एमआईसी की घोषणा 16 को संभव:नामों को लेकर भाजपा में चुप्पी, अनुभवी को मिल सकती है प्राथमिकता

उज्जैन2 महीने पहले
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मुकेश टटवाल, महापौर नगर निगम - Dainik Bhaskar
मुकेश टटवाल, महापौर नगर निगम

महापौर परिषद की घोषणा 16 अगस्त को हो सकती है। संभवत: 10 सदस्य होंगे। इनमें भी अनुभवी पार्षदों को प्राथमिकता देने पर विचार चल रहा है। इस संबंध में भाजपा संगठन की दो से तीन बैठकें हो चुकी हैं। इनमें यह चर्चा जोरों पर है कि दक्षिण से ज्यादा पार्षद जीते हैं, इसलिए महापौर परिषद में भी इन्हें ही ज्यादा मौका मिले। इसके लिए दक्षिण विधायक व मंत्री डॉ. मोहन यादव व उत्तर विधायक पारस जैन जोड़-तोड़ में जुट गए हैं। दूसरी ओर एक नाम प्रदेश भाजपा अध्यक्ष वीडी शर्मा और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के कोटे से भी एक-एक पार्षद को एमआईसी में शामिल किया जा सकता है। दक्षिण विधानसभा से 19 पार्षद जीते हैं, वहीं उत्तर से 18।

ऐसे में संभवत: 6-4 का फार्मूला काम कर सकता है। 6 पार्षद दक्षिण विधानसभा से होंगे, वहीं 4 पार्षद उत्तर विधानसभा क्षेत्र से एमआईसी में शामिल हो सकते हैं। भाजपा ने एमआईसी में दावेदारी कर सकने वाले तीन पार्षदों को अपील समिति में शामिल कर वैसे ही उनकी दावेदारी खत्म कर दी है। इसकी झलक अपील समिति के गठन के बाद ही देखने को मिली थी, जिसमें कुछ पार्षद जो एमआईसी की इच्छा रख रहे थे, वह अपील समिति में शामिल होने से नाराज दिखे। 54 पार्षदों की निगम में से भाजपा के पास 37 पार्षद हैं। अब एमआईसी के नामों से पर्दा लगभग उठ चुका है। बस, घोषणा होना बाकी है।

दक्षिण भाजपा का दबदबा : दो विधानसभा क्षेत्रों में निगम के 54 वार्ड हैं। इनमें उत्तर विधानसभा क्षेत्र में 33 वार्ड हैं। भाजपा 18 जीती। जबकि दक्षिण विधानसभा में 21 वार्ड हैं। इनमें से भाजपा 19 जीती। कुल मिलाकर दक्षिण के वार्डों में भाजपा का दबदबा ज्यादा रहा।

ऐसी रह सकती है एमआईसी : योगेश्वरी, दुर्गा और प्रकाश लगभग तय
डाॅ. योगेश्वरी राठौर : तीसरी बार पार्षद बनीं, अध्यक्ष के लिए भी दावेदारी। अनुभव को देखते हुए इन्हें मौका मिलना तय।
दुर्गा शक्तिसिंह चौधरी : यह भी तीसरी बार पार्षद बनीं, अनुभव को देखते हुए मौका मिल सकता है।
प्रकाश शर्मा : एमआईसी में जाति समीकरण भी देखा जा रहा है। ब्राह्मण कोटे से प्रकाश की दावेदारी मजबूत है। वहीं ऐसे वार्ड से जीतकर आए, जहां मुस्लिम वोट ज्यादा हैं। ऐसे में उनका कद बढ़ा है।
रामेश्वर दुबे और शिवेंद्र तिवारी : इन नामों पर भी चर्चा है, इनमें से तीनों या दो तो लगभग तय है। आखिरी समय में बदलाव होना भी संभव है।
दिलीपसिंह परमार : सिंधिया कोटे से भी दो को मौका मिल सकता है। इनके नामों पर सहमति बन सकती है।
सुरभि सुनील चांवड, लीला वर्मा : एक पार्षद आरक्षित भी हो सकता है। इनमें से एक नाम संभव है।
भारती विजय चौधरी व अंशु गोपाल अग्रवाल : इनके नाम भी चर्चा में है।
(इनके अलावा दिलीपसिंह, गब्बर भाटी, आशिमा गौरव सैंगर, कैलाश प्रजापत, रजत मेहता का नाम भी चर्चा में है। नोट : सभी नाम संभावित है।)

15 अगस्त के बाद गठित होगी एमआईसी
एमआईसी निगम की अहम बॉडी है। इसका गठन 15 अगस्त के तत्काल बाद ही कर दिया जाएगा। कोशिश रहेगी कि एमआईसी मेंबर की संख्या पहले से कम हो। संभावित नामों के बारे में अभी कुछ नहीं कह सकता। -मुकेश टटवाल, महापौर नगर निगम

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