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पुलिस ने सुधारी गलती:सरपंच व सचिव को भी आरोपी बनाया, सब इंस्पेक्टर बोले- यही तो मुख्य आरोपी थे

उज्जैनएक महीने पहले
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लक्ष्मण सिंह - Dainik Bhaskar
लक्ष्मण सिंह

कालूखेड़ी ब्लास्टिंग मामले में आखिरकार पुलिस ने अब गलती सुधारना शुरू कर दी है। शनिवार को सरपंच सत्यनारायण त्रिवेदी और सचिव लच्छू बंजारा को भी आरोपी बना लिया गया। घट्टिया थाने के सब इंस्पेक्टर अलबिनस खाखा ने इसकी पुष्टि करते हुए यह तक कहा कि घटना में मुख्य आरोपी तो यही दोनों थे, मजदूरों की क्या गलती, उन्हें तो काम पर बुलाया इसलिए आए थे।

हैरानी की बात यह है कि यह बात अधीनस्थ पुलिस अधिकारी को समझ में आई लेकिन टीआई रहे विपिन बाथम व जांच अधिकारी लालचंद शर्मा को क्यों समझ में नहीं आ रही थी या वे जानबूझकर ये गलती कर गए। बहरहाल इस मामले की शुरुआत में आरोपी बनाए गए तीनों मजदूरों को हाकम सिंह पिता भंवर सिंह राजपूत, मंगल पिता हाकम सिंह राजपूत व ट्रैक्टर क्रमांक एमपी 13 ए बी 8649 के चालक दूलेसिंह पिता रायसिंह राजपूत सभी निवासी ग्राम रलायती को शनिवार को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया।

इन तीनों के खिलाफ ही शुरुआत में मामले में धारा 304 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था। अब इसी धारा में सरपंच त्रिवेदी व सचिव लच्छू बंजारा भी आरोपी बनाए गए हैं। इधर एएसपी ग्रामीण आकाश भूरिया ने कहा कि वे मामले में पूर्व में पदस्थ टीआई बाथम ने क्या-क्या गलतियां की हैं, उसकी जांच कर रहे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि गलती करने वाले कार्रवाई के दायरे में जरूर आएंगे। भूरिया ने यह भी कहा कि एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ला ने घट्टिया थाने के टीआई की जिम्मेदारी साइबर शाखा के विक्रम चौहान को सौंप दी है। संभवत: वे रविवार को ज्वाइन कर लेंगे।

कुआं निर्माण के दौरान ब्लास्टिंग से उड़े पत्थर से चली गई थी लक्ष्मणसिंह की जान

सोमवार दोपहर कालूखेड़ी में उपार्जन केंद्र व भंडारगृह के पास ग्राम पंचायत सरपंच व सचिव के द्वारा सामुदायिक कुआं निर्माण के नाम पर ब्लास्टिंग करवाई जा रही थी। ब्लास्टिंग से एक बड़ा पत्थर उछलकर यहां के गोदाम से सटे दफ्तर की चद्दर फोड़ते हुए नीचे बैठे लक्ष्मण सिंह पंवार के सिर पर लगा था।

इससे उनकी मौत हो गई। पंवार निपानिया गोयल सेवा सहकारी समिति के सहायक प्रबंधक व कालूखेड़ी उपार्जन केंद्र के प्रभारी थे। शुरुआत के दो दिनों तक तो जिम्मेदारों ने इस घटना को दबाने के प्रयास किए।

जब मामला उजागर हुआ तब हरकत में आए जिम्मेदार
भास्कर ने जब मामला उजागर किया तो जिम्मेदार हरकत में आए और दोषियों को बचाते हुए तीन मजदूरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी। इस गलत कार्रवाई को भी जब उजागर करना शुरू किया तब एसपी शुक्ला ने घट्टिया थाने के टीआई बाथम व जांच अधिकारी लालचंद शर्मा को लाइन अटैच कर दिया। मामले में इन्होंने क्या गलतियां की, इसकी जांच का जिम्मा एएसपी भूरिया को सौंपा है। वहीं शनिवार को असल दोषियों सरपंच व सचिव को भी आरोपी बनाया गया है।

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