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महाशिवरात्रि पर करिए महाकाल और ओंकारेश्वर के दर्शन:सुबह के समय हुई भस्मारती, तड़के 2.30 बजे मंदिर के गर्भगृह के पट खोल दिए गए

उज्जैन3 महीने पहले
महाकाल की भस्मारती सुबह की गई।

उज्जैन के विश्वप्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल और खंडवा के ओंकारेश्वर में महाशिवरात्रि के पर्व पर उत्सव का माहाैल है। दर्शन के लिए रात से ही भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी है। महाकाल मंदिर में तड़के 2.30 बजे पुजारियों ने विधि विधान से बाबा महाकाल का दिव्य श्रृंगार किया। महानिर्वाणी अखाड़े के महंत विनीत गिरि महराज ने बाबा महाकाल की भस्मारती की। महाकाल पिछले आठ दिनों से बाबा साकार स्वरूप में थे। आज निराकार रूप में भक्तों को दर्शन दे रहे हैं। सतत 24 घंटे पर बाबा का जलधारा से अभिषेक होगा। पुजारियों ने तड़के बाबा का पंचामृत अभिषेक किया।

ओंकारेश्वर में तड़के श्रद्धालु दर्शन के लिए आना शुरू हो गए।
ओंकारेश्वर में तड़के श्रद्धालु दर्शन के लिए आना शुरू हो गए।

ओंकारेश्वर में महाशिवरात्रि पर सुबह 4:00 बजे मंदिर का पट खोला गया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने ज्योतिर्लिंग श्री ओंकारेश्वर भगवान के समीप लगे पात्र में जल चढ़ाया। पर्व काल पर बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को देखते हुए सुबह 5 घंटे ही जल चढ़ाने की अनुमति दी गई है। सुबह 8:00 के बाद शाम 6:00 बजे तक जल मंदिर परिसर में अलग-अलग जगह पात्र रखकर संस्थान के कर्मचारियों द्वारा उनमें श्रद्धालुओं द्वारा लाया गया जल, पुष्प, प्रसाद एकत्र किया जा रहा है।

महाकाल का श्रृंगार करते पुजारी।
महाकाल का श्रृंगार करते पुजारी।

दर्शन के बाद निर्गम चैनल गेट से होते हुए बाहरी निर्गम द्वार से निकलेंगे

सभी तरह के श्रद्धालुओं को महाकाल के दर्शन के बाद निर्गम चैनल गेट से निकाला जाएगा। गणेश मंडपम से दर्शन के बाद श्रद्धालु निर्गम चैनल गेट से बाहर आएंगे। यहां म्यूजियम होते हुए बाहरी निर्गम द्वार से मंदिर परिसर से बाहर आ जाएंगे। उसके बाद बड़ा गणेश तिराहा होते हुए हरसिद्धि मंदिर चौराहे से चारधाम पार्किंग पहुंचेंगे। इंटरप्रिटीशन सेंटर पर बनी पार्किंग से गाड़ी लेकर श्रद्धालु जयसिंहपुरा चौराहा होते रेलवे क्रॉसिंग पार कर जंतर मंतर पहुंचेंगे।

श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल।
श्रृंगार के बाद बाबा महाकाल।

महाकाल के LIVE दर्शन के लिए यहां क्लिक करें

VIP के लिए महाराजवाड़ा स्कूल में पार्किंग के इंतजाम

महाकाल दर्शन के लिए आने वाले VIP के लिए हरिफाटक ब्रिज से बेगमबाग, कोट मोहल्ला होते हुए महाकाल चौकी के सामने महाराजवाड़ा स्कूल पार्किंग में वाहन खड़े करने इंतजाम किए गए हैं। VIP को मंदिर में भस्मारती गेट क्रमांक चार से प्रवेश दिया जाएगा। उसके बाद विश्रामधाम, सभा मंडप होते हुए गणेश मंडपम से दर्शन कराया जाएगा। कर्मचारियों के लिए वाहनों की पार्किंग माधव सेवा न्यास पार्किंग में रहेगी।

