पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Ujjain
  • The Drone Will Fly Over The Villages, The Boundary Of The Lime Marking Will Decide The Boundary Of The Village And The House

एक माह तक चलेगा ड्रोन सर्वे:गांवों के ऊपर उड़ेगा ड्रोन, चूना मार्किंग की बाउंड्री से तय होगी गांव और घर की सीमा

उज्जैन11 दिन पहले
  • कॉपी लिंक

गांवों में रहने वाले ग्रामीणों को अब मकान के नक्शे की झंझट ही खत्म हो जाएगी। प्रदेश के कई जिलों में होने के बाद अब उज्जैन में सोमवार से ड्रोन कैमरे से गांवों की सीमा और गांवों में बने घरों के नक्शे बनकर तैयार हो जाएंगे। यह एक तरह का आबादी सर्वे है। इसे सर्वे ऑफ इंडिया, जिला पंचायत और राजस्व विभाग मिलकर तैयार कर रहे हैं। इसके बनने के बाद गांव की सीमा भी पता चल सकेगी और घरों के नक्शे भी बनकर तैयार हो जाएंगे।

अभी गांव में पंचायत स्तर पर पट्‌टे आवंटित किए जाते हैं। इसका कोई भी सरकारी रिकॉर्ड नहीं रहता। इस वजह से गांवों में कई तरह की समस्याओं का समाधान नहीं निकल पाता। यह रिकॉर्ड पंचायत के पास भी नहीं रहता। जिला भू अभिलेख अधिकारी प्रीति चौहान ने बताया कि अभी हमारे पास गांवों की सीमा का नक्शा रहता है। उसी आधार पर सभी कामकाज तय किए जाते हैं।

सर्वे के बाद प्रत्येक घर का नक्शा हमारे सामने आ जाएगा। इससे गांव की सीमा भी नए सिरे से तय हो सकेगी। यदि बढ़ाने की जरुरत हुई तो गांव की सीमा को बढ़ा सकते हैं। इसकी कॉपी पंचायत के पास भी रहेगी। इससे पंचायत को भी अपने यहां होने वाले विकास कार्यों में मदद मिलेगी। पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन होने के कारण ग्रामीणों को भी मदद मिलेगी। इस सर्वे से ग्रामीणों को खसरे की तरह मकान के भू स्वामित्व का दर्जा भी मिल जाएगा। प्रत्येक घर की सीमा को चूना डालकर तय किया जाएगा।

मंगलवार को हेागी अहम बैठक, कर्मचारियों को ट्रेनिंग भी मिलेगी -

इस संबंध में मंगलवार को सर्वे ऑफ इंडिया के आरडी शाह कलेक्टर, जिला पंचायत व राजस्व विभाग के साथ मीटिंग से मीटिंग कर ड्रोन सर्वे में आने वाली परेशानियों पर चर्चा करेंगे। शाह ने कहा वे यहां की राजस्व टीम को भी ट्रेनिंग देंगे। सर्वे का करीब एक माह तक चलेगा। इसके उज्जैन तहसील के 125 गांवों को चिन्हित किया गया है।

इन्हें मिलेगा दर्जा -
2018 के पहले जो लोग रह रहे हैं और जो गांव में आबादी घोषित हो चुकी है, केवल उन जगहों का सर्वे किया जाएगा। सर्वे ऑफ इंडिया, जिला पंचायत और राजस्व विभाग तीनों मिलकर सर्वे कर रहे हैं। यह आबादी सर्वे है। जितने भी घर बने हैं, उन ग्रामीणों का रिकॉर्ड मिल जाएगा। इससे पंचायतों को रखरखाव में आसानी होगी।

ऐसे बनेगा नक्शा -
सर्वे ऑफ इंडिया के पास मौजूद ड्रोन कैमरा हाई रिजॉल्यूशन वाला है। यह एक बार में 120 मीटर ऊंचाई तक उड़ सकता है। यह जैसे-जैसे ऊपर जाएगा, वैसे-वैसे मकानों और गांव की तस्वीर लेता जाएगा। एक बार में चार से पांच सौ तस्वीरें लेगा। इन तस्वीरों को सर्वे ऑफ इंडिया के सॉफ्टवेयर के माध्यम से कंपाइल किया जाएगा। तब प्रत्येक घर का नक्शा बनकर तैयार हो जाएगा। इसकी कॉपी पंचायत व घर मालिक को भी दी जाएगी।

खबरें और भी हैं...