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चरक अस्पताल की मल्टी को लेकर खींचतान:ऐसे कर्मचारियों के नाम भी आवंटन सूची में, जिनके पास खुद के मकान

उज्जैन19 दिन पहले
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चरक अस्पताल परिसर में बनी मल्टी में फ्लैट आंवटन की सूची मामले में अब कर्मचारियों ने विरोध शुरू कर दिया है। उन्होंने आवंटन सूची को मनमाना और नियम विरुद्ध बताया है। कमेटी के नियम के तहत जिन कर्मचारियों के पास स्टाफ क्वार्टर या खुद का मकान है, उन्हें मल्टी में फ्लैट का आंवटन नहीं किया जाएगा और ऐसे कर्मचारी अपात्र होंगे। कमेटी ने अपने ही नियम के खिलाफ जाकर उन कर्मचारियों को भी फ्लैट आवंटन सूची में शामिल किया, जिनके पास खुद का मकान है। सामाजिक कार्यकर्ता मुन्ना सगीर ने आरोप लगाया है कि फ्लैट आवंटन सूची में जिन तीन स्टाफ नर्स के नाम हैं, उनके पास में खुद के मकान हैं। इनके अलावा कई डॉक्टर्स और स्वास्थ्यकर्मियों के पास भी खुद का मकान है, इसके बावजूद उनका नाम फ्लैट आवंटन सूची में शामिल है। चरक अस्पताल में 10 करोड़ की लागत से बनी तीन मंजिला मल्टी में फ्लैट आवंटन की प्रक्रिया के साथ ही विवाद शुरू हो गए थे। कर्मचारी संगठनों ने चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को फ्लैट के लिए आवेदन से वंचित करने को लेकर विरोध जताया था। उसके बाद अब फ्लैट आवंटन और उसकी सूची को लेकर विरोध शुरू हो गया है। जिला अस्पताल के कर्मचारियों का कहना है कि कमेटी के नियम के तहत शासकीय आवास या खुद का मकान होने पर डॉक्टर व कर्मचारी पात्र नहीं होंगे लेकिन जो आवंटन सूची जारी हुई है, उसमें कई डॉक्टर्स और कर्मचारी ऐसे हैं जो या तो शासकीय आवास में रह रहे हैं या उनके नाम से आवंटन है या फिर उनके पास खुद का मकान है। जिन कर्मचारियों के मकान नहीं है, उन्हें आंवटन से वंचित किया जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग की सफाई...शपथ पत्र में गलत जानकारी तो होगी कार्रवाई

मल्टी में फ्लैट आवंटन के लिए स्वास्थ्य विभाग के शासकीय सेवकों से आवेदन आमंत्रित किए गए थे। आवेदन निर्धारित प्रोफार्मा में लिए गए तथा सभी आवेदकों से शपथ पत्र भरवाए गए हैं, जिसमें उल्लेख करवाया गया है कि उनका उज्जैन नगर निगम सीमा क्षेत्र में कोई मकान नहीं है। आवंटन के लिए बनी कमेटी ने संबंधित कर्मचारी द्वारा दिए गए शपथ पत्र के आधार पर विचार करने के बाद सभी आवेदनों पर अंक दिए हैं। इसके आधार पर आवंटन के लिए अनंतिम सूची जारी की गई है। इस सूची पर दावे-आपत्ति आमंत्रित किए गए हैं।

दावे आपत्ति में यदि यह पाया जाता है कि कर्मचारियों ने शपथ पत्र में गलत जानकारी दी है तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। दावे-आपत्तियों का निराकरण करने के बाद ही फ्लैट आवंटन की अंतिम सूची जारी की जाएगी। दावे-आपत्ति 8 जुलाई की शाम 5 बजे तक मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी के कार्यालय में पेश किए जा सकते हैं।

तर्क दिए जा रहे हैं कि पीडब्ल्यूडी की गाइड लाइन के तहत एफ-टाइप फ्लैट चिकित्सा अधिकारियों के लिए व जी-टाइप के फ्लैट आवंटन के लिए ग्रेड-पे 2800 से ऊपर के कर्मचारियों को ही पात्रता है। सभी 2800 ग्रेड पे के कर्मचारी जी टाइप क्वार्टर के लिए आवेदन के लिए पात्र हैं। टेक्निकल या पैरामेडिकल स्टाफ को ही क्वार्टर आवंटित करने की कोई बाध्यता शासन द्वारा नहीं रखी गई है।

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