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  • The First Time In Mahakal Was Holika Dahan, Pujan And Aarti, But Gulal Ascended Mahakal But Was Not A Devotee.

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रंग पर्व:महाकाल में सबसे पहले होलिका दहन, पूजन और आरती में महाकाल पर चढ़ा गुलाल लेकिन श्रद्धालु नहीं थे

उज्जैनएक महीने पहले
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होली पर रविवार को महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग पर गुलाल तो चढ़ा लेकिन इस दौरान श्रद्धालु नहीं थे। न गुलाल उड़ा और न भक्तों के बीच होली चली। सांध्य आरती के बाद पुजारियों ने ही होलिका दहन किया। यही स्थिति अन्य मंदिरों में भी रही।

महाकालेश्वर मंदिर में होली पर परंपरागत रूप से संध्या पूजन-आरती और शयन आरती में व धुलैंडी पर भस्मआरती में गुलाल चढ़ाया जाता है। भगवान को गर्भगृह में पुजारी-पुरोहित रंग-गुलाल चढ़ाते हैं। इसके बाद पुजारियों और भक्तों के बीच होली खेली जाती है। कोरोना संक्रमण के चलते रविवार को लॉकडाउन होने से मंदिरों में प्रवेश पूरी तरह रोक दिया गया था।

इस कारण मंदिर में केवल पुजारी-पुरोहितों ने भगवान को प्रतीकात्मक रूप से गुलाल चढ़ाया। यह गुलाल मंदिर समिति द्वारा उपलब्ध कराया गया। बाहर से रंग-गुलाल लाने की अनुमति नहीं थी। समिति ने पूजन के लिए हर्बल गुलाल उपलब्ध कराया। सांध्य पूजन आरती के बाद ओंकारेश्वर मंदिर के सामने परिसर में होलिका का पूजन किया गया।

पुजारियों ने होलिका का दहन कर शहर में होली दहन की शुरुआत की। कंडे से बनाई होलिका के आसपास रंगोली की सजावट की गई। इसके आसपास सोशल डिस्टेंसिंग के लिए गोले भी बनाए गए। महाकाल में होलिका दहन के बाद शहर में होली जलाने की शुरुआत होती है। मंदिर समिति के सदस्य पं. आशीष पुजारी के अनुसार कोरोना गाइड लाइन लागू होने व संडे लॉकडाउन होने से मंदिर प्रबंध समिति ने मंदिर में श्रद्धालुओं के प्रवेश पर रोक लगा दी थी।

वैष्णव मंदिरों में भी श्रद्धालु नहीं आए
इधर वैष्णव मंदिरों में होली का आयोजन पुजारियों ने किया। इस दौरान श्रद्धालु नहीं थे। इन मंदिरों में बसंत पंचमी से होली शुरू हो जाती है। 40 दिन की होली का समापन रविवार को हो गया। महाप्रभुजी की बैठक के ट्रस्टी विजय गुप्ता के अनुसार रविवार को होली का समापन हो गया है। भगवान के डोल के दर्शन खुले लेकिन लॉकडाउन के कारण श्रद्धालु नहीं थे।

शहर के गली-मोहल्लों में सजी होलिकाएं
शहर में होलिका दहन के लिए प्रशासन द्वारा दी छूट के चलते गली मोहल्लों में होलिका सजाई गईं। प्रशासन ने रविवार सुबह संशोधित आदेश जारी कर होलिका पूजन और दहन के लिए सशर्त छूट दे दी। अधिकतम 20 लोगों के शामिल होने की अनुमति दी गई। शाम को महिलाओं ने होलिका पूजन किया। कुछ जगह शाम को होलिका जलाई गई पर अधिकांश जगह सोमवार तड़के होली जलेगी।

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