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  • The Statue Of Madan Mohan Malviya Was Built To Be Unveiled At The Hands Of The Governor, No Longer Taking Care, Eating Dust In Godown

शिल्पकार का दर्द:राज्यपाल के हाथों अनावरण कराने के लिए बनवा ली मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा, अब नहीं ले रहे सुध, गोडाउन में धूल खा रही

उज्जैन3 दिन पहले
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विवि में स्थापित हाेने वाली महामना की प्रतिमा, जो धूल खा रही है। - Dainik Bhaskar
विवि में स्थापित हाेने वाली महामना की प्रतिमा, जो धूल खा रही है।
  • विक्रम विवि से विधिवत टेंडर लेकर बनाई प्रतिमा, अब तक स्थापित हुई न भुगतान मिला

विक्रम विश्वविद्यालय का एक और कारनामा सामने आया है। दीक्षांत समारोह के दौरान तत्कालीन राज्यपाल आनंदी बेन पटेल के आगमन और उनके हाथों महामना की मूर्ति का अनावरण कराने के लिए आनन फानन में टेंडर निकाला। भारत रत्न मदन मोहन मालवीय की मूर्ति भी बनवा ली लेकिन विवि के अफसर संस्कृति विभाग से राज्यपाल के हाथों मूर्ति के अनावरण को लेकर अनुमति नहीं ले पाए।

इसके कारण अब भी विश्वविद्यालय में मूर्ति नहीं लगाई जा सकी। जिस शिल्पकार को मूर्ति बनाने का टेंडर दिया था, उसके यहां मूर्ति धूल खा रही है। विक्रम विश्वविद्यालय ने मूर्ति लेना भी उचित नहीं समझा और ना ही उसका 65000 हजार रुपए का भुगतान किया।

टेंडर निकाला, 6 फर्मों ने की भागीदारी

विक्रम विश्वविद्यालय के अफसरों की गलती का खामियाजा एक शिल्पकार भुगत रहा है। विक्रम के अधिकारी मूर्ति बनवाने का टेंडर देकर मूर्ति नहीं ले गए। अब 65000 रुपए के भुगतान में लिए शिल्पकार विक्रम विश्व विद्यालय का चक्कर काट रहा है। दरअसल मध्य प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल विवि के 24वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि थीं।

तब तय हुआ था कि उनके हाथों 20 फरवरी को भारत रत्न मदन मोहन मालवीय की मूर्ति का अनावरण करवाया जाएगा। इसके लिए टेंडर निकला। जिसमें 6 फर्मों ने भागीदारी की। टेंडर में 2.5 फीट लंबी और 1.5 फीट चौड़ी मूर्ति छत्र सहित बनाने के लिए उज्जैनी शिल्प को टेंडर दिया।

मानविकी अध्ययनशाला में लगेगी

विक्रम विश्वविद्यालय के इंजीनियर अतुल जैन ने बताया सुमन मानविकी अध्ययनशाला में मूर्ति लगना थी। राज्यपाल के हाथों अनावरण किया जाना था, लेकिन राज्यपाल के कार्यक्रम तय होने से पहले संस्कृति विभाग की अनुमति नहीं मिल पाई। ऐसे में मूर्ति का अनावरण नहीं हो सका। अब मूर्ति कहां हैं, मैं नहीं बता सकता।

कई बार विक्रम के चक्कर लगाए

महामना की मूर्ति शिल्पकार के गोदाम में धूल खा रही है। शिल्पकार शिरीष वाडिया का कहना है कि इस संबंध में कई बार विक्रम विश्वविद्यालय के चक्कर काट चुका हूं। हर बार अधिकारी टाल देते हैं।

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