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दीपावली की छुटि्टयों में मंडी की सफाई कराई:जेसीबी से निकाला दो टन कचरा, सफाई के दौरान सब्जी मंडी में सड़े आलू फेंकने पर विवाद

उज्जैन20 दिन पहले
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मुहूर्त के सौदे से पहले चिमनगंज स्थित मंडी परिसर की सफाई कराई गई। - Dainik Bhaskar
मुहूर्त के सौदे से पहले चिमनगंज स्थित मंडी परिसर की सफाई कराई गई।

संभाग की सबसे बड़ी कृषि उपज मंडी में मुहूर्त के सौदे 9 नवंबर को हैं। इसके पहले मंडी परिसर में सफाई अभियान चलाया जा रहा है। दीप पर्व के अवकाश के कारण आवाजाही भी सीमित हो गई है। ऐसे में दो तरह से सफाई करवाई जा रही है। जिन स्थानों पर लंबे समय से कचरा जमा है, वहां जेसीबी चलाई जा रही है जबकि परिसर में सफाई कर्मचारी इस काम में जुटे हैं। मंडी अफसरों के अनुसार दो टन कचरा निकाला गया है।

सब्जी मंडी में सफाई के दौरान सड़े आलू फेंकने पर विवाद की स्थिति भी बनी। इसके बाद अफसरों ने व्यापारियों को हिदायत दी है कि वे सड़े आलू मंडी में न फैलाएं। नीलामी शेड पर उन्हीं आलू, प्याज, लहसुन को रखें जो खरीद फरोख्त के लिए लाए गए हैं। इसके अलावा जो आलू, प्याज और लहसुन सड़ गए हैं या लंबे समय से रखें हैं, उन्हें हटाने में भी मदद करें।

चिमनगंज मंडी तीन परिसर में बंटी है। मुख्य परिसर में अनाज की नीलामी होती है जबकि एक भाग में थोक सब्जी, आलू, प्याज और लहसुन की खरीद फरोख्त की जाती है। एक अन्य भाग जो मंडी से बाहर है इसमें फल की थोक खरीद फरोख्त होती है। लंबे समय से सफाई नहीं होने से व्यापारियों ने नाराजगी जताई थी।

मंडी अफसरों का कहना है कि सीजन शुरू होने के बाद सुबह 5 बजे से रात 8 बजे तक किसानों, व्यापारियों, हम्माल, तुलावटियों की आवाजाही होती है। ऐसे में सफाई के बीच व्यवधान आता है। दीप पर्व के लंबे अवकाश के दौरान मंडी में समग्र रूप से सफाई अभियान चलाया गया। इसमें व्यापारियों ने भी सहयोग किया।

दो साल निगम ने की सफाई
मंडी परिसर में सफाई के लिए मंडी समिति ने नगर निगम का भी सहयोग लिया था। मंडी समिति ने निगम के साथ एमओयू भी साइन किया था। इसके तहत दो साल तक निगम के संसाधनों से मंडी में सफाई की गई। यहां से निकलने वाले कचरे को ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचाया जाता था। एमओयू की समय सीमा खत्म होने के बाद उसे आगे नहीं बढ़ाया जा सका। ऐसे में सफाई व्यवस्था फिर से मंडी प्रशासन के पास आ गई।

निजी एजेंसी को देंगे जिम्मेदारी
मंडी सचिव उमेश बसेड़िया ने बताया मंडी में सफाई का जिम्मा निजी एजेंसी को देने के लिए टेंडर हो गए हैं। मुख्यालय से अनुमति मिलते ही एजेंसी काम में जुट जाएगी। इसके पहले मंडी में सफाई कर्मचारियों और व्यापारियों की मदद से कचरा हटाया जा रहा है।

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