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फिर शहर लेफ्ट-राइट:व्यापारी बोले- कई दुकानदार मानते नहीं, पूरा बाजार खुल जाता है, चालान बनते हैं, विवाद होते हैं

उज्जैन24 दिन पहले
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  • 51 दिन बाद फिर खुलेगा उज्जैन... लेकिन अलर्ट रहें- लापरवाही हमें तीसरी लहर की तरफ ले जा सकती है

आखिरकार नागरिकों का संयम काम आया। शहर व जिले में कोरोना संक्रमण काबू हो जाने से अब 1 जून से शहर व जिला अनलॉक होगा। रात का कर्फ्यू जारी रहेगा। बाजारों में सभी तरह की 50 फीसदी दुकानें यानी एक साइड की सुबह 6 से शाम 6 बजे तक खुली रहेंगी।

डेयरी का समय रात 8 बजे तक कर दिया है। विवाह समारोह में 20 लोग शामिल होंगे। सिख समाजजन भी गुरुद्वारे में शादी कर सकेंगे। सभी धार्मिक स्थल 15 जून तक बंद रहेंगे, केवल पूजा व इबादत के लिए 6 व्यक्ति ही जा सकेंगे। रविवार को जिला आपदा प्रबंधन समूह ने राहत देने का फैसला किया। दुकानें लेफ्ट-राइट के आधार पर किस तरह खुलेंगी, इसका फैसला नगर निगम करेगा। जिले में रविवार को जनता कर्फ्यू रहेगा, जो शनिवार रात 8 से सोमवार सुबह 6 बजे तक प्रभावशील रहेगा। जिले में रोज 8 से सुबह 6 बजे तक नाइट कर्फ्यू लागू रहेगा।

किसी भी स्थान पर 6 से ज्यादा लोग एकत्र होने पर प्रतिबंध रहेगा। बैठक में तय किया गया कि राजनीतिक, धार्मिक समारोह आयोजित नहीं होंगे। विवाह में केवल 20 व्यक्ति शामिल होंगे जिनकी सूची समीप के थाने में देना होगी। उज्जैन शहर में सिख समाज के लिए गुरुद्वारे में विवाह के लिए निर्धारित संख्या में विवाह करने की अनुमति दी जाएगी।

निर्माण कार्यों को छूट दी गई। राजस्व के सीमांकन प्रकरणों को तुरंत निराकृत करने के निर्देश दिए गए। खाद बीज व कीटनाशक की दुकानों को सुबह 6 से शाम 6 बजे तक खोलने की छूट दी। इन पर एक लाइन का बंधन लागू नहीं होगा।

यह दुकानें किसी भी लाइन में हो हर दिन खोली जा सकेंगी। बृहस्पति भवन में हुई बैठक में मंत्री डॉ मोहन यादव, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक पारस जैन, कलेक्टर आशीष सिंह, एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ल, निगमायुक्त क्षितिज सिंघल, जिला पंचायत सीईओ अंकित अस्थाना भी मौजूद थे।

एक दिन राइट और दूसरे दिन लेफ्ट की दुकानें खुलेंगी, समय सुबह 6 से शाम 6 बजे तक, अब निगम तय करेगा

इन्हें अनुमति

  • समस्त दुकानें किराना, कपड़ा, बर्तन, ज्वेलरी, कटलरी, आटा चक्की, सैलून, इलेक्ट्रिक, इलेक्ट्रॉनिक्स, मोबाइल, रेस्टोरेंट आदि सुबह 6 से शाम 6 बजे तक 50 प्रतिशत खुले रह सकेंगे।
  • थोक सब्जी, फल-फूल के बाजार में खरीदी।
  • अंतिम संस्कार अधिकतम 10 लोगों के साथ।
  • विवाह में दोनों पक्षों के मिलाकर अधिकतम 20 लोगों के साथ अनुमति, सूची थाने में देना होगी।
  • राशन दुकानें, अस्पताल, नर्सिंग होम, क्लिनिक, केमिस्ट, मेडिकल इंश्योरेंस कंपनी, अन्य स्वास्थ्य चिकित्सा सेवाएं, पशु चिकित्सा अस्पताल।
  • डेयरी/दूध की दुकानें सुबह 6 से रात 8 बजे तक खुली रह सकेंगी। केवल दूध विक्रय होगा।
  • सभी कृषि गतिविधियां, कृषि उपज मंडी, खाद, बीज, कृषि यंत्र की दुकानें, पशु आहार की दुकानें।
  • परीक्षा केंद्र आने-जाने वाले परीक्षार्थी तथा परीक्षा केंद्र एवं परीक्षा आयोजन से जुड़े कर्मी।

