सेवाधाम में 5 मौतें फिर भी शिकन तक नहीं:बेसहारा लोगों को पता ही नहीं कि क्या हुआ, यहां आज भी जिंदगी सामान्य

आनंद निगम (उज्जैन)10 दिन पहले

उज्जैन का अम्बोदिया स्थित सेवाधाम आश्रम। पिछला हफ्ता यहां कहर बनकर आया। एक के बाद एक पांच मौतें हो चुकी हैं। बावजूद यहां लोगों के चेहरे पर शिकन तक नहीं। यहां जिंदगी आज भी सामान्य दिनों की तरह ही है। वहीं लोगों का वही रूटीन है। कारण- यहां रहने वाले बेसहारा लोगों को पता ही नहीं कि आखिर हुआ क्या था। इनमें सभी सिर्फ जिंदगी के दिन काट रहे हैं। समाज से दुत्कारे यहां कुछ लोग बीमार हैं, कुछ दिव्यांग, कुछ ऐसे भी हैं जिनमें लोग दिन भर बिस्तर पर ही पड़े रहते हैं। उनकी सेवा का जिम्मा आश्रम प्रबंधन का ही है।

आश्रम का नि:शक्त वार्ड है। इसी वार्ड में मौतों का सिलसिला 1 मई से शुरू हुआ। इस दिन एक बुजुर्ग की मौत हुई। इसके बाद 3 मई को दो लोगों की मौत हुई। 4 मई को फिर से दो लोगों ने दम तोड़ा। इसके बाद तो हड़कंप मच गया। अब तक कुल 5 मौत हो चुकी है। इसके बाद ताबड़तोड़ लोगों की तबीयत खराब होने लगी। सभी को उल्टी-दस्त और घबराहट होने लगी। जिला अस्पताल में 24 लोगों को भर्ती कराया गया।

वार्ड में रह रहे 120 लोगों को अन्य वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है। इसके बाद वार्ड को भी सैनिटाइज करवाकर ताला लगा दिया गया। इधर, एडीएम संतोष टैगोर समेत डॉ. एचपी सोनानिया और सीएमएचओ संजय शर्मा ने भी आश्रम का जायजा लिया। 160 लोगों के ब्लड सैंपल लिए गए। इंदौर से भी डॉक्टरों की टीम पहुंची है। टीम ने अज्ञात वायरस की आशंका के चलते खाने-पीने की चीजों के साथ दीवारों की भी जांच की।

आश्रम में मरीजों की जांच करने डॉक्टर पहुंचे।
आश्रम में मरीजों की जांच करने डॉक्टर पहुंचे।

डॉक्टर बोले-लू का अटैक हो सकता है
सीएमएचओ डॉ. संजय शर्मा ने बताया कि आश्रम से लाए गए लोगों को उल्टी-दस्त और घबराहट की शिकायत थी। सभी मृतक नि:शक्त हैं। वे किसी न किसी बीमारी से पीड़ित थे। आशंका है कि वे लू या ज्यादा गर्मी के चलते बीमार हुए हों। फिलहाल स्थिति पर भी नजर बनाए हुए हैं।

डॉ. एचपी सोनानिया का कहना है कि आश्रम के करीब 80 लोगों की जांच की है। आशंका है कि कोई बैक्टीरिया है, जो हार्ड व किडनी पर अटैक कर रहा है। इससे मौतें हो रही हैं।

गुरुवार को 8 लोग हुए बीमार
रोजाना बीमार होने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा है। गुरुवार को 8 लोग बीमार हुए। इसके बाद सभी को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

आश्रम में 700 लावारिस, दिव्यांग, बच्चे, बुजुर्ग और नि:शक्त
आश्रम के संचालक सुधीर भाई गोयल ने बताया कि करीब 35 वर्षों से आश्रम संचालित करते आ रहे हैं। यहां करीब 700 लावारिस, दिव्यांग, बच्चे, बुजुर्ग, नि:शक्त रहते हैं। मरने वालों के नाम अमर, लोकेश, राजू, सत्य व गेंदालाल हैं। अमर व लोकेश की पीएम रिपोर्ट में दोनों की आंत में वायरल इंफेक्शन है। वहीं, अन्य तीन की रिपोर्ट आनी बाकी है।

इस नि:शक्त वार्ड में रहने वाले लोगों की तबीयत खराब हुई थी।
इस नि:शक्त वार्ड में रहने वाले लोगों की तबीयत खराब हुई थी।

ड्रग ट्रायल की चर्चा, आश्रम के संचालक बोले- यह संभव नहीं
आश्रम में मौतों से मचे हड़कंप के बीच कई तरह की अफवाह चल रही हैं। मनोरोगियों पर ड्रग ट्रायल की बात भी सामने आई। कहा जा रहा है कि आश्रम में निजी अस्पताल की टीम भी परीक्षण के लिए अक्सर जाती है। कहीं मरीजों पर ट्रायल तो नहीं किया गया। आश्रम संचालक सुधीर भाई गोयल ने इससे इनकार करते हुए दावा किया कि ऐसा संभव नहीं है। यहां तक कि दवाइयां भी मर्जी से नहीं देती। वे पर्चा हमें देते हैं, इसके बाद हम दवाइयां मंगवाकर मरीजों को देते हैं। अभी तक तो यह वायरल इंफेक्शन ही लग रहा है।

​​​​​इन लोगों की मौत

  • अमर संक्रमण मनोरोग का शिकार होकर 2016 से आश्रम में था।
  • लोकेश 2007 से आश्रम में होकर मनोरोग, मिर्गी संक्रमण का शिकार था।
  • राजू 2016 से आश्रम में झाबुआ की सड़क से लावारिस मिला, संक्रमण मनोरोग, मिर्गी और बहू दिव्यांगता
  • गेंदालाल बीमार, मनोरोगी होकर 17 वर्षों से आश्रम में थे।
  • सत्य एक 26 वर्षीय लड़का था, जो लावारिस हालात में मिला था।

35 साल से कर रहे सेवा
आश्रम को 35 साल से ज्यादा समय हो चुका है। 30 बीघा जमीन पर बने आश्रम में 10 बड़े हॉल हैँ। इनमें करीब 700 से ज्यादा बेसहारा लोग रहते हैँ।