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वतन वापसी के लिए 10 घंटे पैदल सफर:माइनस 4 डिग्री पारे में 50km चलकर पोलैंड बॉर्डर पहुंचे MP के स्टूडेंट्स, बोले– इंडियन एम्बेसी से कोई नहीं आया

आनंद निगम, उज्जैनएक वर्ष पहले

रूस के हमले के बाद यूक्रेन में फंसे इंडियन स्टूडेंट्स भारी मुसीबत झेल रहे हैं। सरकार उनको निकालने की कोशिश कर रही है, लेकिन कई स्टूडेंट्स को अब तक कोई मदद नहीं मिली। यहां कुछ स्टूडेंट्स ऐसे भी हैं, जो पिछले दो दिन से वतन वापसी के प्रयास खुद कर रहे हैं। उनको सफलता मिली भी, तो अधूरी। मध्यप्रदेश के 20 स्टूडेंट टरनोपिल (यूक्रेन) से शुक्रवार रात 2 बजे पोलैंड के लिए पैदल निकले। उन्होंने 10 घंटे तक 50 किलोमीटर का पैदल सफर किया। वहीं रोमानिया बॉर्डर पर भी 400 से ज्यादा भारतीय छात्र वतन वापसी के इंतजार में बैठे है।

उज्जैन की रहने वाली अनुष्का यादव ने बताया कि पोलैंड बॉर्डर पर उन्हें इंडियन एम्बेसी से अधिकारी का नंबर मिला, लेकिन वो बंद है। यहां इंडियन एम्बेसी से कोई नहीं मिला। अब उनकी समस्या यह है कि पोलैंड में एंटर कैसे करें और भारत कैसे पहुंचें। अगर पोलैंड में प्रवेश नहीं दिया, तो उनके खाने-पीने का इंतजाम कहां से होगा। अनुष्का के साथ कुछ और स्टूडेंट्स माइनस 4 डिग्री की ठंड में फंसे हुए हैं। पोलैंड के अधिकारी कह रहे हैं कि भारतीय दूतावास से बात करने के बाद ही पोलैंड में एंट्री दी जाएगी।

सड़कों पर लगा जाम

अनुष्का ने बताया कि हम टरनोपिल से चले तो हमारे साथ कुछ अन्य राज्यों के भी स्टूडेंट थे। सिर्फ एक-एक पानी की बोतल और कुछ खाना हमारे पास था। जंगल जैसे इलाकों से निकल रहे हैं। डर का माहौल है। सड़कों पर कारों की लंबी लाइन लगी है। कई लोग देश छोड़कर जा रहे हैं, उनकी गाड़ियां भी जाम में फंसी हैं। उज्जैन के करीब सभी लोग निकल गए हैं। सिर्फ एक लड़के को छोड़कर वो भी शाम तक निकलेगा।

उज्जैन की अनुष्का और दूसरे स्टूडेंट्स यूक्रेन में मुश्किल में घिरे हैं।
उज्जैन की अनुष्का और दूसरे स्टूडेंट्स यूक्रेन में मुश्किल में घिरे हैं।

बस वाले ने 50 किमी दूर छोड़ा

गुजरात के अतीत पटेल ने बताया कि रात में एक बस वाले ने पोलैंड सीमा से 50 किमी दूर छोड़ दिया था। उससे काफी मिन्नतें की, लेकिन वह आगे तक गाड़ी ले जाने के लिए तैयार नहीं था। इसके बाद वह पैदल चले। खाना भी खत्म हो चुका है, सिर्फ पानी की बोतल बची है। अब हमें ये भी नहीं पता है कि पोलैंड में हमें अंदर जाने देंगे या नहीं।

इंदौर के शुभम ने बताए रोमेनिया पुलिस बॉर्डर पर बैठे भारतीय छात्रों के हाल
यूक्रेन की टर्नोपिल यूनिवर्सिटी से मेडिकल की पढ़ाई कर रहे इंदौर के छात्र शुभम जिराती ने शनिवार देर रात 2.15 बजे दैनिक भास्कर को फोन लगाकर मदद मांगी। कहा यहां रोमानिया बॉर्डर पर करीब 400 इंडियन स्टूडेंट बॉर्डर पार करने के लिए बैठे हैं। ना तो इंडियन एंबेसी हमें बॉर्डर पार करवा रही है और ना ही भारत वापस जाने के लिए फ्लाइट के बारे में कोई जानकारी दे रही है। हमें यहां खुले में बिना किसी सुरक्षा के बैठे हुए 20 घंटे से ज्यादा वक्त हो चुका है। यहां का तापमान -6 डिग्री है और इस बॉर्डर चेक पोस्ट पर सिर्फ एक फूड आउटलेट है, जहां खाना खत्म हो चुका है। हमें अर्जेंट हेल्प की जरुरत है। प्लीज हमारी मदद कीजिए। हमें यहां से बाहर निकालने के लिए कुछ कीजिए। कृपया भारत सरकार को हमारे हालात के बारे में बताइए।

ROMANIA बॉर्डर पर फंसे 400 स्टूडेंट, इंदौर के शुभम बोले- अर्जेंट हेल्प की जरूरत है
इंदौर के स्टूडेंट शुभम जिराती सहित करीब 400 स्टूडेंट रोमानिया बॉर्डर पर बैठे हुए हैं। शुभम ने दैनिक भास्कर से संपर्क किया। शुभम ने वाट्सऐप पर लिखा- इस समय भारत में रात के करीब दो बज रहे हैं। अधिकांश लोग सो रहे होंगे। अगर कोई जाग रहा है, तो वो हैं उन बच्चों के माता-पिता जो UKRAIN में फंसे हैं। वो 400 भारतीय छात्र भी जाग रहे हैं, जो 20 से भी ज्यादा घंटों से माइनस 6 डिग्री टेम्परेचर में खुले आसमान के नीचे भूखे-प्यासे बैठे हैं। यूक्रेन में इस समय रात के साढ़े दस बज रहे हैं। हम करीब 400 इंडियन स्टूडेंट रोमानिया पुलिस बॉर्डर पर बैठे हैं। न तो इंडियन एम्बेसी हमें बॉर्डर पार करवा रही है और न ही फ्लाइट के बारे में कोई जानकारी दे रही है। इस बॉर्डर चेक पोस्ट पर सिर्फ एक फूड आउटलेट है, जहां खाना खत्म हो चुका है। हमें अर्जेंट हेल्प की जरूरत है। प्लीज हमारी मदद कीजिए।

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