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ऐसे बना वैक्सीनेशन रिकॉर्ड:जिस वृद्धा की मौत 24 अप्रैल को हुई उसका 13 दिसंबर को सेकंड डोज का मैसेज पहुंचा

उज्जैनएक महीने पहले
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जिन्हें टीके नहीं लगे उन्हें भी मिल रहे मैसेज।  - Dainik Bhaskar
जिन्हें टीके नहीं लगे उन्हें भी मिल रहे मैसेज। 

ओमिक्रॉन के खतरे के बीच लोग बगैर मास्क के घूम रहे हैं। इनमें से कुछ ऐसे भी हो सकते हैं जिन्होंने वैक्सीनेशन पूरा नहीं करवाया है। ऐसे में वे खुद के साथ-साथ दूसरों के लिए भी खतरा बने हुए हैं। जिले में सेकंड डोज के 99 हजार सेकंड डोज ड्यू हैं। इनके लिए 15 व 16 दिसंबर दो दिवसीय महाअभियान चलेगा। सुबह 8 से शाम 7 बजे तक वैक्सीनेशन होगा। अधिकारियों का मानना है कि केंद्रों पर वैक्सीनेशन का कार्य जल्द शुरू होने से ड्यू डोज ज्यादा पूरे किए जा सकेंगे।

इधर जिले में वैक्सीनेशन कार्य में गड़बड़ी व फर्जीवाड़े के कुछ और मामले सामने आए हैं। जिस महिला की मौत अप्रैल में हो गई उसे दिसंबर में सेकंड डोज लगाए जाने का मैसेज पहुंचा हैं। इसी तरह एक दंपती ने सेकंड डोज लगवाया ही नहीं और सेकंड डोज सक्सेसफुली का मैसेज पहुंचने के साथ ही सर्टिफिकेट जारी हो गया। महामारी को रोकने के प्रयास में यह विसंगतियां कई तरह के सवाल खड़ी कर रही हैं। इसलिए भी कि उज्जैन जिले में इससे पहले भी ऐसे ही कुछ मामले सामने आ चुके हैं।

प्रकरण - एक

मम्मी (शीला चौधरी) ने 6 अप्रैल को पहला डोज लगवाया था। रजिस्ट्रेशन पापा के मोबाइल से करवाया था। 24 अप्रैल को मम्मी का निधन हो गया। बावजूद 13 दिसंबर की दोपहर में मम्मी को सेकंड डोज लगा दिए जाने का मैसेज पहुंचा। मृत इंसान को कैसे सेकंड डोज लग सकता है। (जैसा चौधरी दंपती के पुत्र कपिल निवासी 42 सांई बिहार, देवास रोड उज्जैन ने बताया)

प्रकरण - दो

मैंने और पत्नी प्रज्ञा ने 24 मई को पहला डोज लगवाया था। लेकिन किसी कारण से सेकंड डोज नहीं लगवा सके। एक-दो दिन में सेकंड डोज लगवाने वाले ही थे कि उससे पहले 12 दिसंबर को दोनाें का सेकंड डोज सक्सेसफुल का मैसेज पर आ गया। हमें सेकंड डोज नहीं लग पा रहा है। उलझन में हैं क्या करें।-(जैसा- गौरव खंडेलवाल शिवधाम परिसर ने बताया)

सीएस बोले- सेकंड डोज 100 फीसदी करवाएं

कोविड केयर सेंटर बनाए जाकर सेकंड डोज का वैक्सीनेशन अनिवार्य रूप से जिले में शत-प्रतिशत पूरा कर लें। यह निर्देश वीसी के जरिए मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस ने उज्जैन सहित प्रदेशभर के कलेक्टर व संभागायुक्त को दिए। उन्होंने कहा ओमिक्रॉन को लेकर सावधानी बरतने के साथ ही सभी तरह की तैयारियां रखना भी जरूरी हैं। आरटी पीसीआर टेस्ट बढ़ाने, ऑक्सीजन प्लांट संचालन, दवाइयों की आपूर्ति, बिस्तर एवं किसी भी आकस्मिकता से निपटने के लिए तैयारी रखने के निर्देश उन्होंने दिए।

तकनीकी गड़बड़ी से ऐसा होता है

बगैर सेकंड डोज लगवाए और जिनकी मौत हो चुकी है, उन्हें सेकंड डोज के मैसेज जारी नहीं होना चाहिए। यह गलत है। तकनीकी गड़बड़ी से ऐसा होता है। कोई ऐसे प्रकरण सामने आते हैं तो सुधार करवाएंगे।
डॉ. केसी परमार, जिला टीकाकरण अधिकारी

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