पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Ujjain
  • These 200 Servicemen Buy Vegetables, Cook Food And Transport Them To Hospitals And Compulsions.

असली उज्जैनी यहां देखिए:सब्जी खरीदने, भोजन बनाने और अस्पतालों और मजबूरों तक पहुंचाते हैं ये 200 सेवादार

उज्जैनएक महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • बेड का सौदा, इंजेक्शन की कालाबाजारी या अस्पतालों की लूट नहीं
  • इनके रहते कोई भूखा नहीं सोता : समाजों और धर्मस्थलों ने खोल दिया भंडारा, दिनभर बनता रहता है भोजन

लॉकडाउन के चलते रोजगार-धंधे बंद हैं। मरीजों से अस्पताल भरे हैं। ऐसे में शहर में दो तरह के लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था की जिम्मेदारी धर्मस्थलों और समाजों ने उठाई है। एक वह लोग जो झुग्गियों व सड़कों पर बसर कर रहे हैं और दूसरे वे लोग जो अस्पतालों में भर्ती परिजन के इलाज के लिए आए हैं।

इन्हें भोजन उपलब्ध कराने के लिए इस सेवा में रोज 200 लोग जुटते हैं। सुबह सब्जी लाने से लेकर भोजन तैयार करने व जरूरतमंदों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी उठा रहे श्रमदानियों में युवा और महिलाएं भी पीछे नहीं हैं। दानदाता भी खुले हाथ से मदद कर रहे हैं। इस भोजन व्यवस्था पर रोज लगभग 70 से 80 हजार रुपए खर्च हो रहे हैं। भास्कर ऐसे समाजसेवियों के आगे नतमस्तक है, जो नि:स्वार्थ भाव से इस सेवा को अंजाम दे रहे हैं।

महाकालेश्वर मंदिर समिति : भोजन के साथ लड्‌डू प्रसाद भी
महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति द्वारा रोज 100 पैकेट भोजन अस्पताल में भेजा जा रहा है। यह भोजन मंदिर के अन्नक्षेत्र में तैयार होता है। इस काम में 25 से ज्यादा कर्मचारी जुटे हैं। सुबह भोजन तैयार करने से लेकर अस्पताल पहुंचाने और अन्य व्यवस्थाओं में समिति के कर्मचारी मंदिर आकर यह सेवा कर रहे हैं। सहायक प्रशासक मूलचंद जूनवाल के अनुसार यह व्यवस्था निरंतर की जा रही है। 2020 में भी मंदिर समिति द्वारा अन्नक्षेत्र से रोज जरूरतमंदों के लिए भोजन के पैकेट तैयार कर भेजे जाते थे। समिति द्वारा भोजन के साथ लड्डू प्रसाद भी दिया जा रहा है।

चामुंडा माता भक्त समिति : सुबह चाय, दोपहर व शाम को भोजन

चामुंडा माता मंदिर भक्त समिति रोज 1900 लोगों को भोजन उपलब्ध करा रही है। सुबह चाय की सेवा भी कर रही है। संयोजक शरद चौबे के मार्गदर्शन में पं. सुनील चौबे, निखिल चौबे, राजेंद्र शाह, कमल ठाकुर इस अभियान को मूर्तरूप दे रहे हैं। शाह के अनुसार रोज का मीनू तय करते हैं, उसके आधार पर खरीदी होती है और काम शुरू हो जाता है। सब अपनी जिम्मेदारी से आकर काम पूरा कर देते हैं। इसलिए यह व्यवस्था निरंतर चल रही है। समिति के 750 सदस्य है, जाे इस काम में अन्य समाजसेवियों के साथ सहयोग कर रहे हैं।

कोरोना महामारी में युवा ब्राह्मण समाज आगे आया : ब्राह्मण सेवा समिति समाज के जरूरतमंदों को देगी राशन-भोजन-दवा
ब्राह्मण समाज के युवाओं द्वारा शहर में रहने वाले ब्राह्मण परिवारों की मदद के लिए समिति गठित की है। इसका उद्देश्य समाजजनों को महामारी के दौर में मदद पहुंचाना है। संस्था के अंकित चौबे ने बताया कोरोना महामारी की दूसरी लहर में बहुत से ब्रह्म बंधु आर्थिकतोर पर पिछड़ गए है। उनके सामने कई प्रकार की समस्या खड़ी हो गई है। उन समस्याओं में उनकी मदद के लिए समाज के युवाओं द्वारा 12 तरह के प्रकल्प शुरू किए हैं, जिसमें भोजन, राशन, मेडिकल फैसिलिटी, ऑक्सीजन, चिकित्सा परामर्श, वेक्सिनेशन का ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, आपातकालीन सामग्री, दवाई जैसे 12 प्रकल्प शुरू किए है। उज्जैन में रहने वाले ब्राह्मण परिवारों को लॉकडाउन में सूखे राशन से लेकर अन्य कोई जरुरत पड़ने पर वो ब्राह्मण समाज सेवा समिति से संपर्क कर सकते है।

दिगंबर जैन समाज : टिफिन जैसी पैकिंग में सात्विक भोजन

दिगंबर जैन सामाजिक संसद कोरोना मरीज व अटेंडर के लिए निःशुल्क भोजनशाला चला रही है। अस्पतालों में जाकर भोजन बांट रहे है। सुबह 11 से 1 व शाम 5.30 से 6.30 बजे तक फ्रीगंज स्थित दिगंबर जैन धर्मशाला में जैन भोजन के 500 टिफिन तैयार कर जिसमें दाल, चावल, रोटी, सब्जी, अचार, पापड़ आदि शामिल है, वितरित किए जा रहे हैं। राज मोहनसिंह के मार्गदर्शन में यह व्यवस्था चल रही है। अध्यक्ष अशोक जैन चायवाले के अनुसार समिति सदस्य रोज सुबह सब्जियां लाने, सामने ही खड़े रहकर बनवाना, पैक कराना, वितरण आदि कार्य कर रहे हैं। मरीजों को भोजन, ऑक्सीजन, दवाई और डॉक्टरों से संपर्क कर इलाज में मदद की जा रही है।

सिख समाज : युवा सोसायटी जुटी, अस्पताल के साथ जरूरतमंदों की सेवा

सिख समाज की युवा टीम भी सेवा में जुटी है। सिक्ख यूथ सेवा सोसायटी के नाम से युवाओं ने अस्पतालों व जरूरतमंदों को भोजन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी ली है। राजा कालरा के नेतृत्व में टीम सुबह से रात तक इस सेवा को अंजाम दे रहे हैं। समाज के वरिष्ठ खर्च का बंदोबस्त करते हैं। दूधतलाई गुरुद्वारे में रोज़ सुबह 8 बजे से भोजन की प्रक्रिया शुरू होती है। सामान का बंदोबस्त करने, भोजन तैयार कराने, पैकिंग कराने के बाद दोपहर 12 बजे से वितरण टीम सक्रिय हो जाती है। रोज औसत 400 पैकेट वितरित किए जा रहे हैं। इस पूरी व्यवस्था में प्रत्यक्ष रूप से 25 युवा जुटे हैं। 150 पैकेट नगर निगम के माध्यम से जरूरतमंदों को वितरित कराए जा रहे हैं।

खबरें और भी हैं...