आवागमन में छूट

  • सभी प्रकार के सामान व माल की आवाजाही।
  • सार्वजनिक परिवहन, निजी बस, ट्रेन।
  • ऑटो रिक्शा में दो सवारी, टैक्सी तथा निजी चार पहिया वाहनों में ड्राइवर तथा दो पैसेंजर।
  • इलेक्ट्रीशियन, प्लंबर, कारपेंटर, मोटर मैकेनिक, आईटी सर्विस प्रोवाइडर।
  • ई-कॉमर्स कंपनियों व दुकानों से होम डिलीवरी।

इन पर प्रतिबंध

  • सभी सामाजिक, राजनीतिक, खेल, मनोरंजन, सांस्कृतिक, धार्मिक आयोजन, मेले।
  • 1 से 15 जून तक स्कूल, कॉलेज, शैक्षणिक प्रशिक्षण, कोचिंग संस्थान।
  • सभी धार्मिक स्थल पूर्वानुसार आमजन के लिए बंद। केवल पुजारी, पादरी, ज्ञानी, इमाम को धार्मिक क्रियाकलाप की अनुमति रहेगी।
  • फुटकर सब्जी-फल मंडी एवं हाट बाजार।
  • कार्यालय में काम
  • आवश्यक सेवा देने का कार्य करने वाले कार्यालयों को छोड़कर शेष कार्यालय 100 प्रतिशत अधिकारियों एवं 50 प्रतिशत कर्मचारियों के साथ संचालित होंगे। इनमें कलेक्टोरेट, पुलिस, आपदा प्रबंधन, फायर, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, पेयजल आपूर्ति, नगरीय प्रशासन, विद्युत प्रदाय, कोषालय, पंजीयन शामिल हैं। बैंक, बीमा कार्यालय एवं एटीएम, कियोस्क सेंटर।
  • उद्योग चालू
  • उद्योग चालू रहेंगे। आईकार्ड के साथ आने-जाने की अनुमति रहेगी। माल आवागमन पर छूट।
  • होटल, रेस्टोरेंट खुलेंगे
  • लॉजिंग, होटल, रिसोर्ट, केवल आगंतुकों के लिए खुले रहेंगे तथा उनके रेस्टोरेंट में बैठने की अनुमति कुल क्षमता से 50 प्रतिशत उपस्थिति के साथ रहेगी। रेस्टोरेंट व भोजनालय इसी तरह चालू रहेंगे।

एसोसिएशन्स के बीच सोशल मीडिया पर एसएमएस अभियान छिड़ा, आपदा प्रबंधन समूह से बातचीत की तैयारी
बाजार खोलने के लिए लेफ्ट-राइट पद्धति से व्यापारी असहमत हैं। उनका कहना है कि 2020 में ही यह व्यवस्था फेल हो गई थी। प्रशासन को बदलाव करना पड़ा था। आपदा प्रबंधन समूह फैसले से पहले जब कई लोगों के सुझाव लेता है तो व्यापारी एसोसिएशंस से क्यों नहीं पूछा जाता? व्यापारी जानते हैं, बाजार की स्थिति।

इस संबंध में व्यापारी समूह से फिर से अपने फैसले पर विचार करने की दरकार कर रहे हैं। व्यापारी सोमवार को समूह के सदस्यों से बातचीत करने की तैयारी कर रहे हैं। व्यापारियों के तर्क हैं कि लेफ्ट-राइट लागू होने के बावजूद दोनों पट्टियों की दुकानें खुलती हैं। इससे विवाद होते हैं। आधी दुकानें खुलने से दुकानों पर ज्यादा भीड़ रहती है। सभी दुकानें खुली रहे तो भीड़ बंट जाती है।

शहर के बाहर से आए ग्राहक अपनी पसंद की दुकान से खरीदी करना चाहते हैं। बंद मिलने पर वे दोबारा आते हैं। एक पट्टी की दुकानें खुली रहने पर दूसरी पट्टी के दुकानदार भी बाजार में ही रहते हैं। ग्राहक को सामान खरीदी के लिए एक बाजार से दूसरे बाजार में जाना पड़ता है।

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