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कोरोना की थर्ड वेव में होम आइसोलेशन:​​​​​​​वेक्सीनेशन से ट्रेंड बदला, वेक्सीन से एंटी बॉडी डेवलप हुई, इससे कोरोना वायरस का अटैक कम हुआ

उज्जैन16 दिन पहले
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  • इसी वजह से मरीज या तो एंसिम्प्टोमेटिक आ रहे या उनमें माइल्ड लक्षण
  • डॉक्टर बोले होम आइसोलेट करने की भी यही वजह

कोरोना के एक माह में 156 मरीज आने के बाद अभी तक करीब 10 मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती करने की नौबत आई है। सभी मरीज या तो एंसिम्प्टोमेटिक हैं या उनमें न के बराबर ही कोरोना के लक्षण हैं। कोरोना वायरस का अटैक दूसरी लहर जितना ही घातक है, लेकिन चूंकि वैक्सीन के एक या दोनों डोज लग जाने से लोगों में एंटीबॉडी डेवलप हो चुकी हे। इस वजह से उनमें वायरस का अटैक इतना घातक नहीं है।

कोरोना के नोडल अधिकारी डॉ. एचपी सेानानिया ने बताया कि 8 दिसंबर से अभी तक 156 मरीज कोरोना पॉजिटिव आए हैं। इनमें से 16 मरीज ठीक होकर घर जा चुके हैं या होम आइसोलेशन में ही ठीक हो चुके हैं। इन 16 मरीजों में से भी केवल 2 ही मरीजों को ऑक्सीजन की जरुरत पड़ी थी। जबकि केवल 3 मरीजों का सीटी स्कैन कराने की आवश्यकता पड़ी है।

यह तीसरी लहर ही है कि बीते सात दिनों में तेजी से वायरस का संक्रमण बढ़ा है। लेकिन इस बार अच्छी बात ये है कि कोरोना लोगो को उतना नुकसान नहीं पहुंचा रहा है, जितना दूसरी लहर में पहुंचाया था। दरअसल लोगों में वैक्सीन के कारण एंटीबॉडी डेवलप हो चुकी है। डॉ. सोनानिया ने बताया उज्जैन में आए 156 पॉजिटिव केस में से 18 साल से अधिक उम्र के जितने भी लोग कोरोना पॉजिटिव आए हैं उन्होंने सभी ने कोरोना का वैक्सीन लगवा लिया था।

ट्रेवल हिस्ट्री -

अब तक पॉजिटिव आए मरीजों में 44 मरीजों की ट्रेवल हिस्ट्री सामने आई है। यानी वे उज्जैन के बाहर से कोरोना संक्रमण लेकर आए। जबकि कोरोना पॉजिटिव संक्रमित मरीजों के संपर्क में आने से 24 मरीज पॉजिटिव आए हैं। इनकी कांटेक्ट ट्रेवल हिस्ट्री पाई गई है। जबकि अन्य मरीजों को पता नहीं चला कि वे कोरोना कहां से संक्रमित हुए।

मास्क से ही रोका जा सकता है तीसरी लहर को –

डॉ. सोनानिया ने कहा कि तीसरी लहर आ ही चुकी है। अभी भी सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहने बगैर लोग इकट्‌ठा हो रहे हैं। भीड़ में यह तेजी से फैल सकता है, इसलिए मास्क के साथ सोशल डिस्टेंसिंग भी बेहद जरूरी है। इतनी तेजी से बढ़ रहे मरीज कोविड-19 की गाइडलाइन का पालन नहीं करने के कारण ही बढ़ रहे हैं।

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