गरीबों का 1926 क्विंटल गेहूं उड़ाया:उज्जैन के वेयर हाउस ने एक बोरी से साढ़े तीन किग्रा कम कर दिया, केस दर्ज

उज्जैन3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
  • रबी खरीदी में पिंगलेश्वर स्थित हरसिद्धि वेयर हाउस को बनाया था उपार्जन केंद्र

पिछले साल रबी के सीजन में किसानों से खरीदे गए गेहूं की बोरियों का वजन वेयर हाउस मालिक ने कम कर दिया। प्रत्येक बोरी में साढ़े तीन से चार किग्रा गेहूं की मात्रा कम निकली। वेयर हाउस मालिक के पास गेहूं का लेखा-जोखा भी नहीं मिला। इसके चलते इसके चलते वेयर हाउस मालिक भूपेन्द्र पुत्र अतुल वर्मा निवासी गणेशपुरी, खजराना इंदौर पर FIR दर्ज करा दी गई है। प्रारंभिक जांच में 1926 क्विंटल गेहूं कम मिला है।

पिंगलेश्वर स्थित हरसिद्धि वेयर हाउस में कम तुलाई की शिकायत मिलने बाद कलेक्टर आशीषसिंह ने खाद्य विभाग, मप्र स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन, मप्र वेयरहाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन व नापतौल विभाग के अधिकारियों की जांच टीम बनाई थी। टीम ने बुधवार को मौके का निरीक्षण किया और बोरियां उतरवाकर उनकी तुलाई कराई। जिसमें पता चला कि प्रत्येक बोरी में साढ़े तीन से चार किग्रा वजन कम है। इतना ही नहीं जांच में वेयर हाउस मालिक के पास स्टोर किए गेहूं का लेखा-जोखा भी नहीं मिला।

ब्लैकलिस्ट होगा हरसिद्धि वेयरहाउस
जांच में गड़बड़ी मिलने पर वेयर हाउस एण्ड लॉजिस्टिक कार्पोरेशन द्वारा वेयर हाउस को ब्लैक लिस्टेड करने की तैयारी की जा रही है। कम हुए गेहूं की राशि भी वेयर हाउस मालिक से वसूली जाएगी। इसके साथ ही वेयर हाउस मालिक भूपेन्द्र पुत्र अतुल वर्मा निवासी खजराना इन्दौर के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 तथा भारतीय दण्ड संहिता की धारा-34, 120 बी, 418 एवं 420 के तहत पुलिस थाना पवासा उज्जैन में एफआईआर दर्ज की गई है।

ऐसे पकड़ी चोरी -

जांच में वेयर हाउस में स्टोर गेहूं की स्टेक क्रमांक 1, 2, 3, 4, 5, 8 तथा 9 से गेहूं की बोरियां निकालकर इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटे पर तोला। गेहूं की बोरियों का वजन 50 किलोग्राम से औसत वजन प्रति बोरी 3.50 किलोग्राम कम होना पाया गया है। इस प्रकार वेयर हाउस में संग्रहित 55645 में प्रति बोरी 3.50 किलोग्राम के मान से गेहूं 1926 क्विंटल प्रांरभिक कमी पता चली। हरसिद्धी वेयर हाउस मालिक ने पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर 55645 बोरी गेहूं खरीदकर भंडारण किया था। तब गेहूं का वजन 27822.15 क्विंटल था।

खबरें और भी हैं...