसके लिए विस्फोटक एक्सपर्ट शरद सरवटे के मार्गदर्शन में 45 पिल्लरों पर 36 किलो विस्फोटक लगाया गया। इन पिल्लरों पर दो जुलाई को सुराख कर लिए थे। पिल्लरों पर किए गए सुराखों में बारूद भरने के बाद दो धमाके कर होटल के अवैध निर्माण को जमींदोज कर दिया था। कार्रवाई के दौरान पर्याप्त संख्या में पुलिस बल और प्रशासनिक अमला तैनात रहा।

लालच, साजिश और अनदेखी ने बनाया इन्हें आरोपी

  • शांति पैलेस क्लार्क इन थ्री स्टार होटल के मालिक चंद्रशेखर श्रीवास निवासी सुदामा नगर व उनकी पत्नी सीमा श्रीवास ने साजिश के तहत आवासीय जमीन को लिया और फिर उस पर कमर्शियल उपयोग के लिए नियमों को ताक में रखकर एक के बाद दो होटल का निर्माण करा लिया था।
  • आदर्श विक्रम सोसायटी के अध्यक्ष कांग्रेस नेता योगेश शर्मा, नमन संस्था के अध्यक्ष मनोज बंसल निवासी ऋषि नगर व अंजलि सहकारी संस्था के तत्कालीन अध्यक्ष नंदकिशोर शर्मा निवासी विवेकानंद कॉलोनी ने लालच में आकर आवासीय जमीन को कमर्शियल उपयोग के लिए दे दिया।
  •  तत्कालीन एसडीएम आरएस मीणा, संयुक्त संचालक नगर तथा ग्राम निवेश राजीव कुमार पांडे, पटवारी आदर्श जामगड़े, तत्कालीन कार्यपालन यंत्री ननि गिरिराज जायसवाल, सब इंजीनियर श्याम सुंदर शर्मा, ननि के कार्यपालन यंत्री रामबाबू शर्मा ननि के लिपिक भूपेंद्र वेगड़ ने सब कुछ जानकार भी कमर्शियल उपयोग को रोका नहीं।

ऐसा ही दूसरा मामला इंदौर रोड की अंजूश्री होटल का जो आवासीय जमीन पर बनी
मंगलवार को ईओडब्ल्यू की उक्त कार्रवाई के दौरान अधिकारियों ने यह भी बताया इंदौर रोड स्थित अंजूश्री होटल का भी इसी तरह का मामला जांच में है। मालवा गृह निर्माण संस्था की जमीन पर उक्त होटल का निर्माण किया है। शिकायत मिलने के बाद ईओडब्ल्यू ने सहकारिता विभाग को पत्र लिखा था। ईओडब्ल्यू के अधिकारियों ने बताया कि कोर्ट से इस संदर्भ में जो भी आगामी आदेश मिलेगा, उस आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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