ये व्यवस्था भी रहेगी

  • देवास गेट, रेलवे स्टेशन और नानाखेडा बस स्टैण्ड से आने वाले श्रद्धालु लोक परिवहन वाहनों से हरिफाटक ब्रिज टी होते हुए इंटरप्रिटीशन सेंटर की पार्किंग में आएंगे जहां स्टॉपर लगाकर पूर्व से बने स्टॉपेज पर श्रद्धालुओं को उतारेंगे। तत्काल बाईं तरफ मुड़कर ब्रिज के किनारे होते हुए गदा पुलिया शहर की ओर जाएंगे। गदा पुलिया से इंटरप्रिटीशन (ब्रिज के नीचे होते हुए) वन-वे रहेगा।
  • गोपाल मंदिर, छत्री चौक, ढाबा रोड, कार्तिक मेला ग्राउण्ड, शंकराचार्य से आने वाले श्रद्धालु दानी गेट से लोक परिवहन वाहन (ऑटो, मैजिक, ई-रिक्शा) से रामानुज कोट, हरसिद्धी पाल के नीचे वाली रोड पर श्रद्धालुओं को उतार कर गुदरी होते हुए शहर की ओर जाएंगे। हरसिद्धी पाल से हरसिद्धी चौराहे तरफ कोई भी वाहन नहीं जाएगा।
  • कोट मोहल्ला से मंदिर की तरफ, चौबीस खम्बा से मराठा धर्मशाला से मंदिर की तरफ, उर्दू स्कूल टर्निंग से माधव सेवा न्यास एवं मंदिर तरफ, बेगमबाग सीमेंटेड रोड तिराह से भारतमाता मंदिर तिराहे तरफ इंटरपिटेशन से चारधाम तरफ, जयसिंहपुरा से चारधाम तरफ, नृसिंह घाट से हरसिद्धी चौराहे तरफ लोक परिवहान एवं अन्य वाहनों (वीआईपी एवं मीडिया के चार पहिया वाहनों को छोडकर) के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा।

ओंकारेश्वर में सुबह 5 घंटे जल चढ़ाने की अनुमति

ओंकारेश्वर मंदिर में भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।
ओंकारेश्वर मंदिर में भक्तों के लिए विशेष व्यवस्था की गई है।

ओंकारेश्वर के LIVE दर्शन के लिए यहां क्लिक करें

ओंकारेश्वरमें एक मिनट में पांच श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर के पट सुबह 4 बजे खुल गए। बड़ी संख्या में श्रद्धालु ओंकार जी भगवान के दर्शनों का लाभ लेने पहुंचे। दर्शन व्यवस्था में प्रशासन द्वारा परिवर्तन लाया गया। एक मिनट में करीब पांच श्रद्धालुओं को दर्शन कराए गए, जिसके चलते धक्का-मुक्की भी हुई।
घंटों लाइन में लगकर धक्के खा कर जब श्रद्धालु गर्भगृह में पहुंचे तो वहां ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों द्वारा जल्दी-जल्दी दर्शन कराने की व्यवस्था के चलते कई श्रद्धालु ज्योतिर्लिंग के दर्शन ही नहीं कर पाए। मंदिर से बाहर होने पर वे कहते नजर आए कि ओंकार महाराज कहां है, हमें तो उनके दर्शन ही नहीं हुए।
तीर्थनगरी में भगवान भोलेनाथ ओंकारेश्वर ममलेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन एवं मां नर्मदा में आस्था की डुबकी लगाने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा एवं पेयजल साफ-सफाई सहित सभी व्यापक इंतजाम किए गए।
डीआईजी तिलक सिंह ने बताया 300 से अधिक सुरक्षाकर्मी यहां तैनात किए गए है। नर्मदा के सभी घाटों पर सुरक्षा नाव होमगार्ड के तैराक जवान मौजूद रहे। पर्व को देखते हुए मंदिर पर विद्युत साज-सज्जा भी की गई है।

ओंकारेश्वर मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया।
ओंकारेश्वर मंदिर को भव्य तरीके से सजाया गया।